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बहन की मदद से वधू बनने से बची नाबालिग
ब्यूरो/अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Mon, 15 May 2017 05:25 PM IST
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फिरोजाबाद के क्षेत्र नारखी के गांव राजमल ढकई में शनिवार की शाम बाल विवाह की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शादी को रुकवा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने ले आई। यहां घंटों पंचायत चली। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों को एक दूसरे को शादी खर्च लौटाने के समझौते पर मामले को रफादफा करा दिया। बरात कन्नौज जिले से आई थी और बिन दुल्हन के विदा हो गई।
गांव राजमल ढकई निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय पुत्री का विवाह कन्नौज जिले के गांव गुनाह निवासी 28 वर्षीय युवक के साथ तय किया था। शनिवार शाम को युवक बरात लेकर पहुंच गया। स्वागत के बाद बरात चढ़ने के साथ ही बारौठी की रस्म भी अदा हो गई।
बालिका ने जब बारौठी के समय दुल्हे को देखा तो उसने अपने मामा की बेटी से कहा कि लड़के की उम्र अधिक है। इसलिए वह शादी नहीं करेगी। मामा की बेटी ने बाल विवाह होने की जानकारी यूपी 100 को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शादी की रस्मों को रुकवा दिया और दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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यहां रविवार दोपहर तक दोनों पक्षों के बीच पुलिस की मौजूदगी में वार्ता चली। इसके बाद निर्णय लिया गया कि जो शादी में खर्च हुआ है। उसको लड़की और लड़का पक्ष दोनों एक दूसरे को वापस करेंगे। इस पर सहमति बनी और बरात बिना दुल्हन के गांव से चली गई।
थानाध्यक्ष नारखी का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने विवाह होने से पहले ही बालिका को बालिका वधू होने से बचा लिया।
बताया जा रहा है कि बालिका का परिवार काफी गरीब है। पिता मजदूरी करता है। एक रिश्तेदार विवाह कराने के लिए बिचौलिया बना गया। पिता ने गरीबी के कारण कच्ची उम्र में ही बेटी के हाथ पीले करने का मन बना लिया। बताते हैं लड़का पक्ष दोनों तरफ का खर्च उठाने को तैयार हो गया था। बालिका के मामा की बेटी ने हिम्मत दिखाई तो बालिका अपने से दूनी उम्र के युवक से विवाह बंधन में बंधने से बच गई।
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गांव राजमल ढकई निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय पुत्री का विवाह कन्नौज जिले के गांव गुनाह निवासी 28 वर्षीय युवक के साथ तय किया था। शनिवार शाम को युवक बरात लेकर पहुंच गया। स्वागत के बाद बरात चढ़ने के साथ ही बारौठी की रस्म भी अदा हो गई।
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बालिका ने जब बारौठी के समय दुल्हे को देखा तो उसने अपने मामा की बेटी से कहा कि लड़के की उम्र अधिक है। इसलिए वह शादी नहीं करेगी। मामा की बेटी ने बाल विवाह होने की जानकारी यूपी 100 को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शादी की रस्मों को रुकवा दिया और दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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यहां रविवार दोपहर तक दोनों पक्षों के बीच पुलिस की मौजूदगी में वार्ता चली। इसके बाद निर्णय लिया गया कि जो शादी में खर्च हुआ है। उसको लड़की और लड़का पक्ष दोनों एक दूसरे को वापस करेंगे। इस पर सहमति बनी और बरात बिना दुल्हन के गांव से चली गई।
थानाध्यक्ष नारखी का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने विवाह होने से पहले ही बालिका को बालिका वधू होने से बचा लिया।
बताया जा रहा है कि बालिका का परिवार काफी गरीब है। पिता मजदूरी करता है। एक रिश्तेदार विवाह कराने के लिए बिचौलिया बना गया। पिता ने गरीबी के कारण कच्ची उम्र में ही बेटी के हाथ पीले करने का मन बना लिया। बताते हैं लड़का पक्ष दोनों तरफ का खर्च उठाने को तैयार हो गया था। बालिका के मामा की बेटी ने हिम्मत दिखाई तो बालिका अपने से दूनी उम्र के युवक से विवाह बंधन में बंधने से बच गई।