प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: ई-केवाईसी करा दी, फिर भी नहीं आई 11वीं किस्त, क्या है कारण
मैनपुरी में लगभग 10 हजार किसानों को सम्मान निधि की 11वीं किस्त नहीं मिल पाई है। जबकि ये किसान केवाईसी करा चुके हैं। इसके बावजूद 11वीं किस्त क्यों नहीं आई, इसका कारण किसानों को पता नहीं चल पा रहा है।
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मैनपुरी जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त से वंचित लगभग 10 हजार किसान दर-दर भटक रहे हैं। उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं हो पा रही है कि आखिर उनकी सम्मान निधि किस कारण से रोकी गई है। अब 12वीं किस्त भी जल्द आने वाली है, ऐसे में उनकी चिंता जायज है। लेकिन कृषि विभाग उन्हें कोई उचित जवाब नहीं दे पा रहा है।
जिले में कुल 3.50 लाख के करीब किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकृत हैं। अब तक केंद्र सरकार से किसानों को अंतिम किस्त के रूप में 11वीं किस्त प्राप्त हुई है। ये 11वीं किस्त 3.20 लाख किसानों को प्राप्त हुई थी, जबकि 30 हजार किसान आधार मिस्मैच होने या अपात्र होने के चलते वंचित हो गए थे। इसमें से दस हजार किसान ऐसे हैं जिनके सभी अभिलेख पूर्ण होने के बाद भी उनकी सम्मान निधि की किस्त रोक दी गई थी।
इन किसानों ने अपनी ई-केवाईसी भी करा दी थी, इसके बाद भी उन्हें किस्त नहीं मिली। जब किसान कृषि विभाग में जानकारी करने के लिए पहुंचे तो यहां भी उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि सभी अभिलेख सही होने के बाद भी उनकी सम्मान निधि क्यों रोकी गई। इसके लिए वे दर-दर चक्कर लगा रहे हैं।
भूमि-मैपिंग के बाद आ सकती है किस्त
कृषि विभाग के अधिकारियों को ये तो नहीं पता कि आखिर सभी अभिलेख सही होने के बाद दस हजार किसानों की 11वीं किस्त क्यों रोकी गई। वहीं अब अधिकारियों का कहना है कि 11वीं किस्त के बाद भूमि की मैपिंग का काम शुरू हो गया था, जो अभी भी चल रहा है। ऐसे में मैपिंग के बाद ही किस्त आने की संभावना है।
केस एक
तहसील भोगांव क्षेत्र के गांव भवानी नगर निवासी संतोष कुमार का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकरण है। उन्हें केंद्र सरकार की ओर से सीधे खाते में दो-दो हजार रुपये की दस किस्तें भी प्राप्त हुईं। लेकिन 11वीं किस्त उन्हें नहीं मिली। जानकारी करने जब वे कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे तो यहां कर्मचारी किस्त न मिलने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सके।
केस दो
तहसील मैनपुरी क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी प्रदीप कुमार यादव को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दस किस्तें प्राप्त हुईं। इसके बाद उन्होंने ई-केवाईसी भी करा दी। लेकिन जब 11वीं किस्त आई तो उन्हें इससे वंचित कर दिया गया। ई-केवाईसी के बाद भी किस्त से वंचित होने पर वे कार्यालय में जानकारी करने पहुंचे, लेकिन कोई उचित जवाब नहीं मिल सका।
उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने कहा कि कुछ किसान ऐसे हैं, जिनकी 11वीं किस्त रुकी है, लेकिन किस कारण से रुकी है ये जानकारी नहीं हो पा रही है। शायद भू-मैपिंग के बाद इन किसानों को दोनों किस्तें एक साथ प्राप्त हो सकती हैं।