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UP: पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म का आरोप, कोर्ट में बयान से मुकरी...तो खुद ही फंस गई; वादिनी पर कार्रवाई का आदेश
Fri, 18 Jul 2025 10:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 18 Jul 2025 10:06 AM IST
सार
दुष्कर्म के आरोप में फंसे पुलिसकर्मी को बरी करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं गवाही से मुकरने पर कोर्ट ने वादिनी पर कार्रवाई का आदेश दिया है।
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महिला सांकेतिक
- फोटो : ai
विस्तार
पुलिस ने दुष्कर्म के केस में एफआर लगा दी तो वादिनी ने अदालत में आपत्ति दर्ज कराई। केस की सुनवाई के दौरान वादिनी, उसकी पुत्री और पति पूर्व गवाही से मुकर गए। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने जिला यमुना नगर क्षेत्र (हरियाणा) के गांव जगाधारी निवासी आरोपी पुलिसकर्मी रवि कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश दिया।
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थाना हरीपर्वत में दर्ज केस के अनुसार वादिनी ने आरोप लगाया था कि 25 सितंबर 2018 को दोपहर उनका रिश्तेदार हरियाणा पुलिस में तैनात रवि कुमार घर आया। उससे छेड़छाड़ करने लगा और विरोध पर रिवाल्वर निकालकर जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया।
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22 अक्तूबर 2018 की शाम आरोपी घर आया और 16 वर्षीय पुत्री के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। पुत्री के शोर मचाने पर वादिनी ने बचाया। विवेचक ने प्रेम संबंध होने के आधार पर एफआर लगा दी थी। वादिनी की आपत्ति पर अदालत ने एफआर निरस्त कर आरोपी को तलब करने के आदेश दिए थे। अदालत में पूर्व गवाही से मुकरने और झूठे साक्ष्य पेश करने पर वादिनी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 22 के तहत वाद दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए गए।