{"_id":"650fa483713d09450e04bb83","slug":"radha-soami-satsang-sabha-established-swarg-dham-in-poiya-ghat-submergence-area-2023-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Satsang Sabha: पोइया घाट डूब क्षेत्र में सत्संगियों ने बसा दिया 'स्वर्ग धाम', लगा दिए बोर्ड- ये निजी भूमि है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Satsang Sabha: पोइया घाट डूब क्षेत्र में सत्संगियों ने बसा दिया 'स्वर्ग धाम', लगा दिए बोर्ड- ये निजी भूमि है
Sun, 24 Sep 2023 08:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 24 Sep 2023 08:22 AM IST
सार
यमुना के डूब क्षेत्र में गेहूं की खेती होती है। यहां एक बोर्ड भी लगाया गया है, जिस पर लिखा है कि ये निजी भूमि है। जब सिंचाई विभाग ने नोटिस दिया तो जवाब दिया कि बायोडायवर्सिटी पार्क बना रहे हैं।
विज्ञापन
पोइया घाट डूब क्षेत्र में सत्संगियों ने बसा दिया 'स्वर्ग धाम'
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राधास्वामी सत्संग सभा ने पोइया घाट (श्मशान घाट) के सामने यमुना के डूब क्षेत्र की तारबंदी कर उसे ‘स्वर्ग धाम- वैकुंठ धाम’ नामकरण कर दिया है। यहां लगे बोर्ड पर लिखा है यह राधास्वामी सभा की निजी संपत्ति है। बीते दिनों प्रशासन की ओर से सिंचाई विभाग ने नोटिस देकर जब तारबंदी का जवाब मांगा तो सत्संगियों ने यहां बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित करने का तर्क दिया था।
सत्संगियों ने अप्रैल माह में पोइया घाट के सामने यमुना के डूब क्षेत्र की तारबंदी शुरू की थी। नोटिस के जवाब में सत्संगियों ने यह भी बताया था कि स्थायी निर्माण नहीं किया जा रहा है। नाम स्वर्ग धाम-वैकुंठ धाम रखा है। उधर, ग्रामीणों के मुताबिक यहां हर पौधे का नंबर व क्यूआर कोड है। पूरे इलाके में टेंट, छोटे लाउडस्पीकर भी लगे हैं। ताकि एक कॉल पर सत्संगी इकट्ठे हो सकें। जबकि इसके उलट सत्संगियों का तर्क है कि सत्संग सुनने के लिए छोटे लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। खराबी और मरम्मत कार्य की कोडिंग के लिए नंबर दिए गए हैं।
वहीं इसी जमीन से सटी जमीनों पर गेंहू की खेती की जा रही है। पोइया के प्रेम कुमार ने बताया कि इस जमीन पर पहले वो लोग गेंहू की खेती करते थे, मगर अब यहां सत्संगी नहीं आने देते हैं। उन्होंने कब्जा कर रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सत्संगियों ने अप्रैल माह में पोइया घाट के सामने यमुना के डूब क्षेत्र की तारबंदी शुरू की थी। नोटिस के जवाब में सत्संगियों ने यह भी बताया था कि स्थायी निर्माण नहीं किया जा रहा है। नाम स्वर्ग धाम-वैकुंठ धाम रखा है। उधर, ग्रामीणों के मुताबिक यहां हर पौधे का नंबर व क्यूआर कोड है। पूरे इलाके में टेंट, छोटे लाउडस्पीकर भी लगे हैं। ताकि एक कॉल पर सत्संगी इकट्ठे हो सकें। जबकि इसके उलट सत्संगियों का तर्क है कि सत्संग सुनने के लिए छोटे लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। खराबी और मरम्मत कार्य की कोडिंग के लिए नंबर दिए गए हैं।
विज्ञापन
वहीं इसी जमीन से सटी जमीनों पर गेंहू की खेती की जा रही है। पोइया के प्रेम कुमार ने बताया कि इस जमीन पर पहले वो लोग गेंहू की खेती करते थे, मगर अब यहां सत्संगी नहीं आने देते हैं। उन्होंने कब्जा कर रखा है।
विज्ञापन