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यूपी: ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत, शव छोड़कर भागा स्टाफ, परिजनों का हंगामा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:41 AM IST
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के आगरा के कमला नगर स्थित सहारा मेडिसिटी हास्पिटल में शर्मसार करने वाला मामला हुआ। ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों से मौत की बात छिपाई रखी और एक-एक कर पूरा स्टाफ अस्पताल को छोड़कर भाग निकला।
परिजनों ने शव को रखकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल सील कर दिया है। सरस्वती नगर टूंडला निवासी यतेंद्र कुमार अपनी पत्नी प्रीति उर्फ गुड़िया (28) को सुबह लगभग नौ बजे भर्ती कराया।
यहां के स्टाफ ने जांच करने के बाद बताया कि बच्चेदानी का मुंह नहीं खुला है, ऑपरेशन करना पड़ेगा। एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये भी जमा करा लिए। दोपहर लगभग 12 बजे ऑपरेशन से बच्चा पैदा हुआ।
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स्टाफ ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया। जब परिजन प्रीति को देखने की कहने लगे तो कहा कि अभी बेहोश है, बाद में देखना। दो घंटे बाद जब दोबारा मिलने गए तो कहा कि मरीज आईसीयू में है, अंदर नहीं जा सकते, बाहर से ही देख लो।
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परिजनों ने शव को रखकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल सील कर दिया है। सरस्वती नगर टूंडला निवासी यतेंद्र कुमार अपनी पत्नी प्रीति उर्फ गुड़िया (28) को सुबह लगभग नौ बजे भर्ती कराया।
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यहां के स्टाफ ने जांच करने के बाद बताया कि बच्चेदानी का मुंह नहीं खुला है, ऑपरेशन करना पड़ेगा। एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये भी जमा करा लिए। दोपहर लगभग 12 बजे ऑपरेशन से बच्चा पैदा हुआ।
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स्टाफ ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया। जब परिजन प्रीति को देखने की कहने लगे तो कहा कि अभी बेहोश है, बाद में देखना। दो घंटे बाद जब दोबारा मिलने गए तो कहा कि मरीज आईसीयू में है, अंदर नहीं जा सकते, बाहर से ही देख लो।
ससुर कांता प्रसाद ने बताया कि पत्नी और बेटी ने जब बहू को देखा तो वह तड़प रही थी। स्टाफ ने बेहोशी में ऐसा हो जाने की बात कहते हुए बाहर जाने को कहा।
इधर, नवजात रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस पर करीब घंटे भर बाद दोबारा अंदर गए तो वहां कोई स्टाफ नहीं है। तभी एक महिला जरका खान ने उन्हें डेथ सर्टिफिकेट देकर मौत होने की बात कहते हुए जाने लगी।
परिजनों ने उसे रोक लिया, हाथापाई करने लगे। पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। सीएमओ डा. मुकेश वत्स ने बताया कि प्रसूता की मौत की जांच के लिए कमेटी बनाई है। अस्पताल को सील कर दिया है। ये अस्पताल लकी यादव और अरविंद गुप्ता के नाम से पंजीकृत है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बोर्ड पर 22 डाक्टर, मौके पर नहीं मिला एक भी
स्वास्थ्य विभाग ने आंख मूंदकर अस्पतालों के पंजीकरण कर दिए हैं। इसकी पुष्टि सहारा मेडिसिटी हॉस्पिटल का हाल देखकर हो रही है। इसमें हर बीमारी के इलाज की सुविधा का बोर्ड लगा था। यहां बोर्ड पर दर्ज 22 डाक्टरों में एक भी मौके पर नहीं मिला। पूर्व सीएमओ का भी चैंबर बना हुआ था। आपरेशन थिएटर में जंग लगे उपकरण मिले। मेडिकल स्टोर का भी लाइसेंस नहीं मिला।
इधर, नवजात रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस पर करीब घंटे भर बाद दोबारा अंदर गए तो वहां कोई स्टाफ नहीं है। तभी एक महिला जरका खान ने उन्हें डेथ सर्टिफिकेट देकर मौत होने की बात कहते हुए जाने लगी।
परिजनों ने उसे रोक लिया, हाथापाई करने लगे। पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। सीएमओ डा. मुकेश वत्स ने बताया कि प्रसूता की मौत की जांच के लिए कमेटी बनाई है। अस्पताल को सील कर दिया है। ये अस्पताल लकी यादव और अरविंद गुप्ता के नाम से पंजीकृत है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बोर्ड पर 22 डाक्टर, मौके पर नहीं मिला एक भी
स्वास्थ्य विभाग ने आंख मूंदकर अस्पतालों के पंजीकरण कर दिए हैं। इसकी पुष्टि सहारा मेडिसिटी हॉस्पिटल का हाल देखकर हो रही है। इसमें हर बीमारी के इलाज की सुविधा का बोर्ड लगा था। यहां बोर्ड पर दर्ज 22 डाक्टरों में एक भी मौके पर नहीं मिला। पूर्व सीएमओ का भी चैंबर बना हुआ था। आपरेशन थिएटर में जंग लगे उपकरण मिले। मेडिकल स्टोर का भी लाइसेंस नहीं मिला।