आगरा जहरीली शराब प्रकरण: दो और आरोपी गिरफ्तार, पूर्व में जेल भेजे गए मनोज के हैं रिश्तेदार
बीते महीने ताजगंज, डौकी, शमसाबाद और इरादतनगर में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद शराब का अवैध धंधा करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। अब तक कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
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आगरा जिले में जहरीली शराब कांड के बाद नकली शराब का धंधा करने वालों पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। थाना शमसाबाद क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार को नकली शराब बेचने के मामले आरोपी मनोज के दो रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है। दोनों गांवों में शराब की सप्लाई किया करते थे।
एसपी आरए के. वेंकट अशोक ने बताया कि गांव ऊंचा निवासी लाल सिंह और विष्णु को गिरफ्तार किया है। दोनों पूर्व में जेल भेजे गए मनोज के साथी हैं। लाल सिंह भाई है, जबकि विष्णु भतीजा है। वह शमसाबाद थाना में दर्ज दो मुकदमों में वांछित थे। उन्हें मनोज तैयार शराब लाकर देता था। इसके बाद दोनों शराब को बेचने के लिए लेकर जाते थे।
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दोनों घर और दुकान पर नकली और अवैध शराब की पेटियों की सप्लाई किया करते थे। उन्हें बड़ा गांव के पास से पकड़ लिया गया। बता दें कि रक्षाबंधन पर शराब पीने के बाद ताजगंज, डौकी, शमसाबाद और इरादतनगर में 18 लोगों की मौत हुई थी। दस की मौत जहरीली शराब से होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद नौ मुकदमे दर्ज किए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता नहीं लगा किसान की मौत का कारण
डौकी थाना क्षेत्र के ग्राम जमुनी में गुरुवार को किसान श्रीकिशन (35) की मौत हो गई थी। परिजन शराब पीने के बाद मौत होना बता रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। श्रीकिशन बुधवार रात को खेत पर गया था। तभी उसने कहीं से खरीदकर शराब पी ली थी।
देर रात घर लौटने पर तबीयत खराब हुई थी। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने कम दिखाई देने की शिकायत की। सुबह उठने पर उल्टियां होने लगीं। इस पर उन्हें नदोता के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां से उन्हें आगरा रेफर कर दिया गया। उनकी रास्ते में मौत हो गई।
थाना डौकी के प्रभारी ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित रखा गया है। विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।