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एक सप्ताह बाद हुई बारिश, उमस भरी गर्मी से मिली राहत
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कासगंज में बारिश के दौरान एक स्कूटी पर बारिश से बचने के लिए छाता लगाकर निकलते सवार
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। एक सप्ताह के बाद बारिश होने से मौसम का मिजाज बदल गया। लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई। वहीं बारिश के बाद गन्ना, धान, बाजरा सहित अन्य फसलों को संजीवनी मिल गई। जिससे किसानों के चेहरे पर चमक आ गई।
जिला में 13 अगस्त को रात के समय बारिश हुई थी। इसके बाद बारिश न होने से मौसम में काफी गर्मी बढ़ गई। उमस भरा मौसम हो जाने से हर कोई अकुलाहट महसूस करने लगा। गर्मी बढ़ने से खेतों में फसलों के सूखने का खतरा पैदा हो गया। सभी लोग इंद्रदेव से बारिश होने की कामना कर रहे थे। सुबह से मौसम में बदलाव आने लगा।
आसमान में बादल घिर आए। सुबह लगभग 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद दिन में कई बार झमाझम बारिश हुई। इससे पारा भी नीचे आ गया। अधिकतम पारा 33 डिग्री तक पहुंच सका। पारा गिर जाने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई। बारिश से किसानों के चेेहरे भी खिल गए। खेतों में गन्ना, धान, बाजार, मक्का, अरबी सहित अन्य फसलों को पानी मिल जाने से अब किसान को इन फसलों में जल्द ही सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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इधर बारिश से बाजार में पर्व से संबंधित खरीदारी करने के लिए आए लोगों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। जो लोग बाजार में छाता लेकर नहीं आए थे वे बारिश होते ही इधर उधर खड़े हो जाते। बारिश बंद होते ही वे फिर से खरीदारी में जुट जाते। ऐसा दिन में कई बार हुआ।
पिछले कई दिनों से बारिश न होने से फसलें सूखने लगी थी। जिससे किसान की चितित था, लेकिन बारिश हो जाने से सभी फसलों को काफी लाभ मिला है। अब किसान को जल्द ही फसल में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होगी- रमेश किसान, प्यारमपुर
बारिश न होने से मौसम में गर्मी काफी बढ़ थी, जिसका असर फसलों पर पड़ने लगा था। बारिश हो जाने के बाद गन्ना, धान, बाजारा की फसल को काफी फायदा मिला है। अब ये फसलें सूखने से बच जाएंगी। - कुलदीप किसान प्यारमपुर
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जिला में 13 अगस्त को रात के समय बारिश हुई थी। इसके बाद बारिश न होने से मौसम में काफी गर्मी बढ़ गई। उमस भरा मौसम हो जाने से हर कोई अकुलाहट महसूस करने लगा। गर्मी बढ़ने से खेतों में फसलों के सूखने का खतरा पैदा हो गया। सभी लोग इंद्रदेव से बारिश होने की कामना कर रहे थे। सुबह से मौसम में बदलाव आने लगा।
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आसमान में बादल घिर आए। सुबह लगभग 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद दिन में कई बार झमाझम बारिश हुई। इससे पारा भी नीचे आ गया। अधिकतम पारा 33 डिग्री तक पहुंच सका। पारा गिर जाने से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल गई। बारिश से किसानों के चेेहरे भी खिल गए। खेतों में गन्ना, धान, बाजार, मक्का, अरबी सहित अन्य फसलों को पानी मिल जाने से अब किसान को इन फसलों में जल्द ही सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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इधर बारिश से बाजार में पर्व से संबंधित खरीदारी करने के लिए आए लोगों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। जो लोग बाजार में छाता लेकर नहीं आए थे वे बारिश होते ही इधर उधर खड़े हो जाते। बारिश बंद होते ही वे फिर से खरीदारी में जुट जाते। ऐसा दिन में कई बार हुआ।
पिछले कई दिनों से बारिश न होने से फसलें सूखने लगी थी। जिससे किसान की चितित था, लेकिन बारिश हो जाने से सभी फसलों को काफी लाभ मिला है। अब किसान को जल्द ही फसल में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होगी- रमेश किसान, प्यारमपुर
बारिश न होने से मौसम में गर्मी काफी बढ़ थी, जिसका असर फसलों पर पड़ने लगा था। बारिश हो जाने के बाद गन्ना, धान, बाजारा की फसल को काफी फायदा मिला है। अब ये फसलें सूखने से बच जाएंगी। - कुलदीप किसान प्यारमपुर