नशे का कारोबार: दवा माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी, पांच फरार आरोपियों की होगी कुर्की
- दवा माफिया के खिलाफ थाना न्यू आगरा में दर्ज दो मुकदमों में हैं आरोपी
- कुर्की की कार्रवाई के लिए पुलिस कोर्ट में देना होगा प्रार्थना-पत्र
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आगरा में एक्सपायरी और सैंपल की दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले माफिया और उनके सहयोगियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। थाना न्यू आगरा पुलिस ने नशे की दवाओं के अवैध कारोबार के मामले में जेल भेजे गए आरोपी पंकज गुप्ता के फरार साथियों की कुर्की की तैयारी कर ली है। कानपुर के हरप्रीत, प्रीतम, पंकज की पत्नी और दो बेटियों की कुर्की के लिए पुलिस कोर्ट में प्रार्थना-पत्र लगाएगी।
19, 20 और 21 दिसंबर, 2020 को नशे की दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले जयपुरिया गैंग पर औषधि विभाग और पुलिस कार्रवाई की थी। तीन दिन चली कार्रवाई के बाद बल्केश्वर के तेज नगर निवासी सरगना पंकज गुप्ता, उसका बेटा अमन, साथी अनिल की पत्नी मन्नत करीरा, नंदू उर्फ नंद किशोर, धीरज, सूर्यकांत गुप्ता, किशन अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया।
पंकज के साथी कानपुर निवासी सरदार हरप्रीत, प्रीतम, पंकज गुप्ता की पत्नी रीता और दो बेटियां फरार हैं। हरप्रीत पंकज के पास दवाओं का जखीरा भेजता था। वह कहां है? यह पुलिस पता नहीं कर सकी है। मामले में थाना न्यू आगरा में दर्ज दो मुकदमों में 17 आरोपी नामजद किए गए थे।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि मुकदमों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। अब आरोपियों के घरों की कुर्की कराई जाएगी। जल्द ही कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। धारा 82 का आदेश मिलने पर आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा किए जाएंगे। अगर, वह एक महीने बाद भी नहीं पकड़े गए तो कुर्की कर ली जाएगी। चार्जशीट लगाने के बाद गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की जाएगी।
अरोड़ा बंधुओं पर पंजाब पुलिस ने की कार्रवाई
26 जुलाई, 2020 को पंजाब पुलिस ने आगरा गैंग के सरगना कमला नगर निवासी जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा और उसके भाई कपिल अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। खटीकपाड़ा निवासी हरीश भाटिया को बरनाल से गिरफ्तार किया गया था। नशे की दवाओं की तस्करी करने वाले इस गैंग का नेटवर्क 11 राज्यों में फैला हुआ था।
पुलिस ने विक्की और कपिल के गोदाम पर छापा मारकर लाखों रुपये की दवाएं बरामद कीं। जांच में कई नाम और आए सामने आए लेकिन कोई नहीं पकड़ा जा सका। बाद में विक्की और कपिल को दवा माफिया घोषित किया गया। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पंजाब पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। स्थानीय स्तर पर पंजाब पुलिस का सहयोग किया जा रहा है।
राजौरा बंधुओं के मामले में लैब की रिपोर्ट नहीं आई
नौ फरवरी को औषधि विभाग ने सिकंदरा के आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर आठ निवासी सुधीर राजौरा और उसके भाई प्रदीप राजौरा को गिरफ्तार किया था। इसी दिन मथुरा निवासी सौरभ को गिरफ्तार किया गया था। ये लोग एक्सपायर दवाओं को दोबारा से पैक करके बेच रहे थे।
सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। कई और लोगों के नाम सामने आए लेकिन पुलिस ने तीन को जेल भेजने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि सिकंदरा पुलिस का कहना है कि दवाओं को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया था। अभी इनकी रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद चार्जशीट लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
बल्केश्वर निवासी कपिल अग्रवाल को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, दिल्ली की टीम ने गिरफ्तार किया था। दिल्ली में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। उससे पूछताछ के बाद सिकंदरा स्थित जेपी ड्रग्स ग्रुप आफ कंपनीज के ऑफिस और गोदाम में गुरुवार को एनसीबी ने छापा मारा।
बड़ी मात्रा में दवाएं बरामद हुईं। पुलिस दो वाहनों में दवाओं को जब्त करके ले गई। कंपनी का मालिक पूर्व में जेल में बंद रहा है। इसके अलावा भी एनसीबी ने कई और स्थान पर छापेमारी की है।