Agra News: श्री महालक्ष्मी अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने पर रोक, प्रसव के दौरान हो गई थी महिला की मौत
कोई प्रशिक्षित स्टाफ भी हॉस्पिटल में नहीं था। स्टाफ अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं दिखा सका। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी।
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आगरा के बोदला स्थित श्री महालक्ष्मी हॉस्पिटल, बोदला में प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को जांच करने पहुंची। टीम को अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिला। कोई प्रशिक्षित स्टाफ भी हॉस्पिटल में नहीं था। स्टाफ अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं दिखा सका। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में मरीज भर्ती करने पर रोक लगा दी। अस्पताल का रिकॉर्ड जब्त कर लिया गया है।
अस्पताल के खिलाफ मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय (सीएमओ) में शिकायत दर्ज कराई गई थी। अकोला स्थित बीसलपुर निवासी पूजा (23 वर्ष) को प्रसव पीड़ा होने पर श्री महालक्ष्मी हॉस्पिटल में 27 अगस्त को भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी कराई गई। पूजा ने बेटे को जन्म दिया। परिवार के लोगों का आरोप है कि 31 अगस्त को डिस्चार्ज करने से पहले इंजेक्शन लगाया, इंजेक्शन लगने के पांच मिनट बाद ही प्रसूता की मौत हो गई। पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस के साथ सीएमओ कार्यालय में शिकायत की गई।
सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत जांच के लिए टीम बनाई है। टीम ने मंगलवार को दोपहर में छापा मारा। कोई डॉक्टर नहीं था, एक नर्स थी। संचालक धर्मेंद्र से अस्पताल के पंजीकरण मांगा गया, वह दिखा नहीं सका। दस्तावेज दिखाने के लिए नोटिस दिया गया है, तब तक सभी तरह के अस्पताल में मरीज भर्ती करने और उनके उपचार करने पर रोक लगा दी गई है।
किराए के घर में बनाया अस्पताल
श्री महालक्ष्मी हॉस्पिटल किराए के घर में बना रखा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के छापे के दौरान अस्पताल में पेट दर्द से पीड़ित एक मरीज भर्ती था। मरीज को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया गया। टीम को अस्पताल के अंदर साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं मिली। टीम ने अस्पताल में भर्ती किए मरीजों सहित अन्य रिकॉर्ड जब्त कर लिया है। नोटिस जारी कर पंजीकरण दिखाने के लिए कहा है।
रिसेप्शन पर दर्शाएं पंजीकरण
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) आगरा के अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव का कहना है कि किसी भी अस्पताल में जाने पर मरीज और तीमारदार को सीएमओ कार्यालय की ओर से पंजीकरण को जरूर देखना चाहिए। प्रत्येक अस्पताल को रिसेप्शन पर पंजीकरण जरूर दर्शाना चाहिए। वहीं, मरीज का उपचार कराने से पहले अस्पताल और डॉक्टर के पक्के बिल की मांग जरूर करनी चाहिए। अस्पताल और डॉक्टर पंजीकृत होंगे तो ही पक्का बिल दे पाएंगे। अस्पतालों को चाहिए कि वह रेट लिस्ट भी जरूर चस्पा करें। जनरल वार्ड, आईसीयू और प्राइवेट वार्ड का दर लिखी होनी चाहिए।