Agra: महिला जिला अस्पताल में पर्चा लेकर धूप में खड़ी रहीं मरीज, दो गर्भवती महिलाओं की हालत बिगड़ी
लेडी लायल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों के लिए बैठने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं है, जिससे गर्भवती महिलाएं भी खड़े रहने को मजबूर हैं। सोमवार को दो महिलाएं की तबियत बिगड़ गई।
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आगरा के महिला जिला अस्पताल (लेडी लायल) की ओपीडी में गर्भवती महिलाओं के बैठने के लिए पर्याप्त सीट नहीं होने से मरीजों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। सोमवार को भीड़ अधिक होने के कारण मरीजों को धूप में लाइन में खड़ा होना पड़ा। इससे दो गर्भवती महिलाओं की हालत बिगड़ गई। इनको बेंच पर लिटाया और परिजन खुद लाइन में लग गए।
लेडी लायल की ओपीडी में 500 से अधिक मरीज आए। ओपीडी कैंपस के अंदर एक वक्त में करीब 50 मरीजों के ही बिठाने की व्यवस्था है, बाकी मरीजों को बाहर टीनशेड में लाइन लगवाई। यहां बैठने के लिए 10 सीटें हैं, संख्या कम होने के कारण गेट से लंबी लाइन लग गई।
धूप और उमस के कारण गर्भवती महिलाओं को परेशानी होने लगी। घबराहट और चक्कर आने पर तीमारदारों ने उनको बेंच खाली कर लिटाया। प्रमुख अधीक्षक डॉ. पंकज कुमार का कहना है कि सोमवार को मरीजों की भीड़ अधिक होने से दिक्कत होती है, ओपीडी कैंपस के अंदर भी बेंच बढ़वाकर व्यवस्था करवाता हूं।
धूप में खड़े होने से आने लगे चक्कर
राजश्री टॉकीज के पास रहने वाली लता ने बताया कि वह सुबह साढ़े नौ बजे से लाइन में लगी थी। बैठने के लिए सीट कम पड़ गईं। लंबी लाइन के कारण धूप में भी खड़ा रहना पड़ा। इससे चक्कर आ गए। सास ने बेंच पर लिटाया और वह खुद लाइन में लग गईं।सिकंदरा की साधना ने बताया कि उनकी भाभी पूनम गर्भवती है। वह लाइन में लगी थीं। घंटे भर तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। धूप और उमस से उनको घबराहट होने लगी। बेंच पर लिटाकर उन्हें पानी पिलाया। इनके बदले मैं लाइन में लग गई हूं, ढाई घंटे बाद नंबर आएगा।
शास्त्रीपुरम के शायरीन खान ने बताया कि इलाज के लिए इंतजार तो कर लेते हैं, लेकिन बैठने के लिए सीटें भी कम पड़ जाती है। चंद रुपयों में सीटें आ जाएंगी, लेकिन अस्पताल प्रशासन मरीजों की परेशानी नहीं समझती। उन्हें पर्चा बनवाने से इलाज तक ढाई घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
एसएन में मेडिसिन-हड्डी रोग विभाग में टूटी भीड़
एसएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ओपीडी में 2485 मरीज आए। इसमें सबसे ज्यादा मेडिसिन विभाग में 459, हड्डी रोग विभाग में 345 और त्वचा रोग विभाग में 269 मरीज आए। इनके चैंबर के आगे मरीजों की भीड़ जमा हो गई, जल्दी दिखाने के लिए मरीजों में धक्कामुक्की होने लगी। सबसे ज्यादा बुरा हाल 11 से 12 बजे के बीच हुई। ओपीडी प्रभारी डॉ. यतेंद्र चाहर ने गार्ड लगाकर व्यवस्था सुधारी, पर्चा जमाकर क्रम से बुलाकर दिखाया।
डेढ़ घंटे में आया एआरवी लगवाने का नंबर
जिला अस्पताल में 4358 मरीज सोमवार को आए। भीड़ बढ़ने पर सात काउंटरों पर पर्चे बनाए गए। इससे भीड़ छंटने लगी। सबसे ज्यादा एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने वाले कक्ष के बाहर भीड़ रही। मरीजों को एआरवी लगवाने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। प्रमुख अधीक्षक डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि 385 मरीजों को एआरवी लगी। एआरवी लगाने के लिए एक कर्मचारी भी बढ़ाना पड़ा।