फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   police caught Two accused in agra who make fake RTO tax receipt by creating fake website

UP: फर्जी वेबसाइट बनाई... आरटीओ टैक्स की काटने लगे रसीद, किया करोड़ों का गबन; दो पकड़े गए

Mon, 26 Feb 2024 09:41 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 26 Feb 2024 09:41 AM IST
सार

आगरा में फर्जी वेबसाइट बनाकर आरटीओ टैक्स की रसीद काटने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। इन्होंने सरकार की आंखों में धूल झोंककर करोड़ों का गबन किया। 

विज्ञापन
police caught Two accused in agra who make fake RTO tax receipt by creating fake website
RTO Tax (आरटीओ टैक्स) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ढाई साल पुराने आरटीओ टैक्स के नाम पर फर्जी रसीद काटकर धोखाधड़ी करने के मामले में हरियाणा के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। इसमें पता चला कि गिरोह का सरगना बल्लो उर्फ बलवीर है। उसने ही आरटीओ टैक्स के नाम पर करोड़ों के गबन के लिए फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। इसके माध्यम से ही वाहन स्वामियों के पास मैसेज पहुंचता था।

विज्ञापन


आवास विकास कालोनी निवासी पुनीत पाराशर ने 10 जुलाई 2021 को साइबर क्राइम थाना में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि उनको आनलाइन आरटीओ टैक्स के नाम पर फर्जी रसीद दी गई थी। धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना की थी। इसके बाद 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाकी आरोपी फरार थे।
विज्ञापन


पुलिस आयुक्त जे रविन्दर गौड ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में रविवार को होडल, हरियाणा निवासी टिंकू शर्मा और पलवल निवासी राधे को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गैंग का सरगना बल्लो उर्फ बलवीर है। उसने ही फर्जी वेबसाइट तैयार की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपी दो राज्यों की सीमा पर हाईवे के बॉर्डर पर खोखे में बैठ जाते थे। इसके बाद व्यवसायिक वाहनों की रसीद काटी जाती थी। वाहनों की रसीद काटने के लिए वेबसाइट का प्रयोग करते थे। इसके माध्यम से गाड़ी मालिक के पास एक मैसेज पहुंच जाता था। इससे उन्हें आरटीओ टैक्स की असली रसीद का भरोसा होता था। मगर, दूसरे राज्य में जाने पर चेकिंग में रसीद फर्जी निकलती थीं। सरगना बलवीर अलग-अलग राज्य में इसी तरह वेबसाइट की मदद से रसीद काट रहा था। इससे सरकार को करोड़ों के राजस्व की हानि हो रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed