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पीड़ित से रिश्वत लेकर लगाई धारा 307, आरोपी से मिलकर हटाई, आरोपी दरोगा निलंबित
Fri, 17 Jul 2020 12:45 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 17 Jul 2020 12:45 AM IST
सार
- पीड़ित से रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल
- पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी ने किया निलंबित
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विस्तार
मथुरा जिले में धारा 307 लगाने और हटाने में पुलिसकर्मियों की मनमानी थम नहीं रही। आए दिन लोग शिकायत लेकर एसएसपी के पास पहुंच रहे हैं। अब थाना छाता का मामला सामने आया है। कस्बा निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसके मुकदमे में धारा 307 लगी रहने के लिए दरोगा ने 77 हजार रुपये की रिश्वत ले ली। इसके बाद आरोपी पक्ष से मिलकर धारा 307 हटाकर आरोपियों की जमानत करा दी। इस मामले में विवेचक दरोगा का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसके आधार पर दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।
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कस्बा छाता निवासी दिनेश पुत्र प्रेमपाल पर गत 28 अप्रैल को सेमरी गांव के दबंगों ने हमला कर दिया। हमलावर उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए। दिनेश के पिता प्रेमपाल सिंह ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 307, 323, 427 मुकदमा दर्ज कराया।
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दिनेश का आरोप है कि इस मामले में दरोगा विवेचक आराम सिंह ने विवेचना के दौरान उससे संपर्क किया और कहा कि उसके केस में धारा 307 नहीं बनती। सभी धाराएं जमानती हैं। यदि एक लाख रुपये दे दो तो धारा 307 में सभी आरोपियों को जेल भेज देंगे। बाद में दरोगा ने धमकी दी कि रुपये न देने पर आरोपियों से केस हटाकर तुम्हारे परिवार के खिलाफ ही केस दर्जकर जेल भेज दिया जाएगा।
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कई बार में घूस के 77 हजार रुपये लिए
दिनेश ने कहा कि विवेचक दरोगा आराम सिंह ने उससे कई बार में 77 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद विपक्षियों से रिश्वत लेकर मुकदमे से धारा 307 हटा दी, जिसका लाभ आरोपियों ने ले लिया। दिनेश ने बताया कि इस मामले की शिकायत उसने एसएसपी से की है। इस संबंध में एसएसपी गौरव ग्रोवर का कहना है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत और ऑडियो के आधार पर विवेचक दरोगा आराम सिंह को निलंबित कर दिया है। आगे जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी मेडिकल के आधार पर धारा 307 लगाने का आरोप
थाना जमुनापार क्षेत्र निवासी मदनमोहन पुत्र रामसरन ने एसएसपी को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि कुछ लोगों से उसका व उसके परिवार वालों का झगड़ा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने दूसरे पक्ष की ओर से मुकदमा लिख लिया, जबकि उनके पक्ष के लोग भी घायल हुए थे। मथुरा के जिला अस्पताल में गंभीर चोट नहीं बताई गई तो दूसरे पक्ष के लोगों ने आगरा में फर्जी मेडिकल तैयार कराकर धारा 307 लगवा दी। मदनमोहन ने एसएसपी से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फर्जी मेडिकल के आधार पर धारा 307 लगाने का आरोप
थाना जमुनापार क्षेत्र निवासी मदनमोहन पुत्र रामसरन ने एसएसपी को पत्र भेजा है। इसमें लिखा है कि कुछ लोगों से उसका व उसके परिवार वालों का झगड़ा हुआ था। इस मामले में पुलिस ने दूसरे पक्ष की ओर से मुकदमा लिख लिया, जबकि उनके पक्ष के लोग भी घायल हुए थे। मथुरा के जिला अस्पताल में गंभीर चोट नहीं बताई गई तो दूसरे पक्ष के लोगों ने आगरा में फर्जी मेडिकल तैयार कराकर धारा 307 लगवा दी। मदनमोहन ने एसएसपी से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।