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आगरा: व्यापारी की हत्या और लूट के बाद एनएच-2 से भागे थे आरोपी, पुलिस को मिले अहम सुराग
Fri, 16 Apr 2021 12:07 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 16 Apr 2021 12:07 AM IST
सार
आगरा के फ्रीगंज स्थित तिरंगा अपार्टमेंट में 12 अप्रैल की रात व्यापारी किशन गोपाल अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद नाइट कर्फ्यू होते हुए भी बदमाश आसानी से फरार हो गए थे।
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व्यापारी का फाइल फोटो और जानकारी जुटाते आईजी नवीन अरोरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के फ्रीगंज स्थित तिरंगा अपार्टमेंट में व्यापारी किशन गोपाल अग्रवाल की हत्या और लूटपाट के बाद कार सवार हत्यारोपी नेहरू नगर और विजय नगर चौकी क्षेत्र होते हुए एनएच-2 पर आए थे। स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से पुलिस को यह जानकारी हाथ लगी है।
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कार यहां से किस तरफ गई, यह अभी ठीक से पता नहीं चल सका है। उधर, पुलिस ने व्यापारी की कॉल डिटेल निकलवाई है। इसको देखा जा रहा है। घटना के दिन और पहले किन-किन लोगों के कॉल आए, इसको एक टीम अलग से चेक कर रही है। पुलिस ने दस अधिक लोगों को थाने लाकर पूछताछ की है।
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तिरंगा अपार्टमेंट के प्रथम तल पर रहने वाले आढ़ती किशन गोपाल अग्रवाल की 12 अप्रैल की रात को हत्या कर दी गई थी। घर में लूटपाट की गई थी। तकरीबन 50 तोले सोने के जेवरात और कैश लूटा गया है। पुलिस को चौकीदार ने बताया था कि रात 11 बजे कार में सवार तीन युवक और एक महिला आई थी।
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रात दो बजे चारों परिवार में मौत होने की कहकर चले गए थे। कार पर नंबर नहीं लिखा था। सुबह फ्लैट में व्यापारी की लाश मिली थी। मामले में मुकदमा मृतक के भाई ने दर्ज कराया। इसमें अज्ञात महिला और तीन युवक आरोपी हैं।
सुराग: स्मार्ट सिटी के कैमरों से मिली जानकारी
जिस रात व्यापारी की हत्या हुई, उस रात नौ बजे नाइट कर्फ्यू लग गया था। रात 11 बजे कार से आरोपी आए और दो बजे चले गए। पुलिस की चेकिंग में कहीं नहीं पकड़े गए। इस पर पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठे। पुलिस ने कार के आने और जाने वाले रास्ते की जानकारी के लिए स्मार्ट सिटी के कैमरों के फुटेज चेक किए।
इसमें पता चला कि हत्या के बाद कार को हत्यारोपी फ्रीगंज से बसंत सिनेमा चौराहे पर लेकर आए। यहां से पालीवाल पार्क की तरफ चले गए। इसके बाद विजय नगर कॉलोनी और नेहर नगर के बीच से होते हुए निकल गए। यह इलाके नेहरू नगर और विजय नगर चौकी क्षेत्र में आते हैं। एनएच-2 पर आने के बाद कार कहां गई, यह पुलिस पता कर रही है। पुलिस अब यहां से आगे के फुटेज चेक कर रही है।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे में टीम लगी हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। कार सवार किस तरफ गए, यह पता किया जा रहा है। पुलिस ने व्यापारी की कॉल डिटेल निकलवाई है। इसमें कई नंबर मिले हैं। कुछ नंबर ऐसे हैं, जिनसे कॉल अक्सर आया करता था। कुछ नए नंबर भी हैं। परिजनों के नंबर पर भी व्यापारी बात करते थे। पुलिस सभी नंबर के बारे में पड़ताल में जुटी है।
जिस रात व्यापारी की हत्या हुई, उस रात नौ बजे नाइट कर्फ्यू लग गया था। रात 11 बजे कार से आरोपी आए और दो बजे चले गए। पुलिस की चेकिंग में कहीं नहीं पकड़े गए। इस पर पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठे। पुलिस ने कार के आने और जाने वाले रास्ते की जानकारी के लिए स्मार्ट सिटी के कैमरों के फुटेज चेक किए।
इसमें पता चला कि हत्या के बाद कार को हत्यारोपी फ्रीगंज से बसंत सिनेमा चौराहे पर लेकर आए। यहां से पालीवाल पार्क की तरफ चले गए। इसके बाद विजय नगर कॉलोनी और नेहर नगर के बीच से होते हुए निकल गए। यह इलाके नेहरू नगर और विजय नगर चौकी क्षेत्र में आते हैं। एनएच-2 पर आने के बाद कार कहां गई, यह पुलिस पता कर रही है। पुलिस अब यहां से आगे के फुटेज चेक कर रही है।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे में टीम लगी हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। कार सवार किस तरफ गए, यह पता किया जा रहा है। पुलिस ने व्यापारी की कॉल डिटेल निकलवाई है। इसमें कई नंबर मिले हैं। कुछ नंबर ऐसे हैं, जिनसे कॉल अक्सर आया करता था। कुछ नए नंबर भी हैं। परिजनों के नंबर पर भी व्यापारी बात करते थे। पुलिस सभी नंबर के बारे में पड़ताल में जुटी है।
सवाल: कौन है व्यापारी को फूफा बताने वाला
कार सवार एक युवक ने किशन गोपाल अग्रवाल को फूफा बताया था। इस बात की तस्दीक व्यापारी ने भी की थी। अब पुलिस यह पता कर रही है कि व्यापारी को फूफा बताने वाला युवक कौन है। वह पहले भी आया था। तब भी यही बात कहता था। पुलिस ने परिजनों से व्यापारी के नजदीकी लोगों की जानकारी जुटाई है।
जेवरात के अलावा 25 लाख रुपये की लूट का अंदेशा
व्यापारी के परिजनों में चर्चा है कि किशन गोपाल अग्रवाल घर में ही कैश और जेवरात रखते थे। उनकी गला और मुंह दबाकर हत्या के बाद कैश और जेवरात लूटा गया। आशंका है कि सोने के जेवरात के अलावा 25 लाख रुपये कैश हो सकता है।
एटा, फिरोजाबाद में भी टीम का डेरा
लूटपाट और हत्या करने वाले कार सवार हत्यारोपी एनएच-2 की तरफ आए थे। पुलिस को आशंका है कि कार वाटरवर्क्स की तरफ चली गई। पुलिस का मानना है कि हत्यारोपी फिरोजाबाद और एटा की तरफ गए होंगे। इस पर एक टीम दोनों जिलों में गई है। चौकीदार ने पुलिस को बताया था कि कार पर भी काफी धूल-मिट्टी भी लगी थी।
कार सवार एक युवक ने किशन गोपाल अग्रवाल को फूफा बताया था। इस बात की तस्दीक व्यापारी ने भी की थी। अब पुलिस यह पता कर रही है कि व्यापारी को फूफा बताने वाला युवक कौन है। वह पहले भी आया था। तब भी यही बात कहता था। पुलिस ने परिजनों से व्यापारी के नजदीकी लोगों की जानकारी जुटाई है।
जेवरात के अलावा 25 लाख रुपये की लूट का अंदेशा
व्यापारी के परिजनों में चर्चा है कि किशन गोपाल अग्रवाल घर में ही कैश और जेवरात रखते थे। उनकी गला और मुंह दबाकर हत्या के बाद कैश और जेवरात लूटा गया। आशंका है कि सोने के जेवरात के अलावा 25 लाख रुपये कैश हो सकता है।
एटा, फिरोजाबाद में भी टीम का डेरा
लूटपाट और हत्या करने वाले कार सवार हत्यारोपी एनएच-2 की तरफ आए थे। पुलिस को आशंका है कि कार वाटरवर्क्स की तरफ चली गई। पुलिस का मानना है कि हत्यारोपी फिरोजाबाद और एटा की तरफ गए होंगे। इस पर एक टीम दोनों जिलों में गई है। चौकीदार ने पुलिस को बताया था कि कार पर भी काफी धूल-मिट्टी भी लगी थी।
शातिर: नई थी कार, मिटा दिया था आगे का नंबर
तिरंगा अपार्टमेंट में हत्या और लूट करने आए महिला और तीन युवकों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि कार नई थी। इस पर अस्थायी नंबर लिखा था। मगर, नंबर मिटा दिया था। नंबर प्लेट पर यूपी ही लिखा हुआ था। अब पुलिस मॉडल के आधार कार के बारे में पता कर रही है। पुलिस ने पूर्व में वाटरवर्क्स पर व्यापारी की हत्या के मामले में फरार आरोपी को फुटेज में दिखी कार की मदद से ढूंढ निकाला था।
पुलिस की जांच के बिंदु
1. हत्यारोपी व्यापारी को पहले से जानते थे। व्यापारी ने भी उन्हें फ्लैट में आने की अनुमति दे दी थी। पुलिस यह पता कर रही है कि व्यापारी की हत्या करने वाले परिचित और रिश्तेदार हैं या कोई और।
2. हत्यारोपी किस रास्ते से आए और किस रास्ते से गए, पुलिस की चेकिंग में क्यों नहीं पकड़े जा सके, उन्होंने कार से नंबर भी मिटा दिया था, अगर, शहर से बाहर गए तो किसी टोल टैक्स के फुटेज में भी आए होंगे, किसी तरह की एंट्री भी कराई होगी।
3. कार से आने वाला एक आरोपी किशन गोपाल से मिलने पहले भी आया था। घटना वाले दिन कॉल भी किया था। हो सकता है कि यह कॉल किशन गोपाल को किया हो। उनके मोबाइल में आई होगी। मोबाइल नंबर किसका है, पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है।
4. व्यापारी की पत्नी और बेटे की मौत पहले ही हो गई थी। वह अकेले ही रहते थे। उनसे मिलने कौन-कौन आता था, उनका सबसे ज्यादा करीबी कौन था।
5. परिजनों ने बताया है कि किशन गोपाल लोगों को रकम भी उधार देते थे, किन लोग उनसे रकम लेते थे, इसके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
संबंधित खबर- आगरा व्यापारी हत्याकांड: फूफा बताकर अपार्टमेंट में आए महिला सहित तीन लोग, सुबह मिली लाश
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पुलिस की जांच के बिंदु
1. हत्यारोपी व्यापारी को पहले से जानते थे। व्यापारी ने भी उन्हें फ्लैट में आने की अनुमति दे दी थी। पुलिस यह पता कर रही है कि व्यापारी की हत्या करने वाले परिचित और रिश्तेदार हैं या कोई और।
2. हत्यारोपी किस रास्ते से आए और किस रास्ते से गए, पुलिस की चेकिंग में क्यों नहीं पकड़े जा सके, उन्होंने कार से नंबर भी मिटा दिया था, अगर, शहर से बाहर गए तो किसी टोल टैक्स के फुटेज में भी आए होंगे, किसी तरह की एंट्री भी कराई होगी।
3. कार से आने वाला एक आरोपी किशन गोपाल से मिलने पहले भी आया था। घटना वाले दिन कॉल भी किया था। हो सकता है कि यह कॉल किशन गोपाल को किया हो। उनके मोबाइल में आई होगी। मोबाइल नंबर किसका है, पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है।
4. व्यापारी की पत्नी और बेटे की मौत पहले ही हो गई थी। वह अकेले ही रहते थे। उनसे मिलने कौन-कौन आता था, उनका सबसे ज्यादा करीबी कौन था।
5. परिजनों ने बताया है कि किशन गोपाल लोगों को रकम भी उधार देते थे, किन लोग उनसे रकम लेते थे, इसके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
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