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कलाई पर सजेंगी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित राखियां , जिला मुख्यालय पर लगाया गया है स्टॉल
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कलक्ट्रेट पर राखी बिक्री के लिए स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाया गया राखी का स्टॉल
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। इस रक्षाबंधन लोगों की कलाई पर महिला स्वयं सहायता समूूह की ओर से बनाई गई हैंडमेड राखी सजेगी। कलक्ट्रेट परिसर में स्टॉल लगाकर इनकी बिक्री की जा रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहा है। इसी के तहत समूह की महिलाओं ने इस बार राखियां बनाईं हैं। हाथ से तैयार की गई इन राखियों की बिक्री शुरू हो गई है। इसके लिए कलक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर स्टॉल लगाया गया है।
इस स्टॉल पर विकास खंड सुल्तानगंज के लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह ललूपुर की बनाई गई राखियों की बिक्री की जा रही है। लोगों को ये राखियां खूब पसंद आ रही हैं। समूह की महिला रीना ने बताया कि उनकी बनाई गई राखियों की कीमत पांच से लेकर 20 रुपये तक है। इन राखियों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। जल्द ही विकास भवन में भी स्टॉल लगाकर राखियों की बिक्री की जाएगी।
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लोगों को पसंद आ रहा सारस सर्किट का बैग
राखी के स्टॉल पर सारस सर्किट के बैग की भी बिक्री की जा रही है। कपड़े से बने इस बैग की कीमत सौ रुपये निर्धारित की गई है। ये बैग लोगों को खूब पंसद आ रहा है। एक ओर ं इस बैग के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय बढ़ रही है तो वहीं दूसरी ओर सारस सर्किट पर्यटन क्षेत्र का प्रचार प्रसार भी हो रहा है।
पहले दीये, फिर गुलाल अब आई राखी की बारी...
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अब त्योहारों के हिसाब से कमाई का जरिया दिया जा रहा है। पहले ये महिलाएं दीवाली पर मोमबत्ती और दीये बेचती थीं। इसके लिए त्योहार से दो दिन पहले से कलक्ट्रेट व विकास भवन में स्टॉल लगाए जाते थे। इस साल होली से करीब एक हफ्ता पहले महिलाओं ने गुलाल व रंग की भी स्टॉल लगाई थी। इस बार रक्षाबंधन के त्योहार में करीब 20 दिन का समय है और अभी से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉल कलक्ट्रेट में सज गए हैं।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की बनाई गई राखियों की बिक्री स्टॉल लगाकर की जा रही है। लोग इन राखियों की खरीदें ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके। -पीसी राम, डीसी एनआरएलएम
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहा है। इसी के तहत समूह की महिलाओं ने इस बार राखियां बनाईं हैं। हाथ से तैयार की गई इन राखियों की बिक्री शुरू हो गई है। इसके लिए कलक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर स्टॉल लगाया गया है।
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इस स्टॉल पर विकास खंड सुल्तानगंज के लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह ललूपुर की बनाई गई राखियों की बिक्री की जा रही है। लोगों को ये राखियां खूब पसंद आ रही हैं। समूह की महिला रीना ने बताया कि उनकी बनाई गई राखियों की कीमत पांच से लेकर 20 रुपये तक है। इन राखियों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। जल्द ही विकास भवन में भी स्टॉल लगाकर राखियों की बिक्री की जाएगी।
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लोगों को पसंद आ रहा सारस सर्किट का बैग
राखी के स्टॉल पर सारस सर्किट के बैग की भी बिक्री की जा रही है। कपड़े से बने इस बैग की कीमत सौ रुपये निर्धारित की गई है। ये बैग लोगों को खूब पंसद आ रहा है। एक ओर ं इस बैग के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय बढ़ रही है तो वहीं दूसरी ओर सारस सर्किट पर्यटन क्षेत्र का प्रचार प्रसार भी हो रहा है।
पहले दीये, फिर गुलाल अब आई राखी की बारी...
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अब त्योहारों के हिसाब से कमाई का जरिया दिया जा रहा है। पहले ये महिलाएं दीवाली पर मोमबत्ती और दीये बेचती थीं। इसके लिए त्योहार से दो दिन पहले से कलक्ट्रेट व विकास भवन में स्टॉल लगाए जाते थे। इस साल होली से करीब एक हफ्ता पहले महिलाओं ने गुलाल व रंग की भी स्टॉल लगाई थी। इस बार रक्षाबंधन के त्योहार में करीब 20 दिन का समय है और अभी से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉल कलक्ट्रेट में सज गए हैं।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की बनाई गई राखियों की बिक्री स्टॉल लगाकर की जा रही है। लोग इन राखियों की खरीदें ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके। -पीसी राम, डीसी एनआरएलएम