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राधा अष्टमी: विदेशी शासक और डाकू भी नहीं तोड़ पाए लाडली महल का तिलिस्म
Fri, 06 Sep 2019 12:12 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 06 Sep 2019 12:12 AM IST
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मंदिर बरसाना राधारानी
- फोटो : अमर उजाला
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लाडली के दरबार की हर बात निराली है। ऊंचे पर्वत शिखर पर लाड़ली का महल है। जिस पर समय के साथ साथ विदेशी शासक और डाकुओं की नजर पड़ी और उन्होंने लूटने का प्रयास किया, पर कभी सफल नही हो पाए।
हम बात कर रहे ब्रज नंदनी राधा रानी के निज महल जो ब्रह्मचल पर्वत पर स्थित है। उस महल पर अनेक बार लूटने का प्रयास किया गया। यह सब राधा रानी के तिलिस्म की बात है डाकू और विदेशी शासकों को हर बार खाली हाथ जाना पड़ा।
ये भी पढ़ें: राधा अष्टमी: ब्रज में राधारानी के जन्मोत्सव का उल्लास, हर तरफ राधे-राधे की गूंज
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200 वर्ष पूर्व भी राधा रानी के महल में डाकुओं ने चोरी करने की कोशिश की, लेकिन लाडली सरकार ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। रात के लगभग 11 बजे डाकू मंदिर की शिखर पर चढ़ गए जिस पर सोने का कलश लगा हुआ था।
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हम बात कर रहे ब्रज नंदनी राधा रानी के निज महल जो ब्रह्मचल पर्वत पर स्थित है। उस महल पर अनेक बार लूटने का प्रयास किया गया। यह सब राधा रानी के तिलिस्म की बात है डाकू और विदेशी शासकों को हर बार खाली हाथ जाना पड़ा।
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200 वर्ष पूर्व भी राधा रानी के महल में डाकुओं ने चोरी करने की कोशिश की, लेकिन लाडली सरकार ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। रात के लगभग 11 बजे डाकू मंदिर की शिखर पर चढ़ गए जिस पर सोने का कलश लगा हुआ था।
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सेवायत को अहसास हुआ कोई मंदिर की छत पर है तो सेवायतों को बहुत चिंता हो गई और लाडली जी से ही स्वयं की सुरक्षा की प्रार्थना की। लाडली जी ने डाकुओं को अंधा कर दिया और वापस चले गए। जानकारी बाबू लाल गोस्वामी ने दी।
सेवायत को अहसास हुआ कोई मंदिर की छत पर है तो सेवायतों को बहुत चिंता हो गई और लाडली जी से ही स्वयं की सुरक्षा की प्रार्थना की। लाडली जी ने डाकुओं को अंधा कर दिया और वापस चले गए। जानकारी बाबू लाल गोस्वामी ने दी।