{"_id":"6865f30c64526b0b2f042b42","slug":"potholes-dug-in-the-rain-are-posing-threat-to-life-even-the-orders-of-the-municipal-corporation-are-ineffectiv-2025-07-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Agra: जिंदगी पर संकट बन रहे बारिश में खोदी गई सड़कों के गड्ढे, नगर निगम का आदेश भी रहा बेअसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: जिंदगी पर संकट बन रहे बारिश में खोदी गई सड़कों के गड्ढे, नगर निगम का आदेश भी रहा बेअसर
Thu, 03 Jul 2025 08:33 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 03 Jul 2025 08:33 AM IST
सार
आगरा नगर निगम ने 27 जून को ही बारिश के बाद पूरे क्षेत्र में खुदाई पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी, लेकिन इसके बाद भी सड़कों को खोद दिया गया।
विज्ञापन
आगरा में बारिश के बाद का हाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के गैलाना, महर्षि पुरम, खंदारी, दयालबाग, नगला बूढ़ी में पानी की पाइप लाइन बिछाने का काम जलनिगम ने गर्मियों में पूरा नहीं किया। अब बारिश शुरू होने के बाद महर्षि पुरम और गैलाना क्षेत्र में सड़कों की खुदाई की जा रही है, जबकि मानसून में सड़कों की खुदाई पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। नगर निगम ने 27 जून को ही बारिश के बाद पूरे क्षेत्र में खुदाई पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। पूर्व में जारी की गई अनुमतियों को भी निरस्त कर दिया है, लेकिन रोक के बाद भी जलनिगम और दूरसंचार कंपनियां सड़कों की खुदाई करने में जुटी हुई हैं। इससे जलभराव होने पर वाहन गिरकर फंस रहे हैं, वहीं लोगों की जान का खतरा भी है।
विज्ञापन
जलनिगम महर्षिपुरम में गंगाजल की लाइन बिछाने के लिए गलियों की खुदाई कर रहा है। बारिश के बीच घरों के सामने चार से छह फुट गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं। इनसे लोगों का घर के बाहर निकलना मुश्किल हो गया है तो वहीं बारिश होने पर गलियों में पानी भरने पर यह गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। अब तक महर्षि पुरम में 30 से ज्यादा कारें जलनिगम की खुदाई के कारण गड्ढों में फंस चुकी हैं।
ये भी पढ़ें - UP Weather: रिमझिम से मिली राहत, 6 जुलाई तक तेज बारिश; मौसम विभाग ने की आने वाले दिनों के लिए भविष्यवाणी
ये भी पढ़ें - UP Weather: रिमझिम से मिली राहत, 6 जुलाई तक तेज बारिश; मौसम विभाग ने की आने वाले दिनों के लिए भविष्यवाणी
विज्ञापन
विज्ञापन
छीपीटोला में धंसी सड़क
बारिश में सड़कों की खुदाई जारी है तो वहीं छीपीटोला में बुधवार की सुबह सीवर मैनहोल के पास 15 फुट तक सड़क धंस गई। सुबह मुख्य सड़क पर सड़क धंसने के कारण दूसरे लेन पर ही वाहन निकले, जिससे छीपीटोला जाने वाले रास्ते पर पूरे दिन जाम जैसे हालात बने रहे। यहां से वाहन रेंगकर निकले। एमजी रोड पर मेट्रो के कारण ज्यादातर वाहन इसी रास्ते से निकल रहे थे, लेकिन सड़क धंसने और बड़ा गड्ढ़ा होने के कारण यहां से निकलने वाले वाहन जाम में फंसे रहे।
बारिश में सड़कों की खुदाई जारी है तो वहीं छीपीटोला में बुधवार की सुबह सीवर मैनहोल के पास 15 फुट तक सड़क धंस गई। सुबह मुख्य सड़क पर सड़क धंसने के कारण दूसरे लेन पर ही वाहन निकले, जिससे छीपीटोला जाने वाले रास्ते पर पूरे दिन जाम जैसे हालात बने रहे। यहां से वाहन रेंगकर निकले। एमजी रोड पर मेट्रो के कारण ज्यादातर वाहन इसी रास्ते से निकल रहे थे, लेकिन सड़क धंसने और बड़ा गड्ढ़ा होने के कारण यहां से निकलने वाले वाहन जाम में फंसे रहे।
महर्षि पुरम निवासी हरेंद्र यादव का कहना है कि गैलाना से लेकर महर्षि पुरम तक जलनिगम ने सड़कों की खुदाई कर गड्ढे छोड़ दिए हैं। सड़क पर मिट्टी फैली होने से दलदल हो गया है। हर दिन 5 से 10 कारें गड्ढों में फंस रही है। लोगों का हजारों रुपये का नुकसान होने के साथ जान का खतरा है। कई स्कूटी सवार इनमें गिर चुके हैं। खुदाई पर रोक लगाई जाए।
ये भी पढ़ें - हलवाई के बेटे का कत्ल: शराब पिलाई, एक दोस्त ने हाथ पकड़े, दूसरे ने सिर को ईंट से कुचला; जानें हत्या की वजह
ये भी पढ़ें - हलवाई के बेटे का कत्ल: शराब पिलाई, एक दोस्त ने हाथ पकड़े, दूसरे ने सिर को ईंट से कुचला; जानें हत्या की वजह
पूर्व पार्षद मुकेश यादव ने बताया कि पानी की पाइप लाइन बिछाने के काम के दौरान जो गड्ढे किए जा रहे हैं, उनमें मिट्टी नहीं भरी जा रही। लगातार बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर रहा है। इस वजह से जलभराव में पता नहीं चलता कि गड्ढा है या सड़क। कई कारें इनमें गिर चुकी हैं, जिन्हें निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ रही है।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता का कहना है कि मानसून में खुदाई पर पूरी तरह से रोक है। केवल इमरजेंसी कार्यों के लिए अनुमति के बाद खुदाई कर सकते हैं। जो पूर्व में खुदाई की अनुमतियां जारी की गई थीं, उन्हें निरस्त कर दिया गया है। जो विभाग या कंपनियां खुदाई कर रहे हैं, उन्हें काम रोकना होगा, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा।