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धर्मांतरण गिरोह के स्लीपर सेल: युवाओं को फंसाते थे आरोपी, धर्म बदलवाकर करा देते निकाह; कई युवतियां कराईं मुक्त
Sun, 03 May 2026 09:52 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 03 May 2026 09:52 AM IST
सार
पकड़े गए आरोपी दूसरे धर्म के युवक-युवतियों को बातों में फंसाते थे। जाकिर नाइक और कलीम सिद्दीकी की तकरीरों के वीडियो भेजकर आकर्षित करते थे। धर्मांतरण के बाद उनके निकाह करवाते थे। इस्लामिक साहित्य से ब्रेनवाॅश कर उन्हें कट्टर बनाते थे। इसके बाद उन्हें गैंग में भी शामिल करते थे।
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आगरा धर्मांतरण कांड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
धर्मांतरण गैंग के चारों आरोपी रविवार से तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर रहेंगे। शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली की कोर्ट में विवेचक साइबर थाना प्रभारी रीता सिंह ने रिमांड के लिए प्रार्थनापत्र दिया। आरोपियों को गैंग का स्लीपर सेल बताया गया। अभियोजन की एक घंटे तक दलील सुनने के बाद न्यायालय ने यह मंजूरी दी। आरोपियों में से दो का यूपी से कनेक्शन निकला है।
सदर थाना में बीते वर्ष दर्ज सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास, डीसीपी वेस्ट आदित्य सिंह और एडीसीपी हिमांशु गौरव ने संयुक्त टीम बनाकर शुक्रवार को दिल्ली निवासी तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जतिन कपूर और राजस्थान के डींग के रहने वाले हसन मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। विवेचना कर रहीं इंस्पेक्टर साइबर क्राइम रीता यादव ने कस्टडी रिमांड प्रार्थनापत्र में बताया कि आरोपी धर्मांतरण गैंग में स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। धर्म बदलवाकर निकाह करवाना, ब्रेनवाॅश करना जैसे काम करते हैं। इनसे पूछताछ कर साक्ष्य संकलन करना जरूरी है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुद चलकर साक्ष्य बरामद करने का बयान दिए हैं।
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सदर थाना में बीते वर्ष दर्ज सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास, डीसीपी वेस्ट आदित्य सिंह और एडीसीपी हिमांशु गौरव ने संयुक्त टीम बनाकर शुक्रवार को दिल्ली निवासी तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जतिन कपूर और राजस्थान के डींग के रहने वाले हसन मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। विवेचना कर रहीं इंस्पेक्टर साइबर क्राइम रीता यादव ने कस्टडी रिमांड प्रार्थनापत्र में बताया कि आरोपी धर्मांतरण गैंग में स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। धर्म बदलवाकर निकाह करवाना, ब्रेनवाॅश करना जैसे काम करते हैं। इनसे पूछताछ कर साक्ष्य संकलन करना जरूरी है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुद चलकर साक्ष्य बरामद करने का बयान दिए हैं।
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अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष कहा कि तलमीज उर रहमान मूलरूप से यूपी के मुरादाबाद, उसका साथी परवेज अख्तर बिजनौर का रहने वाला है। तलमीज कलीम सिद्दीकी और जाकिर नाइक के संपर्क में रह चुका है। यह चारों दूसरे धर्म के युवक-युवतियों को बातों में फंसाते थे। जाकिर नाइक और कलीम सिद्दीकी की तकरीरों के वीडियो भेजकर आकर्षित करते थे। धर्मांतरण के बाद उनके निकाह करवाते थे। इस्लामिक साहित्य से ब्रेनवाॅश कर उन्हें कट्टर बनाते थे। इसके बाद उन्हें गैंग में भी शामिल करते थे।
इसके लिए युवक-युवतियों को लालच भी दिए जाते थे। पुलिस ने पूर्व में कई युवतियों को मुक्त कराया है। गैंग से जुड़े 14 आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं। अभियोजन अधिकारी बृजमोहन सिंह कुशवाह की दलीलों के बाद आरोपियों की 3 मई से 5 मई की शाम चार बजे तक पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की गई।
तलमीज की जमानत याचिका खारिज
उधर, शनिवार को पुलिस के रिमांड मांगने के दौरान ही तलमीज उर रहमान ने खुद को बेगुनाह बताते हुए जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। पुलिस पर बिना साक्ष्य के फंसाने का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के दौरान वजह तक नहीं बताने की बात कही। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
इसके लिए युवक-युवतियों को लालच भी दिए जाते थे। पुलिस ने पूर्व में कई युवतियों को मुक्त कराया है। गैंग से जुड़े 14 आरोपी वर्तमान में जेल में बंद हैं। अभियोजन अधिकारी बृजमोहन सिंह कुशवाह की दलीलों के बाद आरोपियों की 3 मई से 5 मई की शाम चार बजे तक पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की गई।
तलमीज की जमानत याचिका खारिज
उधर, शनिवार को पुलिस के रिमांड मांगने के दौरान ही तलमीज उर रहमान ने खुद को बेगुनाह बताते हुए जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। पुलिस पर बिना साक्ष्य के फंसाने का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के दौरान वजह तक नहीं बताने की बात कही। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी।