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प्रदूषण बरकरार, सांस की तकलीफों में इजाफा
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शहर में छाया स्मॉग
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। दीपावली को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक जिले की आबोहवा स्वस्थ्य नहीं हो पाई है। मौसम में अभी भी स्मॉग का असर है। चारों ओर धुंध छाई हुए है। इससे लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। दमा, सांस और एलर्जी के मरीजों की इलाज के लिए अस्पताल में भीड़ लगी हुई है।
दिवाली पर मैनपुरी के वाशिंदों ने पूरी दिलदारी के साथ आतिशबाजी की। उसी दिन से जिले की हवा जहरीली हो गई है। चारों ओर स्मॉग का असर है। स्मॉग का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दिवाली को पांच दिन बीत चुके हैं,
लेकिन अभी तक वातावरण में सेहतमंद नहीं हुआ है। स्मॉग के कारण सांस, दमा, खांसी, जुकाम और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दिवाली से लेकर अब तक जिला अस्पताल अस्पताल में नौ हजार लोग इलाज कराने पहुंचे। इसमें स्मॉग के पीड़ितों की संख्या भी अच्छी खासी रही।
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यह बरतें सावधानी
स्मॉग सेहत के लिए हानिकारण है, लेकिन कुछ सावधानी बरतकर इसके हानिकारण प्रभाव से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर जेजे राम का कहना है कि स्मॉग के कारण दमा, सांस, एलर्जी, सर्दी-जुकाम और दिल के मरीजों की संख्या बढ़ी है। स्मॉग से बचने के लिए घर से बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें। किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।
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दिवाली पर मैनपुरी के वाशिंदों ने पूरी दिलदारी के साथ आतिशबाजी की। उसी दिन से जिले की हवा जहरीली हो गई है। चारों ओर स्मॉग का असर है। स्मॉग का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दिवाली को पांच दिन बीत चुके हैं,
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लेकिन अभी तक वातावरण में सेहतमंद नहीं हुआ है। स्मॉग के कारण सांस, दमा, खांसी, जुकाम और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दिवाली से लेकर अब तक जिला अस्पताल अस्पताल में नौ हजार लोग इलाज कराने पहुंचे। इसमें स्मॉग के पीड़ितों की संख्या भी अच्छी खासी रही।
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यह बरतें सावधानी
स्मॉग सेहत के लिए हानिकारण है, लेकिन कुछ सावधानी बरतकर इसके हानिकारण प्रभाव से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉक्टर जेजे राम का कहना है कि स्मॉग के कारण दमा, सांस, एलर्जी, सर्दी-जुकाम और दिल के मरीजों की संख्या बढ़ी है। स्मॉग से बचने के लिए घर से बाहर निकलते वक्त मास्क का प्रयोग करें। किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर की सलाह लें।