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रामभद्राचार्य जी की रामकथा: रामलला का हुआ जन्म, जयकारों से गूंजा पांडाल, 'मीना बाजार नहीं अब सीता बाजार कहिए'
Wed, 05 Apr 2023 08:53 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 05 Apr 2023 08:53 PM IST
सार
आगरा में जगदगुरु तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य जी रामकथा का वाचन कर रहे हैं। कथा के तीसरे दिन श्रद्धा-भक्ति और उत्साह के साथ भगवान राम के जन्म की लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मीना बाजार को अब सीता बाजार कहिए।
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आगरा में रामकथा का वाचन करते रामभद्राचार्य जी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में श्रद्धा-भक्ति, उल्लास और उत्साह के साथ बुधवार को चित्रकूट धाम बने कोठी मीना बाजार में जन-जन के आराध्य भगवान राम के जन्म की लीला का वर्णन जगदगुरु तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने किया। प्रभु राम का जन्म होते ही पूरा पांडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्रोता मौजूद रहे।
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1008 कुंडीय यज्ञ में भी भाग लेने को तैयार आगरावासी
अयोध्या में 12 से 20 जनवरी तक तुलीपीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य जी 1008 कुंडीय हनुमंत यज्ञ का आयोजन करने जा रहे हैं। इसके मुख्य यजमान खुद रामभद्राचार्य जी है। इसके अलावा आगरा के सुदेश वर्मा, अंजना वर्मा, धन कुमार जैन और गौरव बंसल नें 21 कुंडों की सेवा ली है। इसके अलावा शहर के करीब 45 परिवार भी इस यज्ञ में यजमान की भूमिका में रहेंगे।
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मीना बाजार नहीं अब से बोलो सीता बाजार
रामकथा के तीसरे दिन चित्रकूट धाम बने कोठी मीना बाजार के नाम को तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने कहा कि मीना बाजार में हिंदू स्त्रियों की बोली लगती थी। अब न तो मुगलिया शासन है और न ही मुगल शासक ऐसे में हमें उस दुष्प्रथा से नाम पर इस स्थल का नाम बदलकर सीता बाजार कर देना चाहिए। इसके लिए उन्होंने एटा के सासंद रामशंकर कठेरियों को जरूरी लिखा-पढ़ी करने के निर्देश भी मंच से दे दिए।
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रामलला के जन्म की कथा पर झूमते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला