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यूपीः राम की बरात पर छिड़ी 'महाभारत', शोभायात्रा को मिली सशर्त अनुमति
Tue, 15 Oct 2019 02:50 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 15 Oct 2019 02:50 PM IST
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श्रीराम की बरात (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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आंवलखेड़ा में आज (मंगलवार) को प्रशासन की सशर्त अनुमति के रामबरात की शोभायात्रा निकलेगी। इधर, आयोजन समिति ने अधिकारियों के मौखिक आश्वासन पर ही पूरी तैयारियां कर ली थीं।
सोमवार को बिना अनुमति के ही सीताजी का डोला निकाला गया था। लेकिन, अब सशर्त अनुमति मिलने के बाद आयोजक तैयारियों में जुट गए हैं।
आंवलखेड़ा में श्रीराम बरात की अनुमति को लेकर प्रशासन ने पहले आयोजकों की अनुमति को निरस्त कर कई लोगों को पाबंद कर दिया गया था। इसको लेकर न सिर्फ ग्रामीण बल्कि विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई संगठन प्रशासन के विरोध में खड़े हुए थे। उन्होंने दो टूक एलान कर दिया कि प्रशासन अनुमति नहीं भी देता है तो भी वह श्रीराम की बरात निकालेंगे।
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सोमवार को बिना अनुमति के ही सीताजी का डोला निकाला गया था। लेकिन, अब सशर्त अनुमति मिलने के बाद आयोजक तैयारियों में जुट गए हैं।
आंवलखेड़ा में श्रीराम बरात की अनुमति को लेकर प्रशासन ने पहले आयोजकों की अनुमति को निरस्त कर कई लोगों को पाबंद कर दिया गया था। इसको लेकर न सिर्फ ग्रामीण बल्कि विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सहित कई संगठन प्रशासन के विरोध में खड़े हुए थे। उन्होंने दो टूक एलान कर दिया कि प्रशासन अनुमति नहीं भी देता है तो भी वह श्रीराम की बरात निकालेंगे।
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मगर, पिछले दिनों विधायक रामप्रताप सिंह चौहान तथा आयोजन समिति के पदाधिकारियों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ताएं हुईं थीं।
इसमें आयोजकों को आश्वासन तो दिया गया लेकिन अनुमति नहीं दी गई। बता दें कि पूर्व में यह आयोजन 11 अक्टूबर को होना था। मगर, प्रशासन की अनुमति न मिलने से इसे स्थगित कर दिया था।
बाद में इसकी तारीख 15 अक्टूबर तय की गई। समिति के उपाध्यक्ष भूपेंद्र भारद्वाज का कहना था कि यदि श्रीराम की बरात निकालने की अनुमति नहीं दी गई तो वह बगावत कर देंगे।
इसमें आयोजकों को आश्वासन तो दिया गया लेकिन अनुमति नहीं दी गई। बता दें कि पूर्व में यह आयोजन 11 अक्टूबर को होना था। मगर, प्रशासन की अनुमति न मिलने से इसे स्थगित कर दिया था।
बाद में इसकी तारीख 15 अक्टूबर तय की गई। समिति के उपाध्यक्ष भूपेंद्र भारद्वाज का कहना था कि यदि श्रीराम की बरात निकालने की अनुमति नहीं दी गई तो वह बगावत कर देंगे।
बरात से हो गई शोभायात्रा
श्रीराम की बरात निकाले की अनुमति के आवेदन की आपत्ति के बाद आयोजकों ने इसमें बदलाव कर दिया था। उन्होंने श्रीराम बरात की बजाय श्रीराम शोभायात्रा निकाले जाने के लिए पुन: आवेदन किया था। इसके बाद प्रशासन ने सशर्त अनुमति दी।
श्रीराम की बरात निकाले की अनुमति के आवेदन की आपत्ति के बाद आयोजकों ने इसमें बदलाव कर दिया था। उन्होंने श्रीराम बरात की बजाय श्रीराम शोभायात्रा निकाले जाने के लिए पुन: आवेदन किया था। इसके बाद प्रशासन ने सशर्त अनुमति दी।