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तालाब में सैकड़ों मछलियां मरीं, मत्स्य पालक परेशान
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टूंडला के गांव जटई के तालाब में मरी मछलियां
- फोटो : TUNDLA
टूंडला (फिरोजाबाद)। थाना नगला सिंधी के गांव धीरपुरा स्थित एक तालाब में शुक्रवार रात सैकड़ों मछलियां मर गईं। मत्स्य पालक ने तालाब में गंदा पानी आने एवं ग्रामीणों ने मछलियों को दाना न खिलाने का आरोप लगाते हुए पालक को जिम्मेदार ठहराया।
गांव धीरपुरा के मजरा जटई में सरन प्रकाश पट्टे पर तालाब में मछली पालन करता है। शुक्रवार सुबह तालाब में सैकड़ों की संख्या में मछलियों को मरा देख उसके होश उड़ गये। मत्स्य पालक का आरोप था कि गांव का गंदा पानी तालाब में जाता हैै। इससे तालाब का पानी जहरीला हो गया है।
कई बार गंदे पानी को रोकने का प्रयास किया है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा गंदा पानी तालाब की तरफ ही छोड़ा जाता है। इधर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कहना था कि मत्स्य पालक द्वारा मछलियों को पूरी तरह से दाना नहीं दिया जाता है, इससे मछलियां मर गईं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मत्स्य पालकों के तालाबों की जांच करनी चाहिए।
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तालाब में करें चूने का प्रयोग
तालाब में अगर मछलियां मर रही हैं तो इसके पीछे तालाब का पानी प्रदूषित होना एवं ऑक्सीजन की कमी होना है। इसके लिए मत्स्य पालक तालाब में चूने का प्रयोग करें। प्रति एकड़ तालाब में 50 किलो चूने का प्रयोग करना चाहिए। जिससे पानी शुद्ध हो जायेगा। तालाब में गंदा पानी रोककर पानी को बदला भी जा सकता है।
- तालाबों में नालियों का गंदा पानी जाने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे मछलियां मर जाती हैं। जटई में मछलियों के मरने का कारण जानने के लिए जांच कराई जाएगी। - किशन शर्मा, जिला मत्स्य अधिकारी, फिरोजाबाद।
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गांव धीरपुरा के मजरा जटई में सरन प्रकाश पट्टे पर तालाब में मछली पालन करता है। शुक्रवार सुबह तालाब में सैकड़ों की संख्या में मछलियों को मरा देख उसके होश उड़ गये। मत्स्य पालक का आरोप था कि गांव का गंदा पानी तालाब में जाता हैै। इससे तालाब का पानी जहरीला हो गया है।
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कई बार गंदे पानी को रोकने का प्रयास किया है, लेकिन ग्रामीणों द्वारा गंदा पानी तालाब की तरफ ही छोड़ा जाता है। इधर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कहना था कि मत्स्य पालक द्वारा मछलियों को पूरी तरह से दाना नहीं दिया जाता है, इससे मछलियां मर गईं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मत्स्य पालकों के तालाबों की जांच करनी चाहिए।
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तालाब में करें चूने का प्रयोग
तालाब में अगर मछलियां मर रही हैं तो इसके पीछे तालाब का पानी प्रदूषित होना एवं ऑक्सीजन की कमी होना है। इसके लिए मत्स्य पालक तालाब में चूने का प्रयोग करें। प्रति एकड़ तालाब में 50 किलो चूने का प्रयोग करना चाहिए। जिससे पानी शुद्ध हो जायेगा। तालाब में गंदा पानी रोककर पानी को बदला भी जा सकता है।
- तालाबों में नालियों का गंदा पानी जाने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे मछलियां मर जाती हैं। जटई में मछलियों के मरने का कारण जानने के लिए जांच कराई जाएगी। - किशन शर्मा, जिला मत्स्य अधिकारी, फिरोजाबाद।