{"_id":"5d78f2608ebc3e93c02afa5e","slug":"pm-modi-speech-in-mathura-arround-lord-krishana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पीएम मोदी के भाषण में छाया रहा ब्रज, कान्हा की नगरी से दिया कृष्ण का उदाहरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम मोदी के भाषण में छाया रहा ब्रज, कान्हा की नगरी से दिया कृष्ण का उदाहरण
Thu, 12 Sep 2019 12:41 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 12 Sep 2019 12:41 AM IST
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
..सभी ब्रजवासीन कूं मेरी राधे-राधे। इस अद्भुत संबोधन के साथ शुरू हुए प्रधानमंत्री मोदी की जुबां ने कृष्ण और उनकी आल्हादिनी शक्ति राधा रानी को अपने पर्यावरण और गो-संवर्धन अभियान के केंद्र में खड़ा कर दिया। उनके द्वारा कृष्ण को विश्व का पर्यावरण का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत बताया तथा ब्रजवासियों के माध्यम से पूरे देश को इस अभियान से जोड़ने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और उनकी आल्हादिनी शक्ति श्री राधा रानी का स्मरण करते हुए ब्रजवासियों का राधे-राधे से अभिवादन किया। उन्होंने ब्रज की पावन पवित्र माटी को तो प्रणाम किया ही साथ ही भगवान श्रीकृष्ण को पर्यावरण का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत बताया।
वह बोले कि कालिंदी (यमुना) वेजयंती माला, मयूर पंख, बांसुरी, कदंब और फिर धेनु (गाय) के बिना कृष्ण अधूरे हैं इसीलिए वह पूरे विश्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रेरणा स्रोत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और उनकी आल्हादिनी शक्ति श्री राधा रानी का स्मरण करते हुए ब्रजवासियों का राधे-राधे से अभिवादन किया। उन्होंने ब्रज की पावन पवित्र माटी को तो प्रणाम किया ही साथ ही भगवान श्रीकृष्ण को पर्यावरण का सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत बताया।
विज्ञापन
वह बोले कि कालिंदी (यमुना) वेजयंती माला, मयूर पंख, बांसुरी, कदंब और फिर धेनु (गाय) के बिना कृष्ण अधूरे हैं इसीलिए वह पूरे विश्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रेरणा स्रोत हैं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने श्रीकृष्ण को प्रेरणा स्रोत बताने के बाद कहा कि क्या दूध दही माखन के बिना बाल गोपाल की कल्पना कोई कर सकता है? प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यावरण और पशुधन के बिना जितने अधूरे हमारे आराध्य नजर आते हैं उतना ही अधूरापन भारत में नजर आएगा।
पर्यावरण और पशुधन भारत के आर्थिक चिंतन का हिस्सा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा भाषण की शुरूआत ही ब्रजवासियों को दो दफा राधे-राधे के अभिवादन के साथ स्वागत किया तथा राधा-कृष्ण के माध्यम से सभी को गो-संवर्धन से जुड़ने को प्रेरित किया।
पर्यावरण और पशुधन भारत के आर्थिक चिंतन का हिस्सा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा भाषण की शुरूआत ही ब्रजवासियों को दो दफा राधे-राधे के अभिवादन के साथ स्वागत किया तथा राधा-कृष्ण के माध्यम से सभी को गो-संवर्धन से जुड़ने को प्रेरित किया।