फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Pradhan and secretary committed fraud by putting 25.95 lakhs in private accounts

नौनेर: प्रधान और सचिव ने निजी खातों में 25.95 लाख डालकर किया फर्जीवाड़ा

Fri, 26 May 2023 12:01 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 26 May 2023 12:01 AM IST
विज्ञापन
Pradhan and secretary committed fraud by putting 25.95 lakhs in private accounts
मैनपुरी।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत नौनेर में भ्रष्टाचार करने के लिए सभी नियमों को ताक पर रख दिया गया। धड़ल्ले से ग्राम पंचायत निधि में आई धनराशि को निजी खातों में डालकर फर्जीवाड़ा किया गया। 25.95 लाख रुपये से अधिक की धनराशि निजी खातों में डालकर खुर्द-बुर्द कर दी गई। विभागीय अधिकारियों ने भी इस पर कार्रवाई करने के बजाए पर्दा डालने का काम किया।
जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत नौनेर में विकास कार्यों के लिए हर साल लाखों की धनराशि आती है। इससे ग्राम पंचायत का विकास कराया जा सकता था। लेकिन नौनेर के प्रधान और सचिव ने फर्जीवाड़ा कर केवल अपनी जेबें भरने का काम किया। दरअसल कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान की बजाए ग्राम प्रधान और सचिव ने निजी खातों में धनराशि डालकर फर्जीवाड़ा किया। 25 निजी बैंक खातों में 25.95 लाख रुपये से अधिक की धनराशि डालकर उसका फर्जीवाड़ा किया गया। ये धनराशि विकास कार्यों के लिए आई थी, लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत नौनेर में ये कोई नई बात नहीं है। इससे पहले ग्राम प्रधान रतनेश कुमार दिवाकर ने अपने पिता और दो भाइयों के निजी खातों में भी ग्राम पंचायत निधि से धनराशि डालकर उसका फर्जीवाड़ा किया था। फर्जीवाड़े की शिकायत गांव तिलोकपुर निवासी गौरव सिंह चौहान ने की तो विभागीय अधिकारियों ने बजाए कार्रवाई करने के फर्जीवाड़े पर पर्दा डाल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं ग्राम प्रधान रतनेश कुमार दिवाकर का कहना है कि उन्होंने ये धनराशि मजदूरी के लिए भुगतान की है। लेकिन हकीकत में ये धनराशि फर्जीवाड़ा करने के लिए निजी खातों में भेजी गई। संवाद
----
प्रधान के सजातीय है अधिकांश खाताधारक
ग्राम पंचायत नौनेर के निवासी जिन निजी खातों में ग्राम निधि से धनराशि भेजी गई है उनमें एक समानता है। अधिकांश खाताधारक ग्राम प्रधान रतनेश कुमार दिवाकर के सजातीय है। कहीं न कहीं ये बिंदु भी ग्राम पंचायत की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने के लिए काफी है।

----
इनके निजी खातों में डाली धनराशि
-राजवती-96907 रुपये
-कमलेश दिवाकर-105820 रुपये
-ममता दिवाकर-109750 रुपये
-रामलली दिवाकर-35000 रुपये
-सुमन दिवाकर-72995 रुपये
-सत्यवीर दिवाकर-30720 रुपये
-पुष्पा दिवाकर-138734 रुपये
-किशन दिवाकर-60000 रुपये
-रविंद्र कुमार-297909 रुपये
-राजेंद्र दिवाकर-32340 रुपये
-अशोक दिवाकर-49200 रुपये
-विजय सिंह-71830 रुपये
-अवनीश दिवाकर-54230 रुपये
-संतोष दिवाकर-23100 रुपये
-आशीष दिवाकर-11880 रुपये
-कमलेश दिवाकर-105820 रुपये
-सत्य सिंह दिवाकर-42750 रुपये
-पहलवान दिवाकर-248603 रुपये
-अंशुल दिवाकर-267770 रुपये
-रजत दिवाकर-134420 रुपये
-लव दिवाकर-183162 रुपये
-अर्जुन चौहान-163471 रुपये
-मोहित वर्मा-139570 रुपये
-राहुल वर्मा-130237 रुपये
-आनंद दिवाकर-257700 रुपये
-कुल-2595718 रुपये
----

निजी खातों में धनराशि क्यों भेजी गई, इसकी जांच कराई जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी से भी इस बारे में जानकारी की जाएगी। ग्राम प्रधान हो या पंचायत सचिव जो भी दोषी है उस पर कार्रवाई होगी।
-विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed