{"_id":"6223aed2dd6e15712e7bda71","slug":"pm-office-debt-payment-help-mainpuri-news-agr5262867193","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्जा अदा करने में मदद को प्रधानमंत्री को भेजा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्जा अदा करने में मदद को प्रधानमंत्री को भेजा पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोगांव। तहसील क्षेत्र के नगला जसी के रहने वाले अनुसूचित जाति के एक आदमी ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर पिता द्वारा लिया गया कर्जा अदा करने के लिए मदद करने की अपील की है। प्रधानमंत्री कार्यालय से विस्तृत जानकारी मांगी गई है। तहसीलदार ने क्षेत्रीय लेखपाल को जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
तहसील क्षेत्र के ग्राम नगला जसी के सत्यशरण ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वह शिक्षित बेरोजगार है। उसके पिता ने बहन की शादी 10 मई 2017 को लगभग तीन लाख रुपया कर्ज लेकर की थी। कर्ज निपटाने की चिंता में पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। अकेला पुत्र होने, घर खर्च व कर्जा निपटाने के लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। दिन रात मजदूरी करके वह गांव के एक व्यक्ति का ही कर्ज निपटा सका है। पत्र में कहा है कि गांव के ही एक साहूकार का तीन प्रतिशत ब्याज की दर से उस पर कर्ज है। मजदूरी करके वह साहूकार को 12480 रुपया प्रतिमाह देता है फिर भी उस पर जनवरी 22 तक चार लाख 16 हजार कर्ज बकाया है। कर्ज निपटाने के लिए भैंस बकरियों को बेचकर दिसंबर 2021 में साहूकार को 72450 रुपया कर्ज का निपटारा किया है। कर्ज के चलते वह अपनी छोटी बहन की शादी नहीं कर पा रहा है।
पत्र में उसने प्रधानमंत्री से 4,16,000 रुपये की मदद करने की अपील की है। जिससे वह कर्ज मुक्त होकर बहन की शादी कर सके और परिवार की कर्ज से जान बच सके। पत्र मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से तत्काल विस्तृत जानकारी मांगी गई है। तहसीलदार आनंद कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल को पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। पत्र लिखने वाले की जाति की जांच करने को भी कहा गया है। सत्य शरण का कहना है कि कर्ज चुकाने के लिए उसके पास केवल फरियाद करने का ही विकल्प था।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील क्षेत्र के ग्राम नगला जसी के सत्यशरण ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वह शिक्षित बेरोजगार है। उसके पिता ने बहन की शादी 10 मई 2017 को लगभग तीन लाख रुपया कर्ज लेकर की थी। कर्ज निपटाने की चिंता में पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई। अकेला पुत्र होने, घर खर्च व कर्जा निपटाने के लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। दिन रात मजदूरी करके वह गांव के एक व्यक्ति का ही कर्ज निपटा सका है। पत्र में कहा है कि गांव के ही एक साहूकार का तीन प्रतिशत ब्याज की दर से उस पर कर्ज है। मजदूरी करके वह साहूकार को 12480 रुपया प्रतिमाह देता है फिर भी उस पर जनवरी 22 तक चार लाख 16 हजार कर्ज बकाया है। कर्ज निपटाने के लिए भैंस बकरियों को बेचकर दिसंबर 2021 में साहूकार को 72450 रुपया कर्ज का निपटारा किया है। कर्ज के चलते वह अपनी छोटी बहन की शादी नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन
पत्र में उसने प्रधानमंत्री से 4,16,000 रुपये की मदद करने की अपील की है। जिससे वह कर्ज मुक्त होकर बहन की शादी कर सके और परिवार की कर्ज से जान बच सके। पत्र मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से तत्काल विस्तृत जानकारी मांगी गई है। तहसीलदार आनंद कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल को पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। पत्र लिखने वाले की जाति की जांच करने को भी कहा गया है। सत्य शरण का कहना है कि कर्ज चुकाने के लिए उसके पास केवल फरियाद करने का ही विकल्प था।
विज्ञापन