मथुरा: कोर्ट के आदेश पर पहुंची पुलिस को लाडलीजी मंदिर में नहीं घुसने दिया, सेवायतों ने दरवाजे किए बंद
बरसाना के लाडलीजी मंदिर में सेवा को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में सिविल कोर्ट छाता ने मायादेवी को मंदिर में सेवा ग्रहण कराने के आदेश जारी किए थे। जिसका अनुपालन कराने पहुंची पुलिस टीम को दूसरे पक्ष के सेवायतों ने घुसने ही नहीं दिया।
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मथुरा के बरसाना स्थित लाडलीजी मंदिर की सेवा को लेकर एक बार फिर विवाद बढ़ने लगा हैं। सेवायतों के विवाद के चलते श्रद्धालु भक्तों की आस्था आहत हो रही है। रविवार को सिविल कोर्ट के आदेश पर सेवा में बदलाव कराने पहुंची प्रशासन की टीम वर्तमान सेवायत के रसूख के चलते बैरंग लौट गई। मंदिर के गेट बंद कर दिए। पुलिस टीम ने गेट खुलवाने को कहा तो श्रद्धालु के सामने पुलिसकर्मियों से बुरा भला कहा गया। मंदिर परिसर के अंदर सेवायतों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
बरसाना के विश्व प्रसिद्ध लाडलीजी मंदिर में छह माह की सेवा पूजा को लेकर सेवायत देवेश गोस्वामी, रासविहारी गोस्वामी और मायादेवी में विवाद चल रहा है। 6 मई को सिविल कोर्ट छाता ने मायादेवी को लाडली जी मंदिर में सेवा ग्रहण कराने के आदेश जारी किए थे। रविवार को एसडीएम के आदेश पर सिविल कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने राजस्व टीम के साथ तहसीलदार मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बरसाना पहुंचकर दोनों पक्षों से वार्ता की।
रासविहारी पक्ष के लोगों ने बंद किया गेट
बरसाना पुलिस मंदिर में प्रवेश करती उससे पहले मंदिर सेवायत रासविहारी गोस्वामी पक्ष के लोगों ने मंदिर के गेट बंद कर दिए। मायादेवी पक्ष के कुछ लोग श्रद्धालुओं के साथ पहले ही मंदिर परिसर में प्रवेश कर गए। इसकी जानकारी लगते ही रासविहारी पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए। गेट पर पुलिसकर्मियों से बुरा भला कहा गया। मंदिर परिसर में दोनों पक्षों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस के हस्तक्षेप करके मामला शांत कराया।
'आदेश का कराएंगे पालन'
एसडीएम गोवर्धन संदीप वर्मा ने कहा कि लाडलीजी मंदिर में सेवा बदलाव के लिए सिविल न्यायालय का आदेश प्राप्त हुआ था। आदेश के अनुपालन के लिए एसएचओ बरसाना को निर्देशित किया गया था। अतिरिक्त पुलिस बल के साथ आदेश का पालन कराया जाएगा।
'मायादेवी को पूजा का नहीं अधिकार'
लाडलीजी मंदिर के सेवायत रासविहारी गोस्वामी ने कहा कि मायादेवी को मंदिर में सेवा पूजा का कोई अधिकार नहीं है। उच्च न्यायालय ने उसे अवैध माना है। मंदिर में कुछ अराजक तत्व घुस आए थे। उन्होंने व्यवस्था खराब करने का प्रयास किया था।
'अवमानना की कार्रवाई को जाएंगे कोर्ट'
मायादेवी पक्ष के अधिवक्ता गोकलेश कटारा ने कहा कि मायादेवी को लाडलीजी मंदिर की सेवा ग्रहण कराने के लिए सिविल कोर्ट छाता ने 6 मई को आदेश जारी किया है। इसकी प्रति समाधान दिवस में एसडीएम गोवर्धन को दी गई। रविवार को प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मंदिर पहुंची। रासविहारी के रसूख के चलते पुलिस और प्रशासन की टीम वहां से कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराए बिना ही लौट गई। अवमानना की कार्रवाई के लिए कोर्ट की शरण लेंगे।