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पितरों को तृप्त करने के लिए लगाएं पौधे
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बाह। श्राद्ध पक्ष में तुलसी, पीपल, बरगद, बिल्वपत्र और अशोक के पौधे लगाने से पितरों की आत्मा को तृप्ति और मुक्ति मिलती है। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि पौधों का जितना संबंध देवों से है, उतना ही पितरों से भी है।
पीपल में देवताओं के साथ ही पितरों का भी वास होता है। इसलिए श्राद्ध पक्ष में पीपल का पौधा रोपना चाहिए। बरगद का पौधा लगाने से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है। इसे जल देने से व्यक्ति दीर्घायु होता है।
बरगद को साक्षी मान सीता ने राजा दशरथ के लिए पिंडदान किया था। अशोक का पौधा लगाने से पितृ प्रसन्न होते हैं। रोग व शोक का नाश होता है। पितरों को तृप्ति व मुक्ति मिलती है। बिल्वपत्र का पौधा लगाने से शिव के साथ पितरों की भी कृपा प्राप्त होती है। तुलसी लगाने और उसमें नियमित रूप से जल देने से भगवान विष्णु व पितृ प्रसन्न होते हैं।
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पीपल में देवताओं के साथ ही पितरों का भी वास होता है। इसलिए श्राद्ध पक्ष में पीपल का पौधा रोपना चाहिए। बरगद का पौधा लगाने से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है। इसे जल देने से व्यक्ति दीर्घायु होता है।
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बरगद को साक्षी मान सीता ने राजा दशरथ के लिए पिंडदान किया था। अशोक का पौधा लगाने से पितृ प्रसन्न होते हैं। रोग व शोक का नाश होता है। पितरों को तृप्ति व मुक्ति मिलती है। बिल्वपत्र का पौधा लगाने से शिव के साथ पितरों की भी कृपा प्राप्त होती है। तुलसी लगाने और उसमें नियमित रूप से जल देने से भगवान विष्णु व पितृ प्रसन्न होते हैं।
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