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UP: मथुरा पहुंचे कथावाचक प्रदीप मिश्रा, राधारानी के दरबार में दंडवत होकर मांगी माफी; उनके बयान पर हुआ था विवाद
Sat, 29 Jun 2024 03:31 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 29 Jun 2024 03:31 PM IST
सार
Pradeep Mishra Apology Radha Rani : राधा रानी पर विवादित बयान देने के बाद ब्रज वासियों में गुस्सा है। इसको देखते हुए अचानक कथावाचक प्रदीप मिश्रा बरसाना पहुंचे। यहां राधारानी के दरबार में उन्होंने दंडवत होकर माफी मांगी।
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राधारानी के दरबार में नाक रगड़कर मांगी माफी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरसाना वाली राधे पर विवादित बयान देने के बाद शिव कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा श्री राधारानी के मंदिर बरसाना पहुंचे। यहां उन्होंने राधारानी को प्रणाम कर क्षमा मांगी। वे 5 मिनट तक बरसाना में रहे। यहां उन्होंने राधा-रानी को दंडवत प्रणाम किया और माफी मांगी। इसके बाद मंदिर से बाहर निकले। हाथ जोड़कर ब्रज वासियों का अभिनंदन किया। सुरक्षा को देखते हुए श्रीजी मंदिर के पास फोर्स तैनात है।
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उन्होंने कहा कि सभी ब्रजवासियों को बहुत-बहुत बधाई। राधा-रानी के दर्शन करने के लिए यहां पधारा हूं। मैं ब्रजवासियों के प्रेम की वजह से यहां आया हूं। बताते चलें कि उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने राधारानी को लेकर अनर्गल बातें की थीं। उनके इस बयान से ब्रजवासी और राधा भक्त बहुत दुखी थे और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
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राधारानी पर की थी ये टिप्पणी
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने एक कथा के दौरान कहा कि राधाजी बरसाना नहीं, बल्कि रावल गांव की रहने वाली थीं। बरसाना में उनके पिता की कचहरी थी। वहां पर वे साल में एक बार जाती थी। वर्ष में एक बार आना, यानि बरसाना। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की 16 हजार रानियों में राधा का नाम नहीं है। उनके पति में श्रीकृष्ण का नाम नहीं है। राधा जी के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद कुटिला थीं। छाता गांव में राधाजी की शादी हुई थी।
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने एक कथा के दौरान कहा कि राधाजी बरसाना नहीं, बल्कि रावल गांव की रहने वाली थीं। बरसाना में उनके पिता की कचहरी थी। वहां पर वे साल में एक बार जाती थी। वर्ष में एक बार आना, यानि बरसाना। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की 16 हजार रानियों में राधा का नाम नहीं है। उनके पति में श्रीकृष्ण का नाम नहीं है। राधा जी के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद कुटिला थीं। छाता गांव में राधाजी की शादी हुई थी।