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अभी खुले में घूम रहे हैं सुअर, हादसे के बाद भी नहीं लिया सबक- 35 लाख खातें में लेकिन नहीं खरीदा गया कैटल कैचर
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कासगंज में बिलराम गेट क्षेत्र में खुले में घूमते सुअर ।
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। सुअरों के हमले से 10 नवंबर को एक बच्ची की मौत हो गई थी। इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी सबक नहीं लिया जा रहा है। अभी सुअर खुले में देखे जा सकते हैं। आवारा जानवरों को पकड़ने के लिए किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत में कैटल कैचर नहीं है।
जनपद में सुअर व अन्य आवारा जानवर खुले में घूम रहे हैं।
हालांकि पालकों को सुअर खुले में न छोड़ने के निर्देश दिए गए, लेकिन बाद भी कुछ लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इन्हें पकड़े जाने की योजना बनाई थी, लेकिन अभी तक न तो बाड़ा बना है और न ही कैटल कैचर पालिका या नगर पंचायत के पास है। कैटल कैचर के लिए 35 लाख रुपये खातों में हैं। जिनसे गंजडुंडवारा व कासगंज में कैटल कैचर की खरीद की जानी है। लेकिन अभी तक इसकी खरीद के लिए पालिकाएं गंभीर नहीं है।
सुअर के हमले का कोई शिकार न हो इसके लिए सुअर पालकों की सूची सफाई नायकों से बनवाई गईं। जिसमें 60 सुअर पालक चिह्नित हुए। सभी को नोटिस देकर अपने सुअरों को बाड़े में रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं कहा है कि सुअर बाड़े से बाहर बाजार, गली, मोहल्ले में खुला न घूमे। नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी लवकुश गुप्ता ने बताया कि सुअरों को बाड़े में न रखने पर सुअरों को पालिका के द्वारा पकड़वा लिया जाएगा। जिसका सुअर होगा उस सुअर पालक पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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जनपद में सुअर व अन्य आवारा जानवर खुले में घूम रहे हैं।
हालांकि पालकों को सुअर खुले में न छोड़ने के निर्देश दिए गए, लेकिन बाद भी कुछ लोग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इन्हें पकड़े जाने की योजना बनाई थी, लेकिन अभी तक न तो बाड़ा बना है और न ही कैटल कैचर पालिका या नगर पंचायत के पास है। कैटल कैचर के लिए 35 लाख रुपये खातों में हैं। जिनसे गंजडुंडवारा व कासगंज में कैटल कैचर की खरीद की जानी है। लेकिन अभी तक इसकी खरीद के लिए पालिकाएं गंभीर नहीं है।
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सुअर के हमले का कोई शिकार न हो इसके लिए सुअर पालकों की सूची सफाई नायकों से बनवाई गईं। जिसमें 60 सुअर पालक चिह्नित हुए। सभी को नोटिस देकर अपने सुअरों को बाड़े में रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं कहा है कि सुअर बाड़े से बाहर बाजार, गली, मोहल्ले में खुला न घूमे। नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी लवकुश गुप्ता ने बताया कि सुअरों को बाड़े में न रखने पर सुअरों को पालिका के द्वारा पकड़वा लिया जाएगा। जिसका सुअर होगा उस सुअर पालक पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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