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आगरा: कंप्यूटर को हैक कर प्रश्नपत्र ले लेता था सॉल्वर गैंग, सदस्यों से मिलीं जानकारियां
Mon, 28 Dec 2020 11:57 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 28 Dec 2020 11:57 AM IST
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गैंग का सरगना अनीश (बीच में) और सॉल्वर दुर्योधन और धर्मेंद्र\
- फोटो : अमर उजाला
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सिकंदरा पुलिस की पकड़ में आए सॉल्वर गैंग के सदस्यों से कई जानकारियां मिली हैं। गैंग का सरगना संगम चाहर आईटी एक्सपर्ट है। वह ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सेंध लगाता है। इसके लिए गैंग के सदस्य परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों से साठगांठ करते हैं। उनकी मदद से परीक्षार्थी के कंप्यूटर को हैक कर लेता है। इसके बाद प्रश्नों को सॉल्व करके परीक्षार्थी तक पहुंचाते हैं। अब पुलिस सरगना सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 19 और 20 दिसंबर को आगरा में 30 केंद्रों पर जेल वार्डर, फायरमैन और घुड़सवार पुलिस के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। सख्ती के बावजूद थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के दो केंद्रों पर सॉल्वर पहुंच गए थे। हालांकि पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। बाद में अलीगढ़ की कोचिंग का संचालक संदीप कुमार, शिक्षक योगेश राणा सहित साइबर कैफे संचालक पकड़ा गया था। पांचों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया था।
ये भी पढ़ें- सॉल्वर गैंग के सरगना ने ठगी की कमाई से खरीदी स्कार्पियो, ठहरता था पांच सितारा होटल में
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पिछले दिनों पुलिस ने सिकंदरा में भी सॉल्वर गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार किए। इनमें कुलदीप निवासी गांव भरतिया, थाना बलदेव मथुरा और भूपेंद्र चाहर निवासी गांव सोनगा कागारौल थे। उनके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं।
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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 19 और 20 दिसंबर को आगरा में 30 केंद्रों पर जेल वार्डर, फायरमैन और घुड़सवार पुलिस के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। सख्ती के बावजूद थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के दो केंद्रों पर सॉल्वर पहुंच गए थे। हालांकि पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। बाद में अलीगढ़ की कोचिंग का संचालक संदीप कुमार, शिक्षक योगेश राणा सहित साइबर कैफे संचालक पकड़ा गया था। पांचों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया था।
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पिछले दिनों पुलिस ने सिकंदरा में भी सॉल्वर गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार किए। इनमें कुलदीप निवासी गांव भरतिया, थाना बलदेव मथुरा और भूपेंद्र चाहर निवासी गांव सोनगा कागारौल थे। उनके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया था कि वह संगम चाहर निवासी पुरानी सुरक्षा विहार कॉलोनी रोहता, सदर, मुरारी निवासी सोनगा कागारौल और आशीष उपाध्याय निवासी मधु नगर के लिए काम करते हैं।
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार के मुताबिक,आरोपी कुलदीप और भूपेंद्र चाहर से पूछताछ में पता चला कि गैंग का सरगना संगम चाहर है। वह आईटी एक्सपर्ट है। वह ऑफलाइन परीक्षा में सॉल्वर बैठाने के साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन परीक्षा में भी पास कराने का ठेका लेता था।
जहां भी परीक्षा होती थी, वहां के केंद्र पर पहुंचकर सेटिंग करता है। केंद्र के कर्मचारियों से बात करता है। इसके बाद अपनी कंप्यूटर लैब से केंद्र पर चल रही परीक्षा के कंप्यूटर को हैक कर प्रश्नपत्र की जानकारी ले लेता है। इसके बाद सॉल्व प्रश्नों को अपने परीक्षार्थी तक अलग-अलग डिवाइस की मदद से पहुंचाते थे। यह सब केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों की मिलीभगत से ही संभव होता है। अब पुलिस संगम चाहर की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार के मुताबिक,आरोपी कुलदीप और भूपेंद्र चाहर से पूछताछ में पता चला कि गैंग का सरगना संगम चाहर है। वह आईटी एक्सपर्ट है। वह ऑफलाइन परीक्षा में सॉल्वर बैठाने के साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन परीक्षा में भी पास कराने का ठेका लेता था।
जहां भी परीक्षा होती थी, वहां के केंद्र पर पहुंचकर सेटिंग करता है। केंद्र के कर्मचारियों से बात करता है। इसके बाद अपनी कंप्यूटर लैब से केंद्र पर चल रही परीक्षा के कंप्यूटर को हैक कर प्रश्नपत्र की जानकारी ले लेता है। इसके बाद सॉल्व प्रश्नों को अपने परीक्षार्थी तक अलग-अलग डिवाइस की मदद से पहुंचाते थे। यह सब केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों की मिलीभगत से ही संभव होता है। अब पुलिस संगम चाहर की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है।