{"_id":"5e2081c48ebc3e4ad6601197","slug":"project-manager-of-jal-nigam-suspended-due-to-falling-drains-in-yamuna-mathura","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यमुना में नाले: जल निगम के परियोजना प्रबंधक पर गिरी गाज, डीएम ने किया निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना में नाले: जल निगम के परियोजना प्रबंधक पर गिरी गाज, डीएम ने किया निलंबित
Fri, 17 Jan 2020 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 17 Jan 2020 12:13 AM IST
विज्ञापन
जल निगम के परियोजना प्रबंधक महाराज सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुना में नाले का पानी गिरने के मामले में शासन ने जल निगम के परियोजना प्रबंधक महाराज सिंह को निलंबित कर दिया है। शासन स्तर से हुई इस कार्रवाई से अधिकारियों में खलबली मच गई है।
यमुना में शहर के करीब 22 से अधिक नालों का पानी जा रहा है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। पिछले दिनों मंडलायुक्त अनिल कुुमार ने बैठक में इस मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को यमुना में नालों का पानी गिरने से रोकने के सख्त निर्देश भी दिए लेकिन नाले नहीं रोके जा सके। बाद में शासन ने इसका संज्ञान लिया और जल निगम के महाप्रबंधक महाराज सिंह को निलंबित कर दिया।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट में जल निगम, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने महाराज सिंह को निलंबित किए जाने की जानकारी दी।
विज्ञापन
महाराज सिंह का काम परियोजना अभियंता आरपी यादव को सौंपा गया है। यमुना में नालों के गिरने की मॉनीटरिंग का काम प्रदूषण नियंत्रण विभाग को सौंपा गया है। प्रदूषण विभाग 22 जनवरी तक प्रतिदिन निरीक्षण कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगा।
विज्ञापन
यमुना में शहर के करीब 22 से अधिक नालों का पानी जा रहा है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। पिछले दिनों मंडलायुक्त अनिल कुुमार ने बैठक में इस मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों को यमुना में नालों का पानी गिरने से रोकने के सख्त निर्देश भी दिए लेकिन नाले नहीं रोके जा सके। बाद में शासन ने इसका संज्ञान लिया और जल निगम के महाप्रबंधक महाराज सिंह को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट में जल निगम, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने महाराज सिंह को निलंबित किए जाने की जानकारी दी।
विज्ञापन
महाराज सिंह का काम परियोजना अभियंता आरपी यादव को सौंपा गया है। यमुना में नालों के गिरने की मॉनीटरिंग का काम प्रदूषण नियंत्रण विभाग को सौंपा गया है। प्रदूषण विभाग 22 जनवरी तक प्रतिदिन निरीक्षण कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगा।