{"_id":"610fdbb08ebc3ef3932c1852","slug":"poor-families-deprived-of-benefits-of-government-schemes-mainpuri-news-agr502974516","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित गरीब परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित गरीब परिवार
विज्ञापन
अजीतगंज। विकासखंड जागीर क्षेत्र के गांव एलाऊ निवासी रेनू देवी सक्सेना को पात्रता के बाद भी आवास नहीं मिल सका है। गरीब परिवार कच्चे गिरासू मकान में झोपड़ी डालकर रह रहा है।
बीते पांच सालों में रेनू के पति जयवीर ने आवास पाने के लिए ब्लॉक कार्यालय एवं ग्राम प्रधान व सचिव के चक्कर काटे। पात्र होने के बाद भी आवास नहीं मिल सका। आवास सूची में रेनू देवी पत्नी जयवीर का नाम प्रथम स्थान पर है। लेकिन ग्राम प्रधान व सचिव की मनमानी के कारण आवास नहीं मिल सका। जयवीर का आरोप है कि ग्राम पंचायत में रुपये देने वाले लोगों को ही आवास योजना का लाभ मिला है। रुपये नहीं दे पाने की वजह से आवास नहीं मिल सका है।
------
मजदूरी करता है जयवीर
जयवीर शादी समारोह में हलवाई व टेंट हाउस वाले के साथ जाकर मेहनत मजदूरी करता है। एक दिन की मेहनत के बदले मुश्किल से तीन सौ रुपये मिल पाते हैं। जिससे परिवार का गुजारा चलता है। लॉकडाउन के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ा था। तीन वर्ष पूर्व बनवाए गए राशन कार्ड पर आज तक राशन भी नहीं मिला है।
विज्ञापन
-------
मामले की जानकारी नहीं है, जांच कराई जाएगी। अगर पीड़ित पात्र होगा तो उसको पात्रता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
पीसी राम उपायुक्त मनरेगा/बीडीओ जागीर
विज्ञापन
बीते पांच सालों में रेनू के पति जयवीर ने आवास पाने के लिए ब्लॉक कार्यालय एवं ग्राम प्रधान व सचिव के चक्कर काटे। पात्र होने के बाद भी आवास नहीं मिल सका। आवास सूची में रेनू देवी पत्नी जयवीर का नाम प्रथम स्थान पर है। लेकिन ग्राम प्रधान व सचिव की मनमानी के कारण आवास नहीं मिल सका। जयवीर का आरोप है कि ग्राम पंचायत में रुपये देने वाले लोगों को ही आवास योजना का लाभ मिला है। रुपये नहीं दे पाने की वजह से आवास नहीं मिल सका है।
विज्ञापन
------
मजदूरी करता है जयवीर
जयवीर शादी समारोह में हलवाई व टेंट हाउस वाले के साथ जाकर मेहनत मजदूरी करता है। एक दिन की मेहनत के बदले मुश्किल से तीन सौ रुपये मिल पाते हैं। जिससे परिवार का गुजारा चलता है। लॉकडाउन के दौरान समस्याओं का सामना करना पड़ा था। तीन वर्ष पूर्व बनवाए गए राशन कार्ड पर आज तक राशन भी नहीं मिला है।
विज्ञापन
-------
मामले की जानकारी नहीं है, जांच कराई जाएगी। अगर पीड़ित पात्र होगा तो उसको पात्रता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
पीसी राम उपायुक्त मनरेगा/बीडीओ जागीर