फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Rajasthan's claim over Jaipur House is incorrect; the land was purchased back in 1969.

Agra News: जयपुर हाउस पर राजस्थान का दावा गलत, 1969 में ही खरीद ली थी जमीन

Sat, 19 Sep 2026 02:44 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:44 AM IST
विज्ञापन
Rajasthan's claim over Jaipur House is incorrect; the land was purchased back in 1969.
नगर महापालिका, आगरा ने जयपुर हाउस योजना की इस भूमि की रजिस्ट्री कराई
आगरा। जयपुर रियासत की आगरा में मौजूद संपत्ति जयपुर हाउस और दो मंदिरों को अपने नाम दर्ज कराने के लिए राजस्थान सरकार के पत्र की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। राजस्व अभिलेखों और आगरा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कागजातों से पता चला कि जयपुर हाउस की 100 बीघा जमीन और एक मंदिर की जमीन राजस्थान सरकार के पीडब्ल्यूडी प्राॅपर्टी ऑफिसर से वर्ष 1969 में 6.50 लाख रुपये में खरीदी गई। 31 मई 1969 को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नगर महापालिका, आगरा ने जयपुर हाउस योजना की इस भूमि की रजिस्ट्री कराई।
विज्ञापन

आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) में यह दस्तावेज मिलने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। राजस्थान सरकार के दावे के बाद से ही जयपुर हाउस के 350 भवन मालिक संशय में थे। सूत्रों के मुताबिक, आगरा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने वर्ष 1951 से जयपुर हाउस की जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की लेकिन इसे वर्ष 1954 में रोक दिया गया। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम खतैना के खसरा नंबर 554 की 59 बीघा 17 बिस्वा (59-17-0) जमीन को उस समय नगर महापालिका, आगरा के मुख्य नगर अधिकारी ने 31 मई 1969 को पीडब्ल्यूडी राजस्थान के प्रॉपर्टी ऑफिसर से रजिस्ट्री कर खरीदा था।
विज्ञापन

इसके बाद 11 सितंबर 1974 को अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट के तहत प्रकाशित अधिसूचना के क्रम में, एक्ट की धारा-59 की उपधारा-2 व 6(सी) के अंतर्गत इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की यह संपत्ति आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) में शामिल हो गई। इसी वैधानिक प्रक्रिया के तहत वर्तमान में इस पूरी भूमि पर आगरा विकास प्राधिकरण का भू-स्वामित्व व पूर्ण अधिकार है, जिस पर जयपुर हाउस योजना विकसित की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक बीघा 6 बिस्वा मंदिर की जगह
दस्तावेजों में दर्ज है कि जयपुर हाउस योजना के लिए ग्राम खतैना के खसरा नंबर 553 व 554 की कुल 103 बीघा 3 बिस्वा भूमि में से कालभैरव मंदिर की 1 बीघा 6 बिस्वा भूमि को छोड़कर शेष 101 बीघा 17 बिस्वा (101-17-0) भूमि 31 मई 1969 को रजिस्ट्री द्वारा खरीदी गई थी। राजस्थान सरकार ने वर्ष 1952 के गजट के अनुसार 100 बीघा जमीन और दो कोठियों के साथ दो मंदिरों पर अपना नाम दर्ज कराने के लिए मुख्य सचिव को पत्र भेजा था। अब एडीए का रजिस्ट्री पत्र सामने आने के बाद जयपुर हाउस समेत अन्य संपत्तियों पर दावा बेदम हो गया है। आगरा में दोनों कोठियां भी खरीदी गई थीं। आगरा के साथ राजस्थान सरकार ने मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी में जयपुर रियासत की संपत्तियों पर भी दावा किया है।


वर्जन
दस्तावेज की जांच से स्पष्ट है कि जमीन नगर महापालिका ने राजस्थान सरकार के पीडब्ल्यूडी से खरीदी थी। रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जा रही है। शासन के स्तर पर जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार आगे कार्रवाई करेंगे। - एम अरुन्मौली, उपाध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed