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आगरा: गाड़ी को साइड न देने पर जज का गुस्सा, कोर्ट रूम में उतरवाई पुलिस की वर्दी
Sat, 27 Jul 2019 10:07 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 27 Jul 2019 10:07 AM IST
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मामले में पुलिसकर्मियों ने दर्ज कराए बयान
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में एक न्यायिक अधिकारी की गाड़ी को साइड न देना एक पुलिसकर्मी को महंगा पड़ गया। गुस्साए न्यायिक अधिकारी ने कोर्ट में पुलिसकर्मी की वर्दी उतरवा दी। पुलिसकर्मी लगभग 25 मिनट तक बगैर वर्दी के खड़ा रहा। उसने मामले की शिकायत एसएसपी से की है।
पुलिस लाइन में तैनात ड्राइवर घूरेलाल ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की है कि एक न्यायिक अधिकारी ने शुक्रवार को कोर्ट में बुलाकर उसकी वर्दी उतरवा दी। सिपाही का कहना है कि अधिकारी ने उससे कहा कि उसने उनकी गाड़ी को साइड नहीं दी, इसलिए यह सजा दी जा रही है।
मामले के अनुसार घूरे लाल जिला जेल से दो बाल अपचारी लेकर वज्र वाहन से जा रहे थे। उनके साथ पुलिस लाइन के ही तीन सिपाही आलोक, मनीष और रुपेश थे। ये लोग बाल अपचारियों को मलपुरा के सिरौली स्थित किशोर न्याय बोर्ड जा रहे थे।
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पुलिस लाइन में तैनात ड्राइवर घूरेलाल ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की है कि एक न्यायिक अधिकारी ने शुक्रवार को कोर्ट में बुलाकर उसकी वर्दी उतरवा दी। सिपाही का कहना है कि अधिकारी ने उससे कहा कि उसने उनकी गाड़ी को साइड नहीं दी, इसलिए यह सजा दी जा रही है।
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मामले के अनुसार घूरे लाल जिला जेल से दो बाल अपचारी लेकर वज्र वाहन से जा रहे थे। उनके साथ पुलिस लाइन के ही तीन सिपाही आलोक, मनीष और रुपेश थे। ये लोग बाल अपचारियों को मलपुरा के सिरौली स्थित किशोर न्याय बोर्ड जा रहे थे।
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कोर्ट में बुलाकर उतरवाई वर्दी
सिरोली वाले रास्ते पर वज्र वाहन आगे था, पीछे न्यायिक अधिकारी की गाड़ी आ रही थी। घूरे लाल ने बताया कि पहले एक बाइक का होर्न सुनाई दिया। इसके बाद लगातार होर्न बजता रहा। उसे लगा कि बाइक चालक ही होर्न बजा रहा है।
थोड़ी देर बाद पता चला कि होर्न न्यायिक अधिकारी की गाड़ी का ड्राइवर बजा रहा था। तभी न्यायिक अधिकारी ने कोर्ट में आने के लिए कहा। घूरे लाल ने बताया कि तीनों सिपाही और वह कोर्ट में पहुंचे। आरोप है कि वहां न्यायिक अधिकारी ने चेतावनी दी कि इस गलती के लिए उसकी वर्दी उतरवा दी जाएगी।
इसके बाद अधिकारी ने कहा कि वर्दी उतारो। इस पर पुलिसकर्मी ने टोपी, पैंट, शर्ट उतार दी। सिपाहियों ने बताया कि तभी किसी ने यूपी 100 पर फोन कर दिया कि पुलिस का ड्राइवर बगैर वर्दी के कोर्ट में खड़ा है। इस पर सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव वहां पहुंची।
थोड़ी देर बाद पता चला कि होर्न न्यायिक अधिकारी की गाड़ी का ड्राइवर बजा रहा था। तभी न्यायिक अधिकारी ने कोर्ट में आने के लिए कहा। घूरे लाल ने बताया कि तीनों सिपाही और वह कोर्ट में पहुंचे। आरोप है कि वहां न्यायिक अधिकारी ने चेतावनी दी कि इस गलती के लिए उसकी वर्दी उतरवा दी जाएगी।
इसके बाद अधिकारी ने कहा कि वर्दी उतारो। इस पर पुलिसकर्मी ने टोपी, पैंट, शर्ट उतार दी। सिपाहियों ने बताया कि तभी किसी ने यूपी 100 पर फोन कर दिया कि पुलिस का ड्राइवर बगैर वर्दी के कोर्ट में खड़ा है। इस पर सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव वहां पहुंची।
पुलिस कर्मियों के दर्ज कराए गए बयान
तब जाकर घूरे लाल को वर्दी पहनने दी गई। सीओ ने एसएसपी बबलू कुमार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद जांच के लिए एसपी पश्चिम रवि कुमार पहुंचे। उन्होंने कहा कि जांच के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। इसके बाद एसएसपी ने घूरे लाल और तीनों सिपाहियों को पुलिस लाइन बुलाकर उनका बयान दर्ज किया।
एसएसपी बबलू कमार ने बताया कि न्यायिक अधिकारी द्वारा कोर्ट में पुलिस के ड्राइवर की वर्दी उतरवाए जाने का मामला सामने आया है। इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज, रजिस्ट्रार जनरल और जिला जज को भेजी जा रही है।
एसएसपी बबलू कमार ने बताया कि न्यायिक अधिकारी द्वारा कोर्ट में पुलिस के ड्राइवर की वर्दी उतरवाए जाने का मामला सामने आया है। इसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज, रजिस्ट्रार जनरल और जिला जज को भेजी जा रही है।