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सोरों को तीर्थस्थल का दर्जा दिलाने को अनोखा अभियान, मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे 21 हजार पोस्टकार्ड
Mon, 17 Aug 2020 12:20 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 17 Aug 2020 12:20 AM IST
सार
- पोस्टकार्ड अभियान के साथ शुरू हुआ सोरों तीर्थ बनाओ आंदोलन
- अभियान के पहले चरण में मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे 21000 पोस्टकार्ड
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सोरों की हरिपदी घाट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गंगा किनारे बसे प्राचीन नगर सोरों को तीर्थस्थल घोषित कराने को लेकर अनोखा अभियान शुरू हुआ है। इसके तहत पहले चरण में मुख्यमंत्री को 21000 पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे।पोस्टकार्ड अभियान में नगर के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
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अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने बताया कि पोस्टकार्ड अभियान के साथ प्राचीन एवं पवित्र नगर सोरों को सरकारी तौर पर तीर्थस्थल घोषित कराने के लिए रविवार को आंदोलन शुरू किया गया है। इसमें तीर्थनगरी का हर वर्ग सहयोग करने को तैयार है।
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उन्होंने बताया कि इस आंदोलन के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 21000 पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को सोरों के साथ सौतेला व्यवहार नहीं करना चाहिए। इसे जल्द ही तीर्थस्थल घोषित किया जाए।
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एलान किया गया कि जब तक धर्म नगरी सोरों को सरकारी तौर पर तीर्थ स्थल का दर्जा नहीं मिलता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को रिंकू पचौरी, अशोक पांडे, अभय राज मिश्रा, सीताराम तिवारी, सौरभ दीक्षित, गोपाल, अतुल महेरे आदि ने सैकड़ों पोस्टकार्ड लिखे।
भगवान वराह का प्राकट्योत्सव 21 को
भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह के प्राकट्य दिवस पर उत्सव का आयोजन भाद्रपद तृतीया के दिन 21 अगस्त को किया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने सूकर रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया था। इस दिन सोरों स्थित भगवान वाराह के मंदिर में भव्य सजावट की जाएगी।
मंदिर के महंत विदेहानंद गिरि ने बताया कि सुबह नौ बजे भगवान वराह का दुग्धाभिषेक, 10 बजे महायज्ञ, शाम छह बजे भगवान वराह का हरिपदी में नौका विहार और हरिपदी परिक्रमा, शाम सात सात बजे गंगा वराह की महाआरती और भव्य फूल बंगला सजाकर छप्पन भोग लगाया जाएगा।
यह भी पढ़ें- पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी की पुण्यतिथि पर विशेष: ब्रज से था विशेष लगाव, पढ़िये उनके रोचक किस्सों की यादें
भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह के प्राकट्य दिवस पर उत्सव का आयोजन भाद्रपद तृतीया के दिन 21 अगस्त को किया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने सूकर रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया था। इस दिन सोरों स्थित भगवान वाराह के मंदिर में भव्य सजावट की जाएगी।
मंदिर के महंत विदेहानंद गिरि ने बताया कि सुबह नौ बजे भगवान वराह का दुग्धाभिषेक, 10 बजे महायज्ञ, शाम छह बजे भगवान वराह का हरिपदी में नौका विहार और हरिपदी परिक्रमा, शाम सात सात बजे गंगा वराह की महाआरती और भव्य फूल बंगला सजाकर छप्पन भोग लगाया जाएगा।
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