फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   power crisis in 20 districts due to negligence of officers in uttar pradesh

यूपी के 20 जिलों में अफसरों की लापरवाही से खड़ा हुआ बिजली संकट

Mon, 24 Jun 2019 10:50 AM IST
मुकेश कुमार पुनीत शर्मा, अमर उजाला, आगरा
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 24 Jun 2019 10:50 AM IST
विज्ञापन
power crisis in 20 districts due to negligence of officers in uttar pradesh
प्रतीकात्मक तस्वीर
मथुरा समेत प्रदेश के 20 जिलों में अफसरों की लापरवाही से बिजली का संकट खड़ा हुआ। बिजली सुधार के जो कार्य सर्दियों में होने थे उन्हें गर्मियों में किया गया। बिजली घरों की मरम्मत का कार्य भी अप्रैल से लेकर जून तक में हुआ। भूमिगत केबल बिछाने का काम अप्रैल में पूरा होना था लेकिन जून में भी चल रहा है। यहां तक कि नए फीडर जनवरी से लेकर मार्च तक बनाए जाने थे मगर जून में बन रहे हैं।
विज्ञापन


भीषण गर्मी के मौसम में प्रदेश के कई जिले बिजली संकट झेल रहे हैं। सरकार भले ही भरपूर बिजली देने का दावा कर रही है, लेकिन हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। दरअसल बिजली के सुधार कार्यों के नाम पर शटडाउन सबसे ज्यादा लिए गए हैं। कहीं नया फीडर बनाने के नाम पर तो कहीं बिजली घर में नया ट्रांसफार्मर रखने के लिए। कहीं क्षमता वृद्धि के नाम पर तो कहीं बिजली की लाइन बदलने के लिए। 
विज्ञापन


ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 20 जिलों में यह हालात सामने आए हैं। इन जिलों में मई और जून माह में बिजली सुधार के लिए सबसे ज्यादा लाइन बंद की गई है। कहीं 8 घंटे का शटडाउन है तो कहीं 7 घंटे का। इन जिलों में बिजली को लेकर खूब हल्ला मच रहा है। बिजली सप्लाई बाधित रहने पर इन जिलों में बिजली बिल की वसूली भी नहीं हो पा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

ये जिले हुए प्रभावित

अलीगढ़, हाथरस, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा, मेरठ ग्रामीण, सहारनपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, फतेहपुर, शाहजहांपुर, मऊ, इटावा, फर्रुखाबाद, बुंदेलखंड, प्रतापगढ़ और कासगंज जिलों में बिजली सुधार के नाम पर सप्लाई बंद कर दी। मामले में 30 अधिशासी अभियंता और 12 नोडल अफसर जांच के घेरे में आ गए हैं। 

प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि इन जिलों में बिजली सुधार के जो भी कार्य प्रस्तावित थे सभी जनवरी से अप्रैल तक पूरे हो जाने चाहिए थे। लेकिन अफसरों की लापरवाही से काम पिछड़ा और जून तक काम किया जा रहा है। जिससे शटडाउन लिए गए हैं। 

इन अफसरों की विभागीय जांच शुरू कराई जा रही है। 9 अधिकारियों की एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी 20 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करेगी। इस रिपोर्ट के बाद अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाह अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed