{"_id":"11abecf04d4b03f892ce4b72d3ac8255","slug":"police-hindi-news-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीहड़ की चुनौती से निपटने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीहड़ की चुनौती से निपटने की तैयारी
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 31 Dec 2015 02:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीहड़ से होकर गुजरने वाली आगरा-इटावा की नई रेल लाइन पर डेमू पैसेंजर गाड़ी का परिचालन शुरू हो गया है, मगर बीहड़ के निर्जन इलाकों से होकर गुजरने वाली इस गाड़ी में सुरक्षा बड़ी चुनौती है। राजकीय रेलवे पुलिस ने इसे दृष्टिगत रखते हुए शमसाबाद और बाह में स्थायी पुलिस चौकी की स्थापना की कवायद शुरू कर दी है। इसके साथ ही पैसेंजर ट्रेन में आगरा और इटावा से दो-दो पुलिसकर्मियों का स्क्वैड भी चलेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 17 साल पहले आगरा-इटावा के बीहड़ से होकर गुजरने वाली रेल लाइन की आधारशिला रखी थी। इसी वर्ष 24 दिसंबर को इस रेल लाइन पर रेलवे ने आगरा से इटावा के बीच डेमू पैसेंजर गाड़ी का परिचालन शुरू कर दिया। ये ट्रेन आगरा कैंट से चलकर शमसाबाद, फतेहाबाद, भांडई, बटेश्वर, बाह, उदी होते हुए इटावा पहुंचेगी। इसी तरह इटावा से आगरा आएगी। इस रूट पर मालगाड़ी का परिचालन जुलाई से शुरू हो गया था। मालगाड़ी के स्टाफ के साथ कई दफा मारपीट, छीना-झपटी की घटनाएं हो गईं। अब ट्रेन शुरू होने पर कोचों में असामाजिक तत्वों के यात्रियों से अभद्रता करने और मारपीट की शिकायतें आ रही हैं।
ट्रेन करौंधनाकलां, भदरौली, मानिकपुरा, जैतपुरकलां, मानसिंह का पुरा, जैतपुर, उदी जैसे बीहड़ के इलाकों से होकर गुजरती है। ज्यादातर स्टेशन और हाल्ट की दूरी आबादी से काफी दूर हैं। ऐसे में ट्रेन से उतरने वाली सवारियों के साथ भी आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। बीहड़ की इस ट्रेन में सफर को सुरक्षित बनाए रखने के लिए एसपी जीआरपी गोपेशनाथ खन्ना ने बीहड़ के पूरे रूट का जायजा लिया। शमसाबाद और बाह स्टेशनों पर जीआरपी की स्थायी पुलिस चौकियां स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। इसके साथ ही पैसेंजर ट्रेन में आगरा से दो और इटावा से दो पुलिसकर्मियों के स्क्वैड को चलाने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन
एक्सप्रेस ट्रेनें चलीं तो और बढ़ेंगी चौकियां
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस ट्रैक पर पैसेंजर की शुरुआत करने के बाद वायदा किया कि जल्द ही चार एक्सप्रेस ट्रेनें भी यहीं से होकर गुजरेंगी। इन ट्रेनों में इलाहाबाद-जयपुर, कोटा-पटना, जोधपुर-हावड़ा और उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस चलाई जाएंगी। ऐसे में सुरक्षा की समस्या सबसे बढ़ी होगी। एसपी जीआरपी का कहना है कि मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद चौकियां बना दी जाएंगी।
विज्ञापन
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 17 साल पहले आगरा-इटावा के बीहड़ से होकर गुजरने वाली रेल लाइन की आधारशिला रखी थी। इसी वर्ष 24 दिसंबर को इस रेल लाइन पर रेलवे ने आगरा से इटावा के बीच डेमू पैसेंजर गाड़ी का परिचालन शुरू कर दिया। ये ट्रेन आगरा कैंट से चलकर शमसाबाद, फतेहाबाद, भांडई, बटेश्वर, बाह, उदी होते हुए इटावा पहुंचेगी। इसी तरह इटावा से आगरा आएगी। इस रूट पर मालगाड़ी का परिचालन जुलाई से शुरू हो गया था। मालगाड़ी के स्टाफ के साथ कई दफा मारपीट, छीना-झपटी की घटनाएं हो गईं। अब ट्रेन शुरू होने पर कोचों में असामाजिक तत्वों के यात्रियों से अभद्रता करने और मारपीट की शिकायतें आ रही हैं।
विज्ञापन
ट्रेन करौंधनाकलां, भदरौली, मानिकपुरा, जैतपुरकलां, मानसिंह का पुरा, जैतपुर, उदी जैसे बीहड़ के इलाकों से होकर गुजरती है। ज्यादातर स्टेशन और हाल्ट की दूरी आबादी से काफी दूर हैं। ऐसे में ट्रेन से उतरने वाली सवारियों के साथ भी आपराधिक घटनाओं की आशंका बनी रहती है। बीहड़ की इस ट्रेन में सफर को सुरक्षित बनाए रखने के लिए एसपी जीआरपी गोपेशनाथ खन्ना ने बीहड़ के पूरे रूट का जायजा लिया। शमसाबाद और बाह स्टेशनों पर जीआरपी की स्थायी पुलिस चौकियां स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। इसके साथ ही पैसेंजर ट्रेन में आगरा से दो और इटावा से दो पुलिसकर्मियों के स्क्वैड को चलाने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन
एक्सप्रेस ट्रेनें चलीं तो और बढ़ेंगी चौकियां
रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने इस ट्रैक पर पैसेंजर की शुरुआत करने के बाद वायदा किया कि जल्द ही चार एक्सप्रेस ट्रेनें भी यहीं से होकर गुजरेंगी। इन ट्रेनों में इलाहाबाद-जयपुर, कोटा-पटना, जोधपुर-हावड़ा और उद्यान आभा तूफान एक्सप्रेस चलाई जाएंगी। ऐसे में सुरक्षा की समस्या सबसे बढ़ी होगी। एसपी जीआरपी का कहना है कि मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद चौकियां बना दी जाएंगी।