आगरा के निजी अस्पताल में मनमानी वसूली: डेंगू-वायरल के इलाज के लिए एक दिन में 10 से 30 हजार रुपये चार्ज
आगरा में डेंगू और वायरल के प्रकोप के बीच निजी अस्पतालों में मरीजों की तीमारदारों से मनमानी वसूली हो रही है। एक दिन में इलाज के नाम पर 10 से 30 रुपये तक चार्ज किए जा रहे हैं।
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आगरा के निजी अस्पतालों में डेंगू-वायरल के मरीजों के इलाज के नाम पर मनमानी वसूली हो रही है। जांच, इलाज, बेड आईसीयू समेत अन्य मदों में एक दिन के 10 से 30 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों की जांच तक नहीं कर रहे हैं।
आगरा में स्वास्थ्य विभाग के यहां 431 अस्पताल पंजीकृत हैं, जिनमें 15 हजार बेड हैं। डेंगू-वायरल बुखार के कारण ये फुल चल रहे हैं। यहां तक कि गैलरी में मेज-बेड लगाकर इलाज किया जा रहा है।
डेंगू की जांच, आईसीयू, रक्त की जांच, बेड चार्ज, चिकित्सक का विजिट आदि मदों में मरीजों के एक दिन में 10 से 30 हजार रुपये तक खर्च हो रहे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि निजी अस्पतालों में मनमाना शुल्क लिया जा रहा है। प्रशासन की निगरानी में अस्पतालों की जांच हो और इलाज की दर तय होने से राहत मिलेगी।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने कहा कि सामान्य वार्ड में एक दिन का अधिकतम पांच हजार रुपये और आईसीयू में 15 से 20 हजार रुपये है। 10 से 30 हजार रुपये तक वसूले जाने की शिकायत आने पर सीएमओ को फोन पर इसकी जानकारी देकर जांच कराने की भी मांग की थी। जांच के लिए दोबारा पत्र लिखता हूं।
ये लिए जा रहे सामान्य शुल्क
- सामान्य बेड - 1000-1500 रु.
- नर्सिंग शुल्क - 500 रुपये
- रक्त-प्लेटलेट्स चढ़ाना - 500 रुपये
- डॉक्टर की विजिट- 1000 रुपये
- डेंगू की जांच - 1000 रुपये
- रक्त की जांच - 2500 रुपये
- दवाओं का खर्च- 3000 रुपये
आईसीयू में एक दिन के शुल्क
आईसीयू बेड - 6000-8000 रु.
नर्सिंग शुल्क- 1000 रुपये
रक्त-प्लेटलेट्स चढ़ाना - 500 रुपये
डॉक्टर विजिट- 1000-2000 रु.
ऑक्सीजन- 500-1000 रु.
डेंगू की जांच- 1000 रुपये
रक्त की जांच- 2500 रुपये
दवाओं का खर्च- 3000-5000 रु.
(जैसा कि तीमारदारों ने बताया)
सीएमओ कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं तीमारदार
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि डेंगू-वायरल बुखार के मरीजों के इलाज में मनमानी फीस नहीं ले सकते हैं। इसकी तीमारदार सीएमओ कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं। डेंगू की जांच के लिए मनमानी शुल्क लेने की जांच को नोडल अधिकारी भी बनाया है। शिकायत मिली है, सभी निजी अस्पतालों की जांच कराई जाएगी।