{"_id":"5f833c258ebc3e9b97750210","slug":"police-transported-four-year-old-girl-and-80-year-old-to-home-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मददगार खाकी: रात को चौराहे पर रोती मिली बच्ची को पहुंचाया घर, गुजरात के बुजुर्ग को अपनों से मिलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मददगार खाकी: रात को चौराहे पर रोती मिली बच्ची को पहुंचाया घर, गुजरात के बुजुर्ग को अपनों से मिलाया
Mon, 12 Oct 2020 12:30 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 12 Oct 2020 12:30 AM IST
सार
- आगरा की थाना एत्माद्दौला पुलिस ने चार साल की बच्ची और 80 साल के बुजुर्ग को अपनों से मिलवा दिया। परिजनों ने पुलिस का धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
परिजन की गोद में बच्ची
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में शनिवार की रात को रामबाग चौराहे पर गश्त के दौरान पुलिस को एक चार साल की बच्ची मिली। वह रोये जा रही थी। ठीक से माता-पिता के बारे में नहीं बता पा रही थी। पुलिसकर्मी उसे थाने ले आए। खाने के लिए टॉफी और बिस्कुट दिए।
विज्ञापन
बच्ची ने जो आधी-अधूरी जानकारी दी उसके आधार पर परिजनों की खोज की गई। करीब दो घंटे की खोज के बाद आखिर माता-पिता मिल गए। बच्ची सुशील नगर निवासी नेत्रपाल की बेटी थी। पुलिस परिजनों को थाने लाई और बेटी से मिलाया।
विज्ञापन
इससे पूर्व शुक्रवार की रात को रामबाग चौराहे के पास गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों को 80 वर्षीय बुजुर्ग घूमते मिले। उनके कपड़े फटे और काफी गंदे थे। ठीक से बात भी नहीं कर पा रहे थे। थाने में लाकर पुलिसकर्मियों ने उनको खाना खिलाया, कपड़े बदलवाए।
विज्ञापन
गुजरात के रहने वाले थे बुजुर्ग
फिर उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने अपना नाम जीवाराम पुत्र काला भाई निवासी एसटी नगर, नारियाव, सूरत, गुजरात बताया। बुजुर्ग ने बताया कि कि कुछ दिन पहले घर से दांत लगवाने के लिए निकले थे। एक ट्रेन में बैठे और आगरा में उतर गए।
काफी पूछताछ के बाद उन्होंने भतीजे करन का मोबाइल नंबर बताया। वह दिल्ली में था। उसने अपने मित्र नौशाद को भेजा। शनिवार को वह बुजुर्ग को बस से दिल्ली ले गया।
काफी पूछताछ के बाद उन्होंने भतीजे करन का मोबाइल नंबर बताया। वह दिल्ली में था। उसने अपने मित्र नौशाद को भेजा। शनिवार को वह बुजुर्ग को बस से दिल्ली ले गया।