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UP: सिपाही ने किया छात्र का अपहरण..24 घंटे तक कार में घुमाया, 20 लाख की मांगी फिराैती; इसलिए रची खाैफनाक साजिश
Wed, 24 Sep 2025 09:22 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 24 Sep 2025 09:22 PM IST
सार
सिपाही ने फोन कर छात्र के भाई से 20 लाख रुपये फिराैती मांगी। धमकी दी कि हर्षवर्धन ने अवैध तरीके से पैसा कमाया है। अगर रकम नहीं दी तो उसे जेल भेज देंगे। इससे परिजन घबरा गए।
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पकडे़ गए आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में कारगिल चौराहे (सिकंदरा) से सोमवार की रात बाह निवासी छात्र हर्षवर्धन (23) का कार में अपहरण कर लिया गया। थाना सैंया में तैनात सिपाही मोनू तालान व उसके दो साथियों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप है। परिजन को फोन कर 20 लाख रुपये फिराैती मांगी गई थी। बाद में 5 लाख रुपये पर राजी हो गए। उधर, पुलिस ने 24 घंटे बाद पोइया घाट से सिपाही सहित तीन को गिरफ्तार कर छात्र को सकुशल मुक्त करा लिया। आरोपियों को जेल भेजा गया है।
बाह के गांव रामपुर चंद्रसैनी निवासी हर्षवर्धन अपने भाई के साथ एसएससी की तैयारी कर रहा है। इसके लिए न्यू आगरा के नगला बूढ़ी क्षेत्र में किराये पर रहता है। एक कोचिंग में पढ़ने जाता है। उसने एक काॅलेज में प्रवेश भी लिया है। अलीगढ़ के रहने वाले राहुल और राजकुमार भी न्यू आगरा क्षेत्र में रहकर एसएससी की तैयारी कर रहे हैं। इस कारण वो उसे जानते थे। उन दोनों ने थाना सैंया में तैनात सिपाही मोनू तालान के साथ हर्षवर्धन के अपहरण की साजिश रची।
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बाह के गांव रामपुर चंद्रसैनी निवासी हर्षवर्धन अपने भाई के साथ एसएससी की तैयारी कर रहा है। इसके लिए न्यू आगरा के नगला बूढ़ी क्षेत्र में किराये पर रहता है। एक कोचिंग में पढ़ने जाता है। उसने एक काॅलेज में प्रवेश भी लिया है। अलीगढ़ के रहने वाले राहुल और राजकुमार भी न्यू आगरा क्षेत्र में रहकर एसएससी की तैयारी कर रहे हैं। इस कारण वो उसे जानते थे। उन दोनों ने थाना सैंया में तैनात सिपाही मोनू तालान के साथ हर्षवर्धन के अपहरण की साजिश रची।
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मिलने के बहाने उसे 22 सितंबर को सिकंदरा स्थित कारगिल चाैराहे पर बुलाया। सिपाही कार लेकर आया। तीनों उसे कार में बैठाकर ले गए। बंधक बनाने के बाद धमकाया। रातभर कार में इधर-उधर घुमाते रहे। एक होटल में भी लेकर गए। उधर, संपर्क न होने पर परिजन उसकी तलाश में लगे थे। उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। रात करीब 2:30 बजे हर्षवर्धन के भाई कुशल सिंह को फोन कर सिपाही ने 20 लाख रुपये फिराैती मांगी।
धमकी दी कि हर्षवर्धन ने अवैध तरीके से पैसा कमाया है। अगर रकम नहीं दी तो उसे जेल भेज देंगे। इससे परिजन घबरा गए। उन्होंने रकम कुछ कम करने के लिए कहा। इस पर सिपाही 5 लाख रुपये पर राजी हो गया। उधर, मंगलवार शाम को भाई कुशल ने थाना न्यू आगरा पुलिस से संपर्क किया। इस पर एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने टीम बनाई।
धमकी दी कि हर्षवर्धन ने अवैध तरीके से पैसा कमाया है। अगर रकम नहीं दी तो उसे जेल भेज देंगे। इससे परिजन घबरा गए। उन्होंने रकम कुछ कम करने के लिए कहा। इस पर सिपाही 5 लाख रुपये पर राजी हो गया। उधर, मंगलवार शाम को भाई कुशल ने थाना न्यू आगरा पुलिस से संपर्क किया। इस पर एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने टीम बनाई।
योजना के तहत आरोपियों को फोन करवाया गया। रकम लेने के लिए बुलाया गया। सर्विलांस की मदद से पता लगाने के बाद आरोपियों को पोइया घाट के पास से दबोचकर हर्षवर्धन को मुक्त करा लिया गया। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि फिराैती के लिए अपहरण के मामले में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से वे जेल भेज दिए गए।
होटल में रोका, खाना भी नहीं दिया
अपहरणकर्ताओं से मुक्त होने वाला हर्षवर्धन काफी डरा हुआ है। उसने बताया कि पहले उसे कार में राजकुमार और राहुल पीछे की सीट पर पकड़कर बैठे रहे। बाहर नहीं निकलने दिया। सिपाही कार चलाता रहा। बाद में उसे एक होटल में भी लेकर गए। कुछ देर रोका गया। धमकाते रहे कि घर से रुपये मंगा लो। ऐसा नहीं करेगा तो या तो जेल भेजे देंगे या फिर यमुना में बहा देंगे। उसे खाना भी नहीं दिया।
होटल में रोका, खाना भी नहीं दिया
अपहरणकर्ताओं से मुक्त होने वाला हर्षवर्धन काफी डरा हुआ है। उसने बताया कि पहले उसे कार में राजकुमार और राहुल पीछे की सीट पर पकड़कर बैठे रहे। बाहर नहीं निकलने दिया। सिपाही कार चलाता रहा। बाद में उसे एक होटल में भी लेकर गए। कुछ देर रोका गया। धमकाते रहे कि घर से रुपये मंगा लो। ऐसा नहीं करेगा तो या तो जेल भेजे देंगे या फिर यमुना में बहा देंगे। उसे खाना भी नहीं दिया।
वीआईपी ड्यूटी के बाद की वारदात
एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि हर्षवर्धन ऑनलाइन गेम खेलता है। इससे उसे रकम मिली थी। इसकी जानकारी आरोपियों को हो गई थी। इसलिए उन्होंने हर्षवर्धन के अपहरण की साजिश रची। आरोपी सिपाही मोनू तालान वर्ष 2018 में सिपाही में भर्ती हुआ था। वह मूलरूप से गांव वैना, टप्पल, अलीगढ़ का रहने वाला है।
पुलिस लाइन में तैनात था। 16 सितंबर को उसकी तैनाती सैंया थाने में हुई थी। थाने में आमद कराने के बाद वो छुट्टी पर चला गया। 20 सितंबर को डयूटी पर आया। अगले दिन वीआईपी ड्यूटी लग गई। मगर ड्यूटी के बाद वो थाने नहीं आया। गैरहाजिर होने पर थाने में रपट भी लिख गई। 22 सितंबर को उसने अपहरण किया। पुलिस ने 23 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया।
एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि हर्षवर्धन ऑनलाइन गेम खेलता है। इससे उसे रकम मिली थी। इसकी जानकारी आरोपियों को हो गई थी। इसलिए उन्होंने हर्षवर्धन के अपहरण की साजिश रची। आरोपी सिपाही मोनू तालान वर्ष 2018 में सिपाही में भर्ती हुआ था। वह मूलरूप से गांव वैना, टप्पल, अलीगढ़ का रहने वाला है।
पुलिस लाइन में तैनात था। 16 सितंबर को उसकी तैनाती सैंया थाने में हुई थी। थाने में आमद कराने के बाद वो छुट्टी पर चला गया। 20 सितंबर को डयूटी पर आया। अगले दिन वीआईपी ड्यूटी लग गई। मगर ड्यूटी के बाद वो थाने नहीं आया। गैरहाजिर होने पर थाने में रपट भी लिख गई। 22 सितंबर को उसने अपहरण किया। पुलिस ने 23 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया।
पहले से सिपाही पर तीन केस
डीसीपी सिटी के मुताबिक पुलिस ने सिपाही मोनू के बारे में पड़ताल की। सामने आया कि वह पूर्व में भी अपराध कर चुका है। इसके बावजूद सख्त कार्रवाई उसके खिलाफ नहीं की गई। तीन केस पहले से दर्ज हैं। वर्ष 2019 में ग्रेटर नोएडा के जेवर थाने में केस दर्ज हुआ था। इसमें बलवा, बंधक बनाने और सरकारी कार्य में बाधा की धारा लगी थी। वर्ष 2023 में हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर थाने में दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इस साल बरेली के फरीदपुर थाने में मारपीट, गालीगलाैज और जाने से मारने की धमकी का केस दर्ज किया गया। अब इस बार अपहरण कर फिराैती मांगने का मामला है।
डीसीपी सिटी के मुताबिक पुलिस ने सिपाही मोनू के बारे में पड़ताल की। सामने आया कि वह पूर्व में भी अपराध कर चुका है। इसके बावजूद सख्त कार्रवाई उसके खिलाफ नहीं की गई। तीन केस पहले से दर्ज हैं। वर्ष 2019 में ग्रेटर नोएडा के जेवर थाने में केस दर्ज हुआ था। इसमें बलवा, बंधक बनाने और सरकारी कार्य में बाधा की धारा लगी थी। वर्ष 2023 में हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर थाने में दुष्कर्म और धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इस साल बरेली के फरीदपुर थाने में मारपीट, गालीगलाैज और जाने से मारने की धमकी का केस दर्ज किया गया। अब इस बार अपहरण कर फिराैती मांगने का मामला है।