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Health: दिवाली पर जमकर खाए लड्डू-बर्फी, अब गड़बड़ा गया मधुमेह और बीपी; एसएन में लगी मरीजों की लाइन
Tue, 28 Oct 2025 09:55 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 28 Oct 2025 09:55 AM IST
सार
दिवाली पर बर्फी, लड्डू और पकवान खूब खाए। इससे पेट में दर्द, अपच की परेशानी बन गई है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप गड़बड़ा गया है। हालत खराब होने पर लोगों को अस्पतालों तक दौड़ लगानी पड़ी। सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन विभाग और बाल रोग विभाग में डेढ़ गुना मरीज बढ़ गए।
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एसएन ओपीडी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एसएन कॉलेज के मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया दिवाली पर लोगों ने मीठा, तली सामग्री खूब खाई है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों की हालत भी खराब मिल रही है। मधुमेह के मरीजों में खाली पेट 150-180 एमजी/डीएल और भरे पेट 280 से 350 एमजी/डीएल मिल रहा है, जबकि मधुमेह का स्तर खाली पेट 100 एमजी/डीएल और भरे पेट 150-180 एमजी/डीएल होना चाहिए। रक्तचाप की बात करें तो 170/110 एमएमएचजी तक मिल रहा है। इसका स्तर 130/80 एमएमएचजी होना चाहिए। कई केसों में दवाएं बंद करने से इनका स्तर ज्यादा बढ़ा हुआ मिला।
मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि दिवाली के चलते 10-15 दिन में लोगों का खानपान बदल गया। मिठाई, पूड़ी-कचौड़ी समेत गरिष्ठ भोजन अधिक किया। इससे लोगों के पेट में दर्द, गैस, खट्टी डकार, पेट फूलना, भूख कम लगने की परेशानी मिल रही है। ओपीडी में 35 फीसदी मरीजों ने ये दिक्कत बताई है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा सेन ने बताया कि ओपीडी में धूल-धुआं जाने से करकराहट, आंख लान होना, पानी आना, खुजली के भी मरीज आ रहे हैं। इनको दवा देने के साथ आंखों की देखभाल करने के लिए जागरूक किया है। बाल रोग विभाग के डॉ. राम क्षितिज शर्मा ने बताया कि दिवाली पर मीठा-पकवान खाने से पेट में दर्द, उल्टी-दस्त के मरीज भी बढ़ गए हैं। बदलते मौसम के कारण बच्चों में निमोनिया, वायरल फीवर की भी दिक्कत मिल रही है।
पर्चा और दवा के लिए धक्कामुक्की और मारामारी
एसएन की ओपीडी में सोमवार को 3824 मरीज आए। सुबह 9 से 12 बजे तक हॉल पूरा ठसाठस भरा रहा। हॉल के बाहर तक मरीजों की लाइन लग गई। पर्चा और दवा लेने के लिए मरीजों को धक्कामुक्की झेलनी पड़ी। डेढ़ से दो घंटे में पर्चा बन सका। लाइन में खड़े होने से बुजुर्ग मरीजों की हालत खराब हो गई।
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इन बातों का रखें ध्यान:
- मधुमेह मरीज मीठा, तला हुआ भोजन बंद कर दें।
- नियंत्रित नमक लें, फास्ट फूड-बाहर के भोजन से बचें।
- शाम को मैदा से बना और गरिष्ठ भोजन करने से बचें।
- भोजन में मूली, गाजर, खीरा का अधिक उपयोग करें।
सोमवार को एसएन ओपीडी में मरीजों की ये रही स्थिति
3824: ओपीडी
773: मेडिसिन
400: त्वचा रोग
386: हड्डी रोग
339: वक्ष एवं क्षय रोग
235: बाल रोग
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मेडिसिन विभाग के डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि दिवाली के चलते 10-15 दिन में लोगों का खानपान बदल गया। मिठाई, पूड़ी-कचौड़ी समेत गरिष्ठ भोजन अधिक किया। इससे लोगों के पेट में दर्द, गैस, खट्टी डकार, पेट फूलना, भूख कम लगने की परेशानी मिल रही है। ओपीडी में 35 फीसदी मरीजों ने ये दिक्कत बताई है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा सेन ने बताया कि ओपीडी में धूल-धुआं जाने से करकराहट, आंख लान होना, पानी आना, खुजली के भी मरीज आ रहे हैं। इनको दवा देने के साथ आंखों की देखभाल करने के लिए जागरूक किया है। बाल रोग विभाग के डॉ. राम क्षितिज शर्मा ने बताया कि दिवाली पर मीठा-पकवान खाने से पेट में दर्द, उल्टी-दस्त के मरीज भी बढ़ गए हैं। बदलते मौसम के कारण बच्चों में निमोनिया, वायरल फीवर की भी दिक्कत मिल रही है।
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पर्चा और दवा के लिए धक्कामुक्की और मारामारी
एसएन की ओपीडी में सोमवार को 3824 मरीज आए। सुबह 9 से 12 बजे तक हॉल पूरा ठसाठस भरा रहा। हॉल के बाहर तक मरीजों की लाइन लग गई। पर्चा और दवा लेने के लिए मरीजों को धक्कामुक्की झेलनी पड़ी। डेढ़ से दो घंटे में पर्चा बन सका। लाइन में खड़े होने से बुजुर्ग मरीजों की हालत खराब हो गई।
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इन बातों का रखें ध्यान:
- मधुमेह मरीज मीठा, तला हुआ भोजन बंद कर दें।
- नियंत्रित नमक लें, फास्ट फूड-बाहर के भोजन से बचें।
- शाम को मैदा से बना और गरिष्ठ भोजन करने से बचें।
- भोजन में मूली, गाजर, खीरा का अधिक उपयोग करें।
सोमवार को एसएन ओपीडी में मरीजों की ये रही स्थिति
3824: ओपीडी
773: मेडिसिन
400: त्वचा रोग
386: हड्डी रोग
339: वक्ष एवं क्षय रोग
235: बाल रोग