एटा में पुलिस ने ग्रामीणों को पीटा: विधायक के सामने बरसाती रही लाठियां, एसओ और दरोगा लाइन हाजिर
ग्रामीणों का आरोप है कि दो बोलेरो में सिविल ड्रेस में 15-16 पुलिसकर्मी गांव में आए। आते ही महिला-पुरुषों को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया, जिससे कई लोग चोटिल हो गए।
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एटा के निधौलीकलां थाना क्षेत्र के गांव घनश्याम में सोमवार को पुलिस ने जमकर तांडव मचाया। महिला-पुरुषों पर लाठियां बरसाकर नौ लोगों को घायल कर दिया। यहां तक कि जलेसर विधायक के पहुंचने पर उनके सामने भी पुलिस लाठियां बरसाती रही। इस मामले में थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर किया गया है।
दो दिन पहले गांव में एक वारंटी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी थी। उस समय ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे थाना पुलिस काफी गुस्से में थी और ग्रामीणों को सबक सिखाने के लिए बेचैन थी। गांववासी भी यह बात समझ रहे थे। उन्होंने अपने क्षेत्रीय विधायक जलेसर संजीव दिवाकर को मामले की जानकारी दी।
विधायक, अवागढ़ चेयरमैन महेशपाल सिंह सीओ राघवेंद्र सिंह राठौर के साथ गांव में पहुंचे। थाना पुलिस को भी बुलाया गया। सभी की मौजूदगी में पंचायत हुई। विधायक ने निर्दोषों पर कार्रवाई न करने की मांग की। इस पर सीओ ने गांव में पुलिस की दबिश न देने का आश्वासन भी दे दिया। दोपहर करीब तीन बजे सभी लोग लौट लिए। इसके तुरंत बाद ही अचानक से पूरा मामला बदल गया।
सादा वर्दी में आए थे पुलिसकर्मी
ग्रामीणों का आरोप है कि दो बोलेरो में सिविल ड्रेस में 15-16 पुलिसकर्मी गांव में आए। आते ही महिला-पुरुषों को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। इसमें कई लोग बुरी तरह चुटैल हो गए। फोन पर विधायक को सूचना दी तो वह रास्ते से ही वापस लौट आए। उनके सामने ही पुलिस ग्रामीणों को पीट रही थी।विधायक ने हस्तक्षेप कर लोगों को बचाया। इसके बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। बाद में अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाह मौके पर पहुंचे। विधायक और उनकी मौजूदगी में फिर पंचायत हुई। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई। आक्रोशित ग्रामवासियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
यह लोग हुए घायल
पुलिस की पिटाई से नरेंद्र, दिनेशपाल, किशोरीलाल, विशनपाल, मुन्नी देवी, इमला देवी, मीरा देवी, विमला देवी, सरोज देवी घायल हुई हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इनका चिकित्सकीय परीक्षण के बाद इलाज किया गया।यह था मामला
वारंटियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार की रात निधौलीकलां थाने के उपनिरीक्षक रामलाल, उदयवीर सिंह व जयमल सिंह, आरक्षी प्रिंस चौधरी, रामेश्वर सिंह व गाड़ी चालक आरक्षी जयवीर सिंह वांछित आरोपी जवाहर, जीतू, पप्पू व सीता की तलाश में घनश्यामपुर गए। वारंटी जवाहर को घर से गिरफ्तार कर पुलिस ले जाने लगी।
इस दौरान गांव के कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर बरसात हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गिरफ्तार किए गए वारंटी को छुडा लिया। उपनिरीक्षक रामलाल ईंट लगने से घायल हो गए। उन्होंने विपिन कुमार सहित नौ नामजद व 60 अज्ञात पर पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला सहित सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई थे।
विधायक ने यह कहा
विधायक संजीव दिवाकर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्या और शिकायत जानने के लिए सोमवार दोपहर को गांव घनश्याम गया था। वारंटी दूसरे मोहल्ले का है और पुलिस ने अलग मोहल्ले के लोगों को परेशान किया। मेरे जाने के बाद पुलिस ने उत्पात मचाना शुरू किया। सूचना पर जब मैं दोबारा पहुंचा तो कई पुलिस वाले महिला-पुरुषों पर लाठियां बरसाने में जुटे थे। अधिकारियों से दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के लिए बात हो गई है।
थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक लाइन हाजिर
एसएसपी उदय शंकर सिंह ने कहा कि दुर्व्यवहार की शिकायत पर निधौली कलां थाना क्षेत्र के प्रभारी और एक उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीओ जलेसर को मामले की विवेचना सौंपी गई है। यदि अन्य कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। कानून से खिलवाड़ किसी को भी नहीं करने दिया जाएगा, चाहे वह पुलिस ही क्यों न हो।