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रक्षाबंधन 2021: कृष्ण-बलराम को बनाया भाई, हर साल नंदभवन में राखियां भेजती हैं बहनें
Sun, 22 Aug 2021 12:18 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 22 Aug 2021 12:18 AM IST
सार
नंदगांव के नंदभवन मंदिर में देशभर से राखी आई हैं। कोई राखी चांदी की है तो कोई रेशम के धागे से बनाई गई है।
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रोशनी से नहाया नंदभवन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ब्रज में कान्हा के भक्तों की बात ही निराली है। वे अपने आराध्य को खुश करने के किसी भी अवसर को नहीं खोना चाहते। नंदगांव और अन्य स्थानों की सैकड़ों युवतियों ने कृष्ण-बलराम को अपना भाई बनाया है। प्रतिवर्ष रक्षाबंधन पर वे स्वयं आकर या डाक से कृष्ण-बलराम और राधारानी के लिए राखियां, मिठाई, रोली, चावल आदि नंदभवन में भेजती हैं। इन युवतियों ने कृष्ण और बलराम को अपना भाई तथा राधारानी को अपनी भाभी मान रखा है।
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कोई बहन रेशम के धागे की राखी भेजती है तो कोई चांदी की। इन राखियों के साथ बहनें कुशल खेम की एक पाती भी भेजती हैं। नंदभवन के सेवायत मुकेश गोस्वामी ने बताया कि हसनपुर होडल से पिछले 18 वर्ष से स्नेहलता, कृष्ण-बलराम और राधारानी के लिए चांदी की राखियां भेजती चली आ रही हैं।
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मुंबई-पूना से आईं राखियां
शादी से पहले भी वे कृष्ण-बलराम को राखियां अर्पित करतीं थीं। मेरठ से दीपिका भी हर वर्ष राखी भेजती हैं। सेवायत सुशील गोस्वामी ने बताया कि गोरखपुर से उत्तरा अग्रवाल, मुंबई से अनुराधा शान बाग, पूना से गीता गोस्वामी, लखनऊ से तुलसी गोस्वामी, मुंबई से ब्रज के संत कन्हैया बाबा की बहनें कृष्णा वेन और देवी वेन आदि वर्षों से नंदभवन में राखी और मिठाई भेजती चली आ रही हैं।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भी बंधेगी राखी
नंदगांव में रक्षाबंधन के अलावा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखियां बांधती हैं। ऐसी बहनें जो किसी व्यस्तता के चलते रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर राखी न बांध पाई हों, उनको राखी बांधने का अवसर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मिल जाता है। इस दिन कृष्ण-बलराम को भी राखी बांधी जाती हैं।