फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Police rescued four children who begged in agra

आगरा: मां-बाप पिटाई कर मंगवाते हैं भीख, घर से भागे बच्चों ने बताई जुल्म की दास्तां

Sun, 03 Oct 2021 10:59 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 03 Oct 2021 10:59 AM IST
सार

आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र में शनिवार को भीख मंगाते चार मासूम बच्चों को पुलिस ने रेस्क्यू किया। जब बच्चों से चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने बात की तो बच्चों ने कहा कि उनकी सौतेली मां और पिता मारते-पीटते हैं। भीख मंगवाते हैं। 
 

विज्ञापन
Police rescued four children who begged in agra
बच्चों से पूछताछ करती महिला पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हमारी मां सौतेली हैं। पिता मजदूरी करते हैं। दोनों मारते-पीटते हैं। भीख मंगवाते हैं। अब हमें घर नहीं जाना है। आगरा में 11 साल के बालक ने शनिवार को चाइल्ड लाइन सदस्य से यही कहा। बालक अपने दो मासूम भाई और बहन के साथ फुटपाथ पर भीख मांगते हुए पुलिस को मिला था। चारों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर आश्रय प्रदान किया गया।

विज्ञापन


चाइल्ड लाइन समन्वयक रितु वर्मा के मुताबिक, शनिवार को थाना हरीपर्वत पुलिस ने सूचना दी कि चार बच्चे कई दिन से सड़क पर रह रहे हैं। इनमें तीन भाई और एक बहन है। सबसे बड़ा भाई 11 साल, दूसरी नंबर की बहन आठ साल, तीसरे नंबर का छह और चौथा पांच साल का भाई है। 
विज्ञापन


आगरा: नहीं थम रहा बुखार से मौत का सिलसिला, पिनाहट में दो और मासूमों ने तोड़ा दम
विज्ञापन
विज्ञापन


सदस्य पूनम ने पहुंचकर बच्चों से बात की। उन्होंने बताया कि माता-पिता उनसे मारपीट करते हैं। भीख मांगने के लिए भेज देते हैं। थाना हरीपर्वत के सहयोग से बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। 

'हम अब घर नहीं जाना चाहते हैं...'
बाल कल्याण समिति को बच्चों ने बताया कि पिता मजदूरी करते हैं। मां सौतेली है। मां ने ही पिटाई की थी। इस कारण फुटपाथ पर रह रहे थे। सड़क पर खिलौने बेचते हैं। रुपये मिलने पर पिता को देते हैं। मगर, कुछ दिन पहले पिता भी ने भी पीटा। तब घर से निकल आए। 

अब घर नहीं जाना चाहते हैं। समिति सदस्य और अध्यक्ष ने बच्चों को समझाया। उनकी काउंसिलिंग की। बच्चों को बाल गृह और खुला आश्रय गृह में आश्रय प्रदान कराया गया। अब चाइल्ड लाइन बच्चों के माता-पिता से संपर्क करेगी। 


अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं। 



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed