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इनसे समझो क्या होती है आजादी: पांच दशकों तक जंजीरों में जकड़ा रहा, अब राजू ले रहा खुली हवा में सांस

Wed, 05 Jul 2023 01:28 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 05 Jul 2023 01:28 PM IST
सार

तालाब में मस्ती, ताजे फल और सब्जी का आनंद उठाते हुए राजू ने आजादी के 10वें साल का जश्न मनाया। करीब पांच दशक तक वो जंजीरों में जकड़ा रहा। 
 

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Raju celebrated the 10th year of independence at the Elephant Conservation Home
हाथी राजू - फोटो : wild life sos

विस्तार

अपने जीवन का आधे से ज्यादा समय गुलामी की जंजीरों में बिताने वाले राजू हाथी ने बुधवार को अपनी आजादी का 10 वां साल मनाया। पांच दशकों तक जंजीरों में जकड़े और महावत के अंकुश से आहत राजू को अपने जख्म भूलाने में सालों लग गए। फिलहाल चुरमुरा स्थित हाथी संरक्षण गृह में राजू एक स्वस्थ्य व खुशहाल जीवन बिता रहा है।
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10 साल पहले लाया गया संरक्षण केन्द्र में 

10 साल पहले जब राजू वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा संचालित संरक्षण केंद्र में आया था तो कांटेदार जंजीरों में जकड़े रहने के कारण उसके पैरों में जख्म बन चुके थे, जो नासूर बनकर उसे हर समय भयंकर पीड़ा देते थे। संरक्षण केंद्र आने से पहले पचास सालों में राजू के मालिक कई बार बदले लेकिन नहीं बदली तो उसकी दुर्दशा। राजू उनके लिए सिर्फ पैसा कमाने का जरिया था। चार जुलाई 2013 को जब उसे प्रयागराज से रेस्क्यू किया गया तो उसके कूल्हों और पैरों पर फोड़े थे। उसकी पूंछ तक जख्मी थी।
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Raju celebrated the 10th year of independence at the Elephant Conservation Home
हाथी राजू - फोटो : wild life sos

अब हालत में है सुधार

वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि नियमित देखभाल और सही चिकित्सकीय सेवाओं के चलते राजू की हालत में सुधार आया और अब वह सामान्य जीवन जी रहा है। सह संस्थापक गीता शेषमणि कहती हैं कि हम राजू की डाइट का विशेष ध्यान रखते हैं। उसे गर्मी के दिनों में घंटों पूल में बिताना पसंद है। डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट बैजूराज एमवी ने बताया कि वर्तमान में राजू के पैर के फोड़े और पूंछ के घाव का इलाज चल रहा है और राजू अपनी आजादी से आनंदित है।

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