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Agra News: पाठ्यक्रम से बाहर से आए प्रश्न, बीएएलएलबी का परिणाम किया संशोधित
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आगरा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीए एलएलबी प्रथम वर्ष का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। छात्रों ने दो प्रश्न पत्र में 11 प्रश्न बाहर के आने का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन किया था। इस पर विश्वविद्यालय ने विशेषज्ञों की समिति बनाई। जांच में प्रश्न बाहर के पाए गए। इन प्रश्नों को हल करने वाले छात्रों को अंक दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने 15 सितंबर को बीए एलएलबी प्रथम वर्ष का अधूरा परिणाम जारी कर दिया था। इसका छात्रों ने विरोध किया तो 48 घंटे बाद इसे वेबसाइट से हटा दिया। 30 सितंबर को फिर से परिणाम जारी किया, जिसमें राजनीति विज्ञान और इतिहास में अधिकांश छात्र अनुत्तीर्ण थे। इस पर छात्रों ने राजनीति विज्ञान के पेपर में 9 और इतिहास में दो प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से आने का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय का गेट बंद कर सहायक कुलसचिव को बंधक भी बना लिया था। इस पर बनाई समिति की जांच में प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर के मिले। इस पर विद्यार्थियों को इसके अंक दिए जाने की संस्तुति की है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि प्रश्नपत्र में 100 प्रश्नों में से 60 हल करने थे। प्रत्येक प्रश्नपत्र 75 अंक थे। राजनीति विज्ञान और इतिहास में जिन विद्यार्थियों ने इन प्रश्नों के उत्तर दिए हैं, उनको प्रति प्रश्न 1.25 अंक देकर संशोधित परिणाम जारी कर दिया है।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीए एलएलबी प्रथम वर्ष का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। छात्रों ने दो प्रश्न पत्र में 11 प्रश्न बाहर के आने का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन किया था। इस पर विश्वविद्यालय ने विशेषज्ञों की समिति बनाई। जांच में प्रश्न बाहर के पाए गए। इन प्रश्नों को हल करने वाले छात्रों को अंक दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने 15 सितंबर को बीए एलएलबी प्रथम वर्ष का अधूरा परिणाम जारी कर दिया था। इसका छात्रों ने विरोध किया तो 48 घंटे बाद इसे वेबसाइट से हटा दिया। 30 सितंबर को फिर से परिणाम जारी किया, जिसमें राजनीति विज्ञान और इतिहास में अधिकांश छात्र अनुत्तीर्ण थे। इस पर छात्रों ने राजनीति विज्ञान के पेपर में 9 और इतिहास में दो प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से आने का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय का गेट बंद कर सहायक कुलसचिव को बंधक भी बना लिया था। इस पर बनाई समिति की जांच में प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर के मिले। इस पर विद्यार्थियों को इसके अंक दिए जाने की संस्तुति की है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि प्रश्नपत्र में 100 प्रश्नों में से 60 हल करने थे। प्रत्येक प्रश्नपत्र 75 अंक थे। राजनीति विज्ञान और इतिहास में जिन विद्यार्थियों ने इन प्रश्नों के उत्तर दिए हैं, उनको प्रति प्रश्न 1.25 अंक देकर संशोधित परिणाम जारी कर दिया है।
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