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Agra News: मेला मार्गशीर्ष अमृत कुंभ की तैयारियां तेज
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सोरोंजी। तीर्थनगरी के वार्षिक अमृत कुंभ मेला मार्गशीर्ष की तैयारियों में तेजी आ गई है। नगर पालिका द्वारा मेला ग्राउंड में साफ सफाई व क्षतिग्रस्त खड़ंजों पर नई इंटरलाकिंग ईंट बिछाई जा रही है। गंगा की रेती पर लगने वाला ककोड़ा मेला समाप्त होने के बाद दुकानदार व झूला सर्कस वाले मेला मार्गशीर्ष ग्राउंड में आ रहे हैं। मेला का आयोजन 8 से 28 दिसंबर तक किया जाएगा। 9 दिसंबर को नगर विकास मंत्री ए के शर्मा द्वारा मेला का उद्घाटन करने के बाद यह विधिवत शुरू हो जाएगा।
आवंटन टेंडर खुलने के बाद दुकानदारों व खेल तमाशे वालों को स्थान दिया जाएगा। मेला मार्गशीर्ष अमृत कुंभ के आयोजन के दौरान चार प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। जिनमें लाखों श्रद्धालु हरि की पैड़ी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
प्रथम स्नान पर्व भगवान श्री हरि विष्णु के वराह अवतार द्वारा हिरण्याक्ष दैत्य का वध कर पृथ्वी को रसातल से निकालकर पुन: स्थापित करने के पवित्र दिन मार्गशीर्ष एकादशी 11 दिसंबर को पड़ेगा। इस दिन लाखों श्रद्धालु हरि की पौड़ी में गंगास्नान कर शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाएंगे। मार्गशीर्ष द्वादशी 12 दिसम्बर को भगवान वराह के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में वराह मंदिर के महामंडलेश्वर व संत महंतों द्वारा शाही स्नान करने के बाद श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। मार्गशीर्ष त्रयोदशी 13 दिसंबर को देश भर के नागा संत नागालैंड से भव्य शोभायात्रा निकालने के बाद हरि की पैड़ी में शाही स्नान करेंगे। मार्गशीर्ष पूर्णिमा 15 दिसंबर को अमृत कुंभ का अंतिम स्नान पर्व आयोजित होगा। नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने बताया कि मार्गशीर्ष अमृत कुंभ की सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जा रही हैं। मंदिरों व हरि की पैड़ी किनारे रंग रोगन का कार्य चल रहा है। मेला ग्राउंड में सफाई समतलीकरण के बाद अस्थाई हैंड पंप व शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। तीर्थनगरी में चिह्नित 10 शौचालयों का रखरखाव व मरम्मत कार्य भी मेला आयोजन से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।
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आवंटन टेंडर खुलने के बाद दुकानदारों व खेल तमाशे वालों को स्थान दिया जाएगा। मेला मार्गशीर्ष अमृत कुंभ के आयोजन के दौरान चार प्रमुख स्नान पर्व पड़ेंगे। जिनमें लाखों श्रद्धालु हरि की पैड़ी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।
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प्रथम स्नान पर्व भगवान श्री हरि विष्णु के वराह अवतार द्वारा हिरण्याक्ष दैत्य का वध कर पृथ्वी को रसातल से निकालकर पुन: स्थापित करने के पवित्र दिन मार्गशीर्ष एकादशी 11 दिसंबर को पड़ेगा। इस दिन लाखों श्रद्धालु हरि की पौड़ी में गंगास्नान कर शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाएंगे। मार्गशीर्ष द्वादशी 12 दिसम्बर को भगवान वराह के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में वराह मंदिर के महामंडलेश्वर व संत महंतों द्वारा शाही स्नान करने के बाद श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। मार्गशीर्ष त्रयोदशी 13 दिसंबर को देश भर के नागा संत नागालैंड से भव्य शोभायात्रा निकालने के बाद हरि की पैड़ी में शाही स्नान करेंगे। मार्गशीर्ष पूर्णिमा 15 दिसंबर को अमृत कुंभ का अंतिम स्नान पर्व आयोजित होगा। नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे ने बताया कि मार्गशीर्ष अमृत कुंभ की सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जा रही हैं। मंदिरों व हरि की पैड़ी किनारे रंग रोगन का कार्य चल रहा है। मेला ग्राउंड में सफाई समतलीकरण के बाद अस्थाई हैंड पंप व शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। तीर्थनगरी में चिह्नित 10 शौचालयों का रखरखाव व मरम्मत कार्य भी मेला आयोजन से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।
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