{"_id":"607d2b5c8ebc3e7c19187a08","slug":"prasadam-delivering-food-to-the-corona-patients-free-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सेवा की मिसाल: आगरा में 'प्रसादम' ने उठाया होम क्वारंटीन कोरोना मरीजों के भोजन का जिम्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेवा की मिसाल: आगरा में 'प्रसादम' ने उठाया होम क्वारंटीन कोरोना मरीजों के भोजन का जिम्मा
Mon, 19 Apr 2021 03:43 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 19 Apr 2021 03:43 PM IST
सार
'प्रसादम' के सदस्य होम क्वारंटीन लोगों को दोपहर एक बजे और शाम 7 बजे तक खाने के पैकेट पहुंचा जा रहे हैं। इसमें परिवार द्वारा बनाई रोटियां, सब्जी, दाल और सलाद पहुंचाई जा रही है।
विज्ञापन
भोजन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में कोरोना की दूसरी घातक लहर में परिवार के सभी सदस्य संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। घर में मौजूद महिलाओं, बुजुर्गों को भोजन कैसे मिले, इस विचार पर प्रसादम संस्था ने 15 दिन पहले प्रकल्प शुरू किया, जिसमें होम क्वारंटीन कोरोना संक्रमितों को खाने के पैकेट पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ।
विज्ञापन
महज 15 पैकेट से शुरू यह सेवा अब 400 पैकेट तक पहुंच गई है। शहर के चारों कोनों में महिलाओं ने यह जिम्मेदारी उठाई है। घर में ही खाने के पैकेट तैयार कराकर वह संक्रमितों के घर पर भिजवा रही हैं। संक्रमित परिवार जितनी संख्या में बुकिंग कराते हैं। उसी के मुताबिक संबंधित लोगों को घरों पर खाना तैयार करने के लिए कहा जाता है। महिलाएं घर पर खाना तैयार कर पहुंचाती हैं।
विज्ञापन
ट्रांसयमुना में पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हुआ। पति आईसीयू में और पत्नी तथा दोनों बच्चे कोविड पॉजिटिव होने के कारण घर पर आइसोलेशन में है। अब बाहर से राशन, सब्जियां कैसे आएं और खाना कैसे बने। उनकी यह समस्या प्रसादम संस्था ने दूर की। उनकी तरह अब 400 लोगों को हर दिन प्रसादम संस्था होम क्वारंटीन में नि:शुल्क खाना पहुंचा रही है।
विज्ञापन
फोन पर बुकिंग सुविधा
होम क्वारंटीन लोगों को दोपहर एक बजे और शाम 7 बजे तक खाने के पैकेट पहुंचा जा रहे हैं। इसमें परिवार द्वारा बनाई रोटियां, सब्जी, दाल और सलाद पहुंचाई जा रही है। जिन संक्रमित परिवारों को खाना चाहिए, वह सुबह 10 बजे तक और शाम को 3 बजे तक बुकिंग करा देते हैं। उसी के मुताबिक खाना तैयार कराया जाता है। यह टिफिन सर्विस नहीं है, महिलाएं अपने घर में ही खाना तैयार कर भिजवा रही हैं।
परिवारों की दिक्कतें देख शुरू किया सेवा प्रकल्प
प्रसादम सेवा की सदस्य पायल डावर ने बताया कि जितनी तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, उससे हमने परिवारों की व्यवहारिक दिक्कत देखी और यह प्रकल्प शुरू किया। पूरी सावधानी, बचाव के साथ हमारी टीम खाना बनाकर संक्रमितों के पास खाना पहुंचा रही है।
इस नेक काम में लोग आर्थिक सहयोग भी कर रहे
प्रसादम सेवा की सदस्य रेखा हसीजा ने कहा कि हमने जब संक्रमितों को खाने के पैकेट पहुंचाने की सुविधा शुरू की तो महिलाएं खुद ब खुद जुड़ने लगीं। हमारी सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है, पर लोग खुद ब खुद पेटीएम कर अपनी इच्छा से आर्थिक सहयोग दे रहे हैं।
आगरा में कोरोना: हवा से फैल सकता है संक्रमण, सावधानी से बाहर निकलें, लापरवाही पड़ सकती है भारी
होम क्वारंटीन लोगों को दोपहर एक बजे और शाम 7 बजे तक खाने के पैकेट पहुंचा जा रहे हैं। इसमें परिवार द्वारा बनाई रोटियां, सब्जी, दाल और सलाद पहुंचाई जा रही है। जिन संक्रमित परिवारों को खाना चाहिए, वह सुबह 10 बजे तक और शाम को 3 बजे तक बुकिंग करा देते हैं। उसी के मुताबिक खाना तैयार कराया जाता है। यह टिफिन सर्विस नहीं है, महिलाएं अपने घर में ही खाना तैयार कर भिजवा रही हैं।
परिवारों की दिक्कतें देख शुरू किया सेवा प्रकल्प
प्रसादम सेवा की सदस्य पायल डावर ने बताया कि जितनी तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, उससे हमने परिवारों की व्यवहारिक दिक्कत देखी और यह प्रकल्प शुरू किया। पूरी सावधानी, बचाव के साथ हमारी टीम खाना बनाकर संक्रमितों के पास खाना पहुंचा रही है।
इस नेक काम में लोग आर्थिक सहयोग भी कर रहे
प्रसादम सेवा की सदस्य रेखा हसीजा ने कहा कि हमने जब संक्रमितों को खाने के पैकेट पहुंचाने की सुविधा शुरू की तो महिलाएं खुद ब खुद जुड़ने लगीं। हमारी सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है, पर लोग खुद ब खुद पेटीएम कर अपनी इच्छा से आर्थिक सहयोग दे रहे हैं।
आगरा में कोरोना: हवा से फैल सकता है संक्रमण, सावधानी से बाहर निकलें, लापरवाही पड़ सकती है भारी