फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   police back after watch fair

जरूरत सुरक्षा की, पुलिस ‘मेला’ देखकर लौट गई

Wed, 07 Oct 2015 02:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा Updated Wed, 07 Oct 2015 02:01 AM IST
विज्ञापन
police back after watch fair
भले बाबा भुड़कनाथ उर्फ मनोज कुमार यादव ने खुद के इच्छाधारी होने से इनकार किया हो लेकिन उनकी दवा पीने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह दवा पीने से लाइलाज बीमारियां तक ठीक हो जाती हैं। ककरैठा गांव के मंदिर पर भारी भीड़ से पुलिस के कान भी खड़े हुए। कहीं कोई दुर्घटना न हो, इसके मद्देनजर मंगलवार को खुद सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार निरीक्षण को पहुंचे। सिकंदरा थाने की फोर्स साथ थी। भीड़ और वहां की व्यवस्थाएं देखीं। बाबा अथवा उनके व्यवस्थापकों की जगह उन्होंने मंदिर के बाहर लोगों से बातचीत की और लौट गए। जैसे मेला देखने आए हों। सीओ ने बताया कि यमुना नदी मंदिर से दूर है और उसमें किसी के गिरने-डूबने की आशंका नहीं है। बड़ा डर यही था। हालांकि क्षेत्रीय पार्षद मुकेश यादव भारी भीड़ के चलते वहां सुरक्षा इंतजाम जरूरी बता रहे हैं।
विज्ञापन

जांच को नहीं पहुंची टीम
जड़ी-बूटी और सब्जियों के जिस मिश्रण को चमत्कारी दवा बताया जा रहा है, उसकी जांच मंगलवार को भी न हो सकी। डीएम के आदेश पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ककरैठा गई थी। बाबा के भक्तों ने उन्हें जांच नहीं करने दी। मंगलवार को टीम गई ही नहीं। अभिहीत अधिकारी राम नरेश यादव ने बताया कि अब बुधवार को जांच होगी। वहीं भक्तों का कहना है कि बाबा इस मिश्रण में करीब 70 जड़ी-बूटियां मिलाते हैं।
विज्ञापन

मंदिर के पास सजीं दुकानें
ककरैठा में बाबा के आगमन के बाद से मेले जैसा नजारा है। मंदिर के पास चाय, जलेबी, कचौड़ी और बेड़ई की अस्थायी दुकानें खुल गई हैं। अब तो बाबा के कलेंडर भी बिकने लगे हैं। स्थानीय ही नहीं नेशनल मीडिया के पत्रकार और अपने कैमरों के साथ पहुंच रहे हैं। एक और जहां कथित दवा बंट रही है तो दूसरी ओर दुकानदार कैंसरकारक बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा जैसी चीजें बेच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर आगंतुक पर सतर्क नजर
ककरैठा के मंदिर आने वालों पर बाबा के चेले सतर्क नजर रखे हुए हैं। जो भी बाबा के बारे में पूछताछ करता दिखा उसे घेर लेते हैं। पहले पार्किंग के नाम पर पूछताछ कर ली जाती है। वाहन वहीं खड़े करने के लिए दबाव बनाया जाता है। यदि कोई वाहन समेत मंदिर तक पहुंच गया तो वहां घेरा जाता है।

टूटे जाति-धर्म के बंधन भी
कई गैरहिंदू भी चमत्कार की आस में मरीजों को लेकर यहां आ रहे हैं। मंगलवार को सैंया क्षेत्र से एक परिवार अपने बुजुर्ग को लेकर यहां आया। नाम-पता न छापने की शर्त पर बताया कि पड़ोसियों से बाबा की खबर मिली। इसी आस में यहां आएं कि शायद की बाबा की दवा से ही बुजुर्गवार ठीक हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed