{"_id":"691b8edf6aa17d920d03faef","slug":"pulwama-martyrs-nephew-beaten-by-parking-attendants-police-did-not-listen-to-him-agra-news-c-25-1-agr1034-919191-2025-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: पुलवामा शहीद के भतीजे को पार्किंग कर्मियों ने पीटा, पुलिस ने नहीं की सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: पुलवामा शहीद के भतीजे को पार्किंग कर्मियों ने पीटा, पुलिस ने नहीं की सुनवाई
विज्ञापन
आगरा। कैंट रेलवे स्टेशन स्थित अटल चौक के पास पार्किंग ठेकेदार के कर्मियों ने रविवार को पुलवामा शहीद काैशल किशोर रावत के भतीजे और उसके साथी के साथ गुंडई की। आरोप है कि पार्किंग के रुपयों के विवाद में दोनों को बेरहमी से पीटा। उनकी बाइक भी छीन ली। मारपीट की शिकायत लेकर पीड़ित थाना कैंट जीआरपी पहुंचे।
आरोप है कि शिकायत पर बाइक दिला दी गई मगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। इस बारे में शिकायत करने पर उल्टा उनको ही थाने में बैठा लिया। जानकारी पर परिजन पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर दिया। इस पर उसे छोड़ दिया गया। कार्रवाई के लिए थाना सदर भेजा। मगर यहां भी पुलिस ने आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। एसीपी सदर इमरान अहमद का कहना है कि शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गांव कहरई, थाना एकता निवासी कौशल किशोर रावत पुलवामा में शहीद हुए थे। उनके भाई सत्यप्रकाश रावत के बेटे उदय रावत और दोस्त अनिकेत भदौरिया नोएडा इंटरव्यू देने गए थे। आगरा कैंट की पार्किंग में अपनी बाइक खड़ी कर दी थी। इसके लिए पर्ची ली थी। इसके रुपये भी दे दिए थे। रविवार को वो वापस लौटकर आए। रेलवे स्टेशन की पार्किंग से बाइक उठाई। पर्ची ठेकेदार के कर्मचारी को दी।
विज्ञापन
पीड़ित उदय रावत के मुताबिक, जैसे ही वह अलट चौक पर पहुंचे पीछे से चार-पांच युवक आ गए। वह उनसे मारपीट करने लगे। इसके बाद बाइक छीन ली। यह देखकर लोगों की भीड़ लग गई। युवकों को भ्रम हो गया था कि उन्होंने पार्किंग शुल्क नहीं दिया है। इसलिए पीट रहे थे। बाद में वो बाइक ले गए। इस पर वह अपने दोस्त के साथ जीआरपी थाने पहुंचे। राजकीय रेलवे पुलिस को घटना बताई। इस पर कर्मचारी पार्किंग में पहुंचे। उनकी बाइक को दिला दिया।
-- -- -- -- --
पीड़ित के परिजनों ने किया हंगामा, तब हुई सुनवाई
पीड़ित उदय रावत का कहना था कि उन्होंने जीआरपी कर्मियों से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। मगर वो जाने की कहने लगे। बाद में जब उन्होंने जोर देकर कार्रवाई के लिए कहा तो जीआरपी थाने में ही बैठा लिया। इस बारे में उन्होंने परिजन को बताया। कुछ देर बाद गांव से परिजन आ गए। उन्होंने बिना वजह थाने में बैठाने पर हंगामा कर दिया। यह देख जीआरपी ने उन्हें छोड़ दिया। बाद में मामला थाना सदर का बताकर वहां पर जाकर शिकायत करने के लिए बोल दिया। आरोप है कि सदर थाने में भी कई घंटे तक सुनवाई नहीं हुई। आरोपियों को नहीं पकड़ा। थाने में भीड़ जुटने पर शिकायत दर्ज की। उदय को मेडिकल के लिए भेजा। पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश रावत ने कहा कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। बल्कि पीड़ित को ही थाने में बैठाया गया। एसीपी सदर इमरान अहमद ने बताया कि मामले जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पर्ची के रुपये देकर बाइक ले जा रहे थे जबकि पार्किंग ठेकेदार ने बिना शुल्क दिए बाइक ले जाने का आरोप लगाया। मारपीट के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
आरोप है कि शिकायत पर बाइक दिला दी गई मगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। इस बारे में शिकायत करने पर उल्टा उनको ही थाने में बैठा लिया। जानकारी पर परिजन पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर दिया। इस पर उसे छोड़ दिया गया। कार्रवाई के लिए थाना सदर भेजा। मगर यहां भी पुलिस ने आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। एसीपी सदर इमरान अहमद का कहना है कि शिकायत पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
गांव कहरई, थाना एकता निवासी कौशल किशोर रावत पुलवामा में शहीद हुए थे। उनके भाई सत्यप्रकाश रावत के बेटे उदय रावत और दोस्त अनिकेत भदौरिया नोएडा इंटरव्यू देने गए थे। आगरा कैंट की पार्किंग में अपनी बाइक खड़ी कर दी थी। इसके लिए पर्ची ली थी। इसके रुपये भी दे दिए थे। रविवार को वो वापस लौटकर आए। रेलवे स्टेशन की पार्किंग से बाइक उठाई। पर्ची ठेकेदार के कर्मचारी को दी।
विज्ञापन
पीड़ित उदय रावत के मुताबिक, जैसे ही वह अलट चौक पर पहुंचे पीछे से चार-पांच युवक आ गए। वह उनसे मारपीट करने लगे। इसके बाद बाइक छीन ली। यह देखकर लोगों की भीड़ लग गई। युवकों को भ्रम हो गया था कि उन्होंने पार्किंग शुल्क नहीं दिया है। इसलिए पीट रहे थे। बाद में वो बाइक ले गए। इस पर वह अपने दोस्त के साथ जीआरपी थाने पहुंचे। राजकीय रेलवे पुलिस को घटना बताई। इस पर कर्मचारी पार्किंग में पहुंचे। उनकी बाइक को दिला दिया।
पीड़ित के परिजनों ने किया हंगामा, तब हुई सुनवाई
पीड़ित उदय रावत का कहना था कि उन्होंने जीआरपी कर्मियों से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। मगर वो जाने की कहने लगे। बाद में जब उन्होंने जोर देकर कार्रवाई के लिए कहा तो जीआरपी थाने में ही बैठा लिया। इस बारे में उन्होंने परिजन को बताया। कुछ देर बाद गांव से परिजन आ गए। उन्होंने बिना वजह थाने में बैठाने पर हंगामा कर दिया। यह देख जीआरपी ने उन्हें छोड़ दिया। बाद में मामला थाना सदर का बताकर वहां पर जाकर शिकायत करने के लिए बोल दिया। आरोप है कि सदर थाने में भी कई घंटे तक सुनवाई नहीं हुई। आरोपियों को नहीं पकड़ा। थाने में भीड़ जुटने पर शिकायत दर्ज की। उदय को मेडिकल के लिए भेजा। पूर्व प्रधान सत्यप्रकाश रावत ने कहा कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। बल्कि पीड़ित को ही थाने में बैठाया गया। एसीपी सदर इमरान अहमद ने बताया कि मामले जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पर्ची के रुपये देकर बाइक ले जा रहे थे जबकि पार्किंग ठेकेदार ने बिना शुल्क दिए बाइक ले जाने का आरोप लगाया। मारपीट के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।