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Agra News: विदेशी फंडिंग करने वालों तक नहीं पहुंची पुलिस, 14 के खिलाफ लगाया आरोप पत्र
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आगरा। सदर की दो सगी बहनों के धर्म परिवर्तन के मामले में गिरोह के तार पाकिस्तान और दुबई से जुड़े थे। इस मामले में पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार किए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया है, लेकिन विदेशी फंडिंग करने वालों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। तीन माह बाद भी विदेश में बैठे धर्मांतरण गिरोह के सरगना का पुलिस को पता नहीं चल सका।
24 मार्च को सदर क्षेत्र की दो सगी बहनें घर से लापता हो गई थीं। 18 जुलाई को पुलिस ने दोनों को कोलकाता के तपसिया इलाके से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने 10 आरोपी पकड़े थे, जिनसे पूछताछ के बाद 4 और को गिरफ्तार किया गया था। इसमें दिल्ली का रहने वाला मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह भी शामिल था। वह अवैध धर्मांतरण के मामले में जेल में बंद मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए काम कर रहा था।
कश्मीरी युवतियां छात्राओं को बरगलाती थी, पुलिस जांच में खुलासा
पुलिस की जांच में सामने आया था कि संगठित तरीके से गिरोह गैर मुस्लिम युवक-युवतियों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहा था। गिरोह में कश्मीर की युवतियां भी शामिल थीं, जो काॅलेज की छात्राओं को बरगलाती थीं। सदर की बहनों को भी इसी तरह से कश्मीर ले जाया गया था। बाद में वह दिल्ली से कोलकाता पहुंची थीं। पुलिस ने गिरोह से धार्मिक पुस्तक बरामद करने के साथ व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों की डिटेल, कॉल डिटेल सहित अन्य साक्ष्य जुटाए थे। विदेशी फंडिंग की बात भी सामने आई थी। पुलिस ने आरोप पत्र में 14 लोगों को आरोपी बनाया है।
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कनाडा, पाकिस्तान से फंडिंग, 100 गवाह बनाए
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला कि गैर इस्लामिक लड़के और लड़कियों का धर्म परिवर्तन गिरोह के सदस्य कर रहे थे। भावनात्मक के साथ आर्थिक प्रलोभन के जरिए यह अंजाम दिया गया। पाकिस्तान, कनाडा सहित अन्य देशों से फंडिंग हो रही थी। आरोपियों का उद्देश्य भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने और देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को भंग करना था। आरोपी देश में अलगाववाद बढ़ा रहे थे, जिस वजह से आरोप पत्र में अलगाववाद की धारा बढ़ाई गई है। 100 गवाह बनाए गए हैं। इनमें पीड़ित, पुलिस अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं।
इनके खिलाफ लगाया गया आरोप पत्र
दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान, उसके बेटे अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला, गोवा की रहने वाली आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शाहगंज के सराय ख्वाजा का रहमान कुरैशी, मुजफ्फर नगर का अबू तालिब, जयपुर का मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पवार, हसन अली उर्फ शेखर राय, ओसामा खान, अब्दुल रहमान, मनोज कनौजिया, जुनैद कुरैशी, रित बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम के खिलाफ आरोप पत्र लगाया गया है।
मानव तस्करी और अंग बेचने वाले नहीं पकड़े गए
पुलिस ने 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। गिरोह के सदस्यों के तार मानव तस्करी और अंग बेचने वालों से जुड़े पाए गए, लेकिन पुलिस ने आरोप पत्र में उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया है, जो धर्म परिवर्तन के मामले में पकड़े गए। गिरोह किस तरह से अंग बेचता था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता नहीं चल सका है। कई आरोपी विदेश में मौजूद हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी।
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24 मार्च को सदर क्षेत्र की दो सगी बहनें घर से लापता हो गई थीं। 18 जुलाई को पुलिस ने दोनों को कोलकाता के तपसिया इलाके से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने 10 आरोपी पकड़े थे, जिनसे पूछताछ के बाद 4 और को गिरफ्तार किया गया था। इसमें दिल्ली का रहने वाला मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह भी शामिल था। वह अवैध धर्मांतरण के मामले में जेल में बंद मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए काम कर रहा था।
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कश्मीरी युवतियां छात्राओं को बरगलाती थी, पुलिस जांच में खुलासा
पुलिस की जांच में सामने आया था कि संगठित तरीके से गिरोह गैर मुस्लिम युवक-युवतियों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहा था। गिरोह में कश्मीर की युवतियां भी शामिल थीं, जो काॅलेज की छात्राओं को बरगलाती थीं। सदर की बहनों को भी इसी तरह से कश्मीर ले जाया गया था। बाद में वह दिल्ली से कोलकाता पहुंची थीं। पुलिस ने गिरोह से धार्मिक पुस्तक बरामद करने के साथ व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों की डिटेल, कॉल डिटेल सहित अन्य साक्ष्य जुटाए थे। विदेशी फंडिंग की बात भी सामने आई थी। पुलिस ने आरोप पत्र में 14 लोगों को आरोपी बनाया है।
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कनाडा, पाकिस्तान से फंडिंग, 100 गवाह बनाए
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला कि गैर इस्लामिक लड़के और लड़कियों का धर्म परिवर्तन गिरोह के सदस्य कर रहे थे। भावनात्मक के साथ आर्थिक प्रलोभन के जरिए यह अंजाम दिया गया। पाकिस्तान, कनाडा सहित अन्य देशों से फंडिंग हो रही थी। आरोपियों का उद्देश्य भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने और देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को भंग करना था। आरोपी देश में अलगाववाद बढ़ा रहे थे, जिस वजह से आरोप पत्र में अलगाववाद की धारा बढ़ाई गई है। 100 गवाह बनाए गए हैं। इनमें पीड़ित, पुलिस अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं।
इनके खिलाफ लगाया गया आरोप पत्र
दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान, उसके बेटे अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला, गोवा की रहने वाली आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शाहगंज के सराय ख्वाजा का रहमान कुरैशी, मुजफ्फर नगर का अबू तालिब, जयपुर का मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पवार, हसन अली उर्फ शेखर राय, ओसामा खान, अब्दुल रहमान, मनोज कनौजिया, जुनैद कुरैशी, रित बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम के खिलाफ आरोप पत्र लगाया गया है।
मानव तस्करी और अंग बेचने वाले नहीं पकड़े गए
पुलिस ने 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। गिरोह के सदस्यों के तार मानव तस्करी और अंग बेचने वालों से जुड़े पाए गए, लेकिन पुलिस ने आरोप पत्र में उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया है, जो धर्म परिवर्तन के मामले में पकड़े गए। गिरोह किस तरह से अंग बेचता था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका पता नहीं चल सका है। कई आरोपी विदेश में मौजूद हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी।